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स्कूल अपग्रेडेशन की घोषणा के बाद लेटर हाथ आया तो राजगढ़ की बेटियों के सपनों को लगे पंख
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 02 Jun 2017 12:55 AM IST
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ग्रामीणों और छात्राओं के चेहरे खुशी से चमक उठे।
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स्कूल अपग्रेड होने के बाद भी धरने पर बैठीं राजगढ़ की बेटियों के आंसू वीरवार शाम को उस समय छलक आए जब जनस्वास्थ्य मंत्री लेटर लेकर धरनास्थल पर पहुंचे।
मंत्री के पहुंचते ही ग्रामीणों ने जयकारे लगाकर उनका स्वागत किया। लोगों ने खड़े होकर मंत्री और उनके साथ आए काफिले का स्वागत किया। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी राज्यमंत्री डॉ. बनवारीलाल ने छात्राओं को जूस पिलाकर धरना समाप्त किया और उनको स्कूल अपग्रेड करने का लेटर पकड़ाया। 13 दिन से चल रहा धरना समाप्त होते ही ग्रामीणों और छात्राओं के चेहरे खुशी से चमक उठे।
इससे पूर्व बुधवार शाम सरकार की तरफ से प्रदेश के 122 स्कूलों को अपग्रेड करने की घोषणा की गई थी। राजगढ़ की बालिकाएं लेटर आने पर ही धरना समाप्त करने की जिद पर अड़ी थीं। राजगढ़ में स्कूल अपग्रेड करने की मांग को लेकर छात्राएं 20 मई से स्कूल के सामने धरने पर बैठीं थीं। उनके साथ ग्रामीण भी इस धरने में शामिल थे। तेज गर्मी और बारिश भी इन छात्राओं के हौसले को डिगा नहीं सकी।
तेज गर्मी के बीच कई छात्राएं और ग्रामीणों की तबीयत भी खराब हुई थी लेकिन सभी स्कूल अपग्रेड होने पर ही धरना समाप्त करने की मांग पर अड़े रहे। इससे पहले स्कूल में 111 छात्र संख्या थी। छात्राओं की ओर से धरने की सूचना पर 21 मई को जनस्वास्थ्य राज्यमंत्री डॉ. बनवारीलाल छात्राओं के बीच पहुंचे। उन्होंने कहा कि अगर स्कूल में निर्धारित 150 की संख्या पूरी हो जाती है तो स्कूल अपग्रेड कर दिया जाएगा। बस फिर क्या था। ग्रामीण संख्या पूरी करने में जुट गए और उन्होंने यह संख्या 151 कर दी।
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औपचारिकता में देर हुई लेकिन मांग पूरी की : मंत्री
जनस्वास्थ्य राज्यमंत्री डॉ. बनवारीलाल ने कहा कि कुछ औपचारिकताएं पूरी होने में थोड़ी देर हुई लेकिन गांव की मांग पूरी हो गई है। प्रदेश सरकार ने विश्वविद्यालयों और व्यावसायिक महाविद्यालयों की छात्राओं के लिए नि:शुल्क बस पास का दायरा 60 से बढ़ाकर 150 किलोमीटर कर दिया है। लड़कियों को उच्च शिक्षा के लिए कठिनाई न हो। परिवहन विभाग की तरफ से करीब 100 मार्गों पर केवल छात्राओं के लिए उनके घर से शिक्षण संस्थानों तक लाने और ले जाने के लिए बसें चलाई जा रही हैं। भाजपा जिलाध्यक्ष योगेंद्र पालीवाल ने कहा कि भाजपा सरकार शिक्षा पर विशेषकर लड़कियों की शिक्षा पर बहुत ध्यान दे रही है।
गर्मी में बेहाल रहे बच्चे
राजगढ़ गांव विकास की दृष्टि से भी पिछड़ा है। गांव में पानी की बेहद किल्लत है। लोगों को खरीदकर पानी पीना पड़ता है। धरनास्थल पर ग्रामीण प्रतिदिन खुद के पैसे से टैंकर मंगवाते। वहीं बिजली की भी बड़ी समस्या रहती है। मुश्किल से दिन में तीन से चार घंटे ही ग्रामीणों को बिजली मिल पाती है। गांव की अधिकांश फिरनी भी कच्ची है।
अंतिम छोर पर है गांव
राजगढ़ गांव हरियाणा के अंतिम छोर पर राजस्थान की सीमा पर बसा है। गांव में 10वीं तक का स्कूल था। आगे की पढ़ाई के लिए छात्राओं को 10 किलोमीटर दूर बालावास जाना पड़ता था। कई छात्राएं रेवाड़ी या बावल पढ़ने जाती थी। इतनी दूर पढ़ने के लिए भेजने में कई मां-बाप कतराते थे। बहुत सी लड़कियां दसवीं के बाद पढ़ाई से वंचित रह जाती थीं। राजगढ़ के स्कूल को अपग्रेड कराने की मांग लंबे समय से चली आ रही है। केवल आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिल रहा था। आखिर छात्राओं को संघर्ष का रास्ता चुनना पड़ा। इसी मांग को लेकर वे 20 मई को धरने पर बैठ गई।
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मंत्री के पहुंचते ही ग्रामीणों ने जयकारे लगाकर उनका स्वागत किया। लोगों ने खड़े होकर मंत्री और उनके साथ आए काफिले का स्वागत किया। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी राज्यमंत्री डॉ. बनवारीलाल ने छात्राओं को जूस पिलाकर धरना समाप्त किया और उनको स्कूल अपग्रेड करने का लेटर पकड़ाया। 13 दिन से चल रहा धरना समाप्त होते ही ग्रामीणों और छात्राओं के चेहरे खुशी से चमक उठे।
इससे पूर्व बुधवार शाम सरकार की तरफ से प्रदेश के 122 स्कूलों को अपग्रेड करने की घोषणा की गई थी। राजगढ़ की बालिकाएं लेटर आने पर ही धरना समाप्त करने की जिद पर अड़ी थीं। राजगढ़ में स्कूल अपग्रेड करने की मांग को लेकर छात्राएं 20 मई से स्कूल के सामने धरने पर बैठीं थीं। उनके साथ ग्रामीण भी इस धरने में शामिल थे। तेज गर्मी और बारिश भी इन छात्राओं के हौसले को डिगा नहीं सकी।
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तेज गर्मी के बीच कई छात्राएं और ग्रामीणों की तबीयत भी खराब हुई थी लेकिन सभी स्कूल अपग्रेड होने पर ही धरना समाप्त करने की मांग पर अड़े रहे। इससे पहले स्कूल में 111 छात्र संख्या थी। छात्राओं की ओर से धरने की सूचना पर 21 मई को जनस्वास्थ्य राज्यमंत्री डॉ. बनवारीलाल छात्राओं के बीच पहुंचे। उन्होंने कहा कि अगर स्कूल में निर्धारित 150 की संख्या पूरी हो जाती है तो स्कूल अपग्रेड कर दिया जाएगा। बस फिर क्या था। ग्रामीण संख्या पूरी करने में जुट गए और उन्होंने यह संख्या 151 कर दी।
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औपचारिकता में देर हुई लेकिन मांग पूरी की : मंत्री
जनस्वास्थ्य राज्यमंत्री डॉ. बनवारीलाल ने कहा कि कुछ औपचारिकताएं पूरी होने में थोड़ी देर हुई लेकिन गांव की मांग पूरी हो गई है। प्रदेश सरकार ने विश्वविद्यालयों और व्यावसायिक महाविद्यालयों की छात्राओं के लिए नि:शुल्क बस पास का दायरा 60 से बढ़ाकर 150 किलोमीटर कर दिया है। लड़कियों को उच्च शिक्षा के लिए कठिनाई न हो। परिवहन विभाग की तरफ से करीब 100 मार्गों पर केवल छात्राओं के लिए उनके घर से शिक्षण संस्थानों तक लाने और ले जाने के लिए बसें चलाई जा रही हैं। भाजपा जिलाध्यक्ष योगेंद्र पालीवाल ने कहा कि भाजपा सरकार शिक्षा पर विशेषकर लड़कियों की शिक्षा पर बहुत ध्यान दे रही है।
गर्मी में बेहाल रहे बच्चे
राजगढ़ गांव विकास की दृष्टि से भी पिछड़ा है। गांव में पानी की बेहद किल्लत है। लोगों को खरीदकर पानी पीना पड़ता है। धरनास्थल पर ग्रामीण प्रतिदिन खुद के पैसे से टैंकर मंगवाते। वहीं बिजली की भी बड़ी समस्या रहती है। मुश्किल से दिन में तीन से चार घंटे ही ग्रामीणों को बिजली मिल पाती है। गांव की अधिकांश फिरनी भी कच्ची है।
अंतिम छोर पर है गांव
राजगढ़ गांव हरियाणा के अंतिम छोर पर राजस्थान की सीमा पर बसा है। गांव में 10वीं तक का स्कूल था। आगे की पढ़ाई के लिए छात्राओं को 10 किलोमीटर दूर बालावास जाना पड़ता था। कई छात्राएं रेवाड़ी या बावल पढ़ने जाती थी। इतनी दूर पढ़ने के लिए भेजने में कई मां-बाप कतराते थे। बहुत सी लड़कियां दसवीं के बाद पढ़ाई से वंचित रह जाती थीं। राजगढ़ के स्कूल को अपग्रेड कराने की मांग लंबे समय से चली आ रही है। केवल आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिल रहा था। आखिर छात्राओं को संघर्ष का रास्ता चुनना पड़ा। इसी मांग को लेकर वे 20 मई को धरने पर बैठ गई।