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जमकर शराब पी थी सिपाही ने, गिरफ्तार करने गयी पुलिस टीम से भी भिड़ा
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स्पा सेंटर में काम करने वाली लड़कियों से दुष्कर्म करने के आरोपी हेड कांस्टेबल अनिल भारद्वाज को जब पुलिस टीम गिरफ्तार करने गई तो वह उनसे भिड़ गया और हाथापाई पर उतर आया था। वह शराब के नशे में धुत था। महकमे से जुड़ा होने के कारण पुलिस मामले को दबाए हुए थी। इस बाबत पुलिस अधिकारी अब भी खुलकर न तो सामने आ रहे हैं और न ही कुछ बोलना उचित समझ रहे हैं। पुलिस विभाग अभी तक यह भी नहीं बता पाया कि आखिर पश्चिम बंगाल की लड़कियों को पुलिस ने किस आरोप में उठाया था। शनिवार को सिपाही समेत तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
हरियाणा के रेवाड़ी में गुरुवार की देर रात रेवाड़ी पुलिस का हेड कांस्टेबल अनिल भारद्वाज, होमगार्ड जितेंद्र व उनका एक दोस्त धर्मेंद्र स्पा सेंटर में काम करने वाली दो लड़कियों के घर पहुंचे और उनको उठा लिया। तीनों ने रात में ही एक होटल में ले जाकर उनके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। पुलिस इस मामले को छिपाए हुए थी, लेकिन लड़कियों ने उसी रात तीनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई तो पुलिस विभाग सकते में आ गया। इसके बाद आनन-फानन में तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी हुई। साथ ही पुलिस अधीक्षक ने हेड कांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया और दो अन्य आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। तीनों जब लड़कियों को लेने पहुंचे तो वे पीसीआर में थे इसलिए पुलिस की गाड़ी देख कर कालोनी वालों ने भी कोई आपत्ति नहीं की। पुलिस ने तीनों आरोपियों को शनिवार शाम चार बजे मीडिया से बचाते हुए अदालत में पेश किया। पुलिस ने आरोपियों के रिमांड की मांग नहीं की इसलिए कोर्ट ने उन्हें गुरुग्राम जिले की भोंडसी जेल भेज दिया। इससे पहले पुलिस ने तीनों आरोपियों का मेडिकल गुपचुप तरीके से करवा लिया।
पुलिस ने रेवाड़ी के मॉडल टाउन थाने में तैनात आरोपी हेड कांस्टेबल अनिल, होमगार्ड जितेंद्र व उनके तीसरे साथी को शुक्रवार शाम को गिरफ्तार किया था। कानूनी जानकारों के मुताबिक रिमांड न मांगने का मतलब है कि आरोपियों से पूछताछ पूरी हो चुकी है और पुलिस ने केस की सारी कड़ियां जोड़ ली हैं। मसलन आरोपियों से वारदात में इस्तेमाल प्राइवेट गाड़ी बरामद की जा चुकी है, होटल स्टाफ से आरोपियों की शिनाख्त करवाई जा चुकी है। दुष्कर्म जैसे संगीन अपराध में तीन आरोपियों से महज 24 घंटे में पूछताछ पूरी कर लेने वाली रेवाड़ी पुलिस की भूमिका इसलिए भी सवालों के घेरे में है क्योंकि उसका कोई अधिकारी इस मुद्दे पर कुछ भी बताने को तैयार नहीं है। पुलिस अधिकारी यह भी नहीं बता रहे हैं कि इस केस में किस आरोपी का क्या रोल रहा।
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हरियाणा के रेवाड़ी में गुरुवार की देर रात रेवाड़ी पुलिस का हेड कांस्टेबल अनिल भारद्वाज, होमगार्ड जितेंद्र व उनका एक दोस्त धर्मेंद्र स्पा सेंटर में काम करने वाली दो लड़कियों के घर पहुंचे और उनको उठा लिया। तीनों ने रात में ही एक होटल में ले जाकर उनके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। पुलिस इस मामले को छिपाए हुए थी, लेकिन लड़कियों ने उसी रात तीनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई तो पुलिस विभाग सकते में आ गया। इसके बाद आनन-फानन में तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी हुई। साथ ही पुलिस अधीक्षक ने हेड कांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया और दो अन्य आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। तीनों जब लड़कियों को लेने पहुंचे तो वे पीसीआर में थे इसलिए पुलिस की गाड़ी देख कर कालोनी वालों ने भी कोई आपत्ति नहीं की। पुलिस ने तीनों आरोपियों को शनिवार शाम चार बजे मीडिया से बचाते हुए अदालत में पेश किया। पुलिस ने आरोपियों के रिमांड की मांग नहीं की इसलिए कोर्ट ने उन्हें गुरुग्राम जिले की भोंडसी जेल भेज दिया। इससे पहले पुलिस ने तीनों आरोपियों का मेडिकल गुपचुप तरीके से करवा लिया।
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पुलिस ने रेवाड़ी के मॉडल टाउन थाने में तैनात आरोपी हेड कांस्टेबल अनिल, होमगार्ड जितेंद्र व उनके तीसरे साथी को शुक्रवार शाम को गिरफ्तार किया था। कानूनी जानकारों के मुताबिक रिमांड न मांगने का मतलब है कि आरोपियों से पूछताछ पूरी हो चुकी है और पुलिस ने केस की सारी कड़ियां जोड़ ली हैं। मसलन आरोपियों से वारदात में इस्तेमाल प्राइवेट गाड़ी बरामद की जा चुकी है, होटल स्टाफ से आरोपियों की शिनाख्त करवाई जा चुकी है। दुष्कर्म जैसे संगीन अपराध में तीन आरोपियों से महज 24 घंटे में पूछताछ पूरी कर लेने वाली रेवाड़ी पुलिस की भूमिका इसलिए भी सवालों के घेरे में है क्योंकि उसका कोई अधिकारी इस मुद्दे पर कुछ भी बताने को तैयार नहीं है। पुलिस अधिकारी यह भी नहीं बता रहे हैं कि इस केस में किस आरोपी का क्या रोल रहा।
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