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Rewari News: आयुष्मान कार्ड बनाने के मामले में रेवाड़ी प्रदेश में पहले स्थान पर
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डॉ. विशाल राव, नोडल अधिकारी, आयुष्मान कार्ड।
रेवाड़ी। जिले में लक्ष्य के मुकाबले 92.41 प्रतिशत पात्र लाभार्थियों ने आयुष्मान कार्ड बनवा लिए गए हैं। कुल 3,97,686 आयुष्मान कार्ड बनने थे। इनमें से अब तक 3,74,740 कार्ड बन चुके हैं। इस हिसाब से कार्ड बनवाने के मामले में जिला रेवाड़ी प्रदेश में पहले स्थान पर है। हालांकि अभी जिले में 22,946 कार्ड बनने हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से लंबित कार्ड बनवाने के लिए आशा वर्कर के माध्यम से सर्वे करवाया जा रहा है।
लोगों की सुविधा के लिए आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए ऑनलाइन सुविधा भी दी गई है। इसके लिए मोबाइल के प्ले स्टोर से पीएमजे एप डाउनलोड करना होगा। इसमें लॉगइन में जाकर बेनिफिशरी पर क्लिक कर अपना मोबाइल नंबर दर्ज कराने के बाद मांगी गई जानकारी भरते हुए कार्ड बनवा सकते हैं। लाभार्थी स्वयं या अपने सहायता कर्ता के माध्यम से वेबसाइट पर जाकर भी आवेदन कर सकते हैं। अगर परिवार आयुष्मान योजना की पात्रता रखता है तो परिवार के समस्त सदस्यों की सूची खुल जाएगी, जिस व्यक्ति का कार्ड बनना है उस सदस्य के सामने दिए गए आइकन पर क्लिक करें। आधार संख्या अंकित कर वेरिफाई पर क्लिक करते हुए आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
23 अस्पतालों में करवा सकते हैं निशुल्क इलाज
आयुष्मान कार्ड धारकों के इलाज के लिए 23 अस्पताल को शामिल किया गया है। इनमें रेवाड़ी नागरिक अस्पताल और कोसली अस्पताल भी हैं। सरकार की ओर से तय किए गए 23 अस्पतालों में इलाज कराया जा सकता है। आयुष्मान के अंतर्गत पांच लाख का इलाज हो सकता है।
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सबसे नीचे पायदान में पहुंचा जींद
जिले का नाम-- कुल लाभार्थी-- आयुष्मान कार्ड बने-- प्रतिशत
रेवाड़ी-- 3,97,686-- 3,74,740 -- 94.23
महेंद्रगढ़-- 4,88,529-- 4,49,944-- 92.10
हिसार-- 9,99,497-- 8,98,017-- 89.85
कुरुक्षेत्र-- 5,46,890-- 4,87,510-- 89.14
यमुनानगर-- 7,06,198-- 6,29,099-- 89.08
चरखीदादरी-- 2,61,664-- 2,32,118-- 88.71
भिवानी-- 6,70,957-- 5,93,043-- 88.39
करनाल-- 8,20,668-- 7,29,140-- 88.85
फतेहाबाद-- 5,52,493-- 4,82,316-- 87.30
जींद-- 7,17,666-- 6,24,284-- 86.99
(स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त 29 जनवरी तक का विवरण)
उपायुक्त के निर्देश और सिविल सर्जन के मार्ग दर्शन में कार्ड बनाने के कार्य में विभिन्न माध्यम से तेजी लाई गई थी। लाभार्थियों को कार्ड बनवाने के प्रति प्रेरित किया जा रहा है। इसके साथ ही सर्वेक्षण कर लंबित लाभार्थियों के कारण भी ढूंढ रहे हैं। लोगों को बता रहे हैं कि जब तक आयुष्मान कार्ड नहीं बनवा लेते तब तक स्वास्थ्य लाभ नहीं मिल सकेगा।
-डॉ. विशाल यादव, उप सिविल सर्जन और नोडल अधिकारी, आयुष्मान योजना
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लोगों की सुविधा के लिए आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए ऑनलाइन सुविधा भी दी गई है। इसके लिए मोबाइल के प्ले स्टोर से पीएमजे एप डाउनलोड करना होगा। इसमें लॉगइन में जाकर बेनिफिशरी पर क्लिक कर अपना मोबाइल नंबर दर्ज कराने के बाद मांगी गई जानकारी भरते हुए कार्ड बनवा सकते हैं। लाभार्थी स्वयं या अपने सहायता कर्ता के माध्यम से वेबसाइट पर जाकर भी आवेदन कर सकते हैं। अगर परिवार आयुष्मान योजना की पात्रता रखता है तो परिवार के समस्त सदस्यों की सूची खुल जाएगी, जिस व्यक्ति का कार्ड बनना है उस सदस्य के सामने दिए गए आइकन पर क्लिक करें। आधार संख्या अंकित कर वेरिफाई पर क्लिक करते हुए आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
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23 अस्पतालों में करवा सकते हैं निशुल्क इलाज
आयुष्मान कार्ड धारकों के इलाज के लिए 23 अस्पताल को शामिल किया गया है। इनमें रेवाड़ी नागरिक अस्पताल और कोसली अस्पताल भी हैं। सरकार की ओर से तय किए गए 23 अस्पतालों में इलाज कराया जा सकता है। आयुष्मान के अंतर्गत पांच लाख का इलाज हो सकता है।
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सबसे नीचे पायदान में पहुंचा जींद
जिले का नाम
रेवाड़ी
महेंद्रगढ़
हिसार
कुरुक्षेत्र
यमुनानगर
चरखीदादरी
भिवानी
करनाल
फतेहाबाद
जींद
(स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त 29 जनवरी तक का विवरण)
उपायुक्त के निर्देश और सिविल सर्जन के मार्ग दर्शन में कार्ड बनाने के कार्य में विभिन्न माध्यम से तेजी लाई गई थी। लाभार्थियों को कार्ड बनवाने के प्रति प्रेरित किया जा रहा है। इसके साथ ही सर्वेक्षण कर लंबित लाभार्थियों के कारण भी ढूंढ रहे हैं। लोगों को बता रहे हैं कि जब तक आयुष्मान कार्ड नहीं बनवा लेते तब तक स्वास्थ्य लाभ नहीं मिल सकेगा।
-डॉ. विशाल यादव, उप सिविल सर्जन और नोडल अधिकारी, आयुष्मान योजना