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पेंशन और सेलरी के हकदार नहीं हमारे 90 विधायक!
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 24 Aug 2016 12:42 AM IST
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पेंशन
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रेवाड़ी जिले की सिविल कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है, जिसमें राज्य के 90 विधायकों को पेंशन व सेलरी का हकदार नहीं होने का दावा किया गया है। डाली याचिका में राज्यपाल, विधायकों समेत 95 लोगों को पार्टी बनाया गया है। मामले में सिविल कोर्ट ने आगामी तारीख 13 सितंबर लगाते हुए दस्ती सम्मन कर दिया है।
रेवाड़ी के नया गांव निवासी सतबीर सिंह ने मंगलवार को सिविल जज पवन कुमार की कोर्ट में याचिका दायर करते हुए दावा किया कि राज्य के सभी 90 विधायक सरकारी वेतन, पेंशन और अन्य सुविधाओं को पाने के हकदार नहीं है। कारण बताते हुए कहा कि विधायक चंदा लेकर चुनाव लड़ते हैं। यह कोई नौकरी नहीं है, जिसके एवज में वेतन या पेंशन मिले। वहीं सतबीर सिंह यह भी दावा करते हैं कि पांच साल के वेतन से ज्यादा रुपये चुनाव में खर्च होता है। साथ ही डाली गई याचिका में जिक्र किया है कि जीते प्रत्याशी को वेतन व सुविधाएं मिलती हैं। जबकि लगभग उतना ही खर्च करने वाले हारे प्रत्याशी को कुछ नहीं मिलता। ऐसे में यह सट्टे की तरह प्रतीत होता है। वहीं राज्यपाल, वित्तीय सचिव, चीफ सेक्रेट्री हरियाणा, स्पीकर विधान सभा को भी मामले में पार्टी बनाया गया है। मामले में याचिका स्वीकार करते हुए सिविल कोर्ट ने दस्ती सम्मन जारी किया है।
रेवाड़ी के नया गांव निवासी सतबीर सिंह ने मंगलवार को सिविल जज पवन कुमार की कोर्ट में याचिका दायर करते हुए दावा किया कि राज्य के सभी 90 विधायक सरकारी वेतन, पेंशन और अन्य सुविधाओं को पाने के हकदार नहीं है। कारण बताते हुए कहा कि विधायक चंदा लेकर चुनाव लड़ते हैं। यह कोई नौकरी नहीं है, जिसके एवज में वेतन या पेंशन मिले। वहीं सतबीर सिंह यह भी दावा करते हैं कि पांच साल के वेतन से ज्यादा रुपये चुनाव में खर्च होता है। साथ ही डाली गई याचिका में जिक्र किया है कि जीते प्रत्याशी को वेतन व सुविधाएं मिलती हैं। जबकि लगभग उतना ही खर्च करने वाले हारे प्रत्याशी को कुछ नहीं मिलता। ऐसे में यह सट्टे की तरह प्रतीत होता है। वहीं राज्यपाल, वित्तीय सचिव, चीफ सेक्रेट्री हरियाणा, स्पीकर विधान सभा को भी मामले में पार्टी बनाया गया है। मामले में याचिका स्वीकार करते हुए सिविल कोर्ट ने दस्ती सम्मन जारी किया है।
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