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अभी राशनिंग, बाद में हो सकता है जल संकट
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 03 Dec 2016 01:34 AM IST
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रेवाड़ी के जलघरों में समय पर नहरी पानी नहीं आने से शहर में जल संकट पैदा हो सकता है। इन जलघरों में केवल दो ही दिन का पानी बचा है। ऐसे में अगर नहरी पानी नहीं आया तो नोटबंदी की समस्या से जूझ रहे शहरवासियों को पानी की समस्या से भी दो-चार होना पड़ सकता है। वर्तमान में पहले से ही जनस्वास्थ्य विभाग राशनिंग से पानी दे रहा है।
शहर में पानी सप्लाई के लिए कालका और लिसाना दो जलघर हैं। दोनों जलघरों में जेएलएन नहर से पानी आता है। शहर की करीब दो लाख आबादी को पेयजल आपूर्ति के लिए प्रतिदिन दो करोड़ चालीस लाख लीटर पानी की आवश्यकता पड़ती है। पिछले तीन दिन से विभाग राशनिंग कर लोगों का काम चला रहा है। कालका गांव स्थित जल घर के पांच टैंक में से चार पूरी तरह से सूख चुके हैं, जिसके चलते हालात बिगड़ सकते हैं। यह पहली बार नहीं है जब नहरी पानी आने के कारण लोगों का पेयजल संकट झेलना पड़ रहा है। हर दो-तीन महीने बाद इस तरह की स्थिति बनती रहती है। इधर सिंचाई विभाग का दावा है कि खुबडू हैड से तीन दिसंबर को पानी छोड़ा जाएगा। पानी को रेवाड़ी पहुंचने में दो दिन का समय लग सकता है जबकि नहर में पानी तीस नवंबर तक आना था।
12 दिन ही मिल सका पानी
शहर के लोगों की पेयजल एवं रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए एक मात्र विकल्प नहरी पानी है। जिले में नहरी पानी से सिंचाई की बजाय केवल पेयजल की आपूर्ति भी ठीक ढंग से नहीं हो पाती है। जिले को जेएलएन नहर से महीने में पंद्रह दिन पानी देने के लिए निर्धारित किया गया है। बीते दिनों सिंचाई विभाग ने नहर में डैड बॉडी होने की बात कहकर शहर में केवल 13 दिन ही पानी सप्लाई की। इसके चलते लोगों के सामने जल संकट गहरा गया है। इसके साथ पानी का फ्लो भी पहले के मुकाबले कम रहा। यदि 15 दिन सुचारु पानी चलता है तो पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट अगले 15 दिनों के कालका और लिसान स्थिल जलघर में पानी एकत्रित कर सप्लाई व्यवस्था को सुचारु रखता।
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दो दिन ही हो सकेगी सप्लाई
शहर के 31 वार्डों में पेयजल जल उपलब्ध कराने का जिम्मा कालका और लिसाना जलघरों का है। दो तिहाई हिस्से को कालका जल घर से सप्लाई की जाती है। कालका स्थित तीन प्लांट से प्रतिदिन 17 एमएलडी पानी और लिसाना से सात एमएलडी पानी की सप्लाई की जाती है। इस हिसाब से शहर में पानी की पूर्ति करने के लिए दो करोड़ चालीस लाख लीटर पानी आवश्यकता प्रतिदिन होती है। अब बचे पानी को आधे-आधे शहर को दो दिन सप्लाई किया जा सकता है।
आपात स्थिति के लिए टैंकर तैयार
जल स्वास्थ्य शहर में पानी की व्यवस्था सुचारु रखने के लिए दिन-रात लगा हुआ है। जिन जगहों पर पानी सप्लाई नहीं हो रही है, यदि ऐसी जगहों पर आपात स्थिति आती है तो पानी टैंकर से सप्लाई करने की व्यवस्था की जा रही है। इसी के साथ यदि किसी के घर में शादी या अन्य कोई प्रोग्राम है तो पानी के टैंकर मंगाने के लिए विभाग ने हेल्प लाइन नंबर दिया है। विभाग की तरफ से जारी 9467580461 पर कॉल कर शिकायत और टैंकर मंगाया जा सकता है।
पब्लिक हेल्थ विभाग राशनिंग करने के साथ टैंकर से पानी भेजने के लिए दिनरात लगा हुआ है। नहर में पानी नहीं आने के चलते स्थिति ऐसी हुई है। उम्मीद है कि चार दिसंबर तक नहर में पानी आ जाएगा। - अशोक डागर, कनिष्ठ अभियंता, पब्लिक हेल्थ
शहर में पानी सप्लाई के लिए कालका और लिसाना दो जलघर हैं। दोनों जलघरों में जेएलएन नहर से पानी आता है। शहर की करीब दो लाख आबादी को पेयजल आपूर्ति के लिए प्रतिदिन दो करोड़ चालीस लाख लीटर पानी की आवश्यकता पड़ती है। पिछले तीन दिन से विभाग राशनिंग कर लोगों का काम चला रहा है। कालका गांव स्थित जल घर के पांच टैंक में से चार पूरी तरह से सूख चुके हैं, जिसके चलते हालात बिगड़ सकते हैं। यह पहली बार नहीं है जब नहरी पानी आने के कारण लोगों का पेयजल संकट झेलना पड़ रहा है। हर दो-तीन महीने बाद इस तरह की स्थिति बनती रहती है। इधर सिंचाई विभाग का दावा है कि खुबडू हैड से तीन दिसंबर को पानी छोड़ा जाएगा। पानी को रेवाड़ी पहुंचने में दो दिन का समय लग सकता है जबकि नहर में पानी तीस नवंबर तक आना था।
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12 दिन ही मिल सका पानी
शहर के लोगों की पेयजल एवं रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए एक मात्र विकल्प नहरी पानी है। जिले में नहरी पानी से सिंचाई की बजाय केवल पेयजल की आपूर्ति भी ठीक ढंग से नहीं हो पाती है। जिले को जेएलएन नहर से महीने में पंद्रह दिन पानी देने के लिए निर्धारित किया गया है। बीते दिनों सिंचाई विभाग ने नहर में डैड बॉडी होने की बात कहकर शहर में केवल 13 दिन ही पानी सप्लाई की। इसके चलते लोगों के सामने जल संकट गहरा गया है। इसके साथ पानी का फ्लो भी पहले के मुकाबले कम रहा। यदि 15 दिन सुचारु पानी चलता है तो पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट अगले 15 दिनों के कालका और लिसान स्थिल जलघर में पानी एकत्रित कर सप्लाई व्यवस्था को सुचारु रखता।
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दो दिन ही हो सकेगी सप्लाई
शहर के 31 वार्डों में पेयजल जल उपलब्ध कराने का जिम्मा कालका और लिसाना जलघरों का है। दो तिहाई हिस्से को कालका जल घर से सप्लाई की जाती है। कालका स्थित तीन प्लांट से प्रतिदिन 17 एमएलडी पानी और लिसाना से सात एमएलडी पानी की सप्लाई की जाती है। इस हिसाब से शहर में पानी की पूर्ति करने के लिए दो करोड़ चालीस लाख लीटर पानी आवश्यकता प्रतिदिन होती है। अब बचे पानी को आधे-आधे शहर को दो दिन सप्लाई किया जा सकता है।
आपात स्थिति के लिए टैंकर तैयार
जल स्वास्थ्य शहर में पानी की व्यवस्था सुचारु रखने के लिए दिन-रात लगा हुआ है। जिन जगहों पर पानी सप्लाई नहीं हो रही है, यदि ऐसी जगहों पर आपात स्थिति आती है तो पानी टैंकर से सप्लाई करने की व्यवस्था की जा रही है। इसी के साथ यदि किसी के घर में शादी या अन्य कोई प्रोग्राम है तो पानी के टैंकर मंगाने के लिए विभाग ने हेल्प लाइन नंबर दिया है। विभाग की तरफ से जारी 9467580461 पर कॉल कर शिकायत और टैंकर मंगाया जा सकता है।
पब्लिक हेल्थ विभाग राशनिंग करने के साथ टैंकर से पानी भेजने के लिए दिनरात लगा हुआ है। नहर में पानी नहीं आने के चलते स्थिति ऐसी हुई है। उम्मीद है कि चार दिसंबर तक नहर में पानी आ जाएगा। - अशोक डागर, कनिष्ठ अभियंता, पब्लिक हेल्थ