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रेवाड़ी डिपो को मिलेंगी 30 नई बसें, डेढ़ साल से बंद मार्गों पर संचालन होगा शुरू

Sun, 29 Aug 2021 11:05 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 29 Aug 2021 11:05 PM IST
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Rewari depot will get 30 new buses, will start operating on closed routes for one and a half year
हरियाणा रोडवेज की बस। - फोटो : Rewari
रेवाड़ी। बसों की कमी से जूझ रहे रेवाड़ी डिपो और जिले की जनता के लिए राहत की खबर है। जल्द ही रेवाड़ी डिपो के बेड़े में 30 नई बसें शामिल हो जाएंगी। इससे डेढ़ साल से बंद रूटों पर बसों के संचालन की उम्मीद की जा सकती है।
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बता दें कि कोरोना काल में परिवहन विभाग ने जिले के कई रूटों पर बसें बंद कर चुका है। वहीं कई रूटों पर बसों की संख्या जरूरत के हिसाब से बहुत कम हैं। बसों की बॉडी गुरुग्राम में तैयार हो रही हैं। दो बसों को चेचिस बनकर भी तैयार हो गई है। सितंबर में इन बसों के मार्ग आने की उम्मीद है। रोडवेज के बेड़े में नई बसें शामिल होने से यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी। जिले के कई गांव ऐसे हैं जहां से प्रतिदिन सैकड़ों विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करने के लिए शहर आते हैं। बावजूद इसके परिवहन विभाग द्वारा इन रूटों पर बसों का संचालन शुरू नहीं किया गया है। जिले के गांव कतोपुरी, काकर कुतीना, चितांडुगरा, अलावलपुर, आईजीयू स्पेशल बस, जाट- जाटी, बहाला व बेरली सहित कई रूट ऐसे हैं जहां पर एक भी रोडवेज बस का संचालन नहीं हो रहा है।
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रेवाड़ी डिपो में 151 से बढ़कर 181 हो जाएगी बसों की संख्या
फिलहाल रेवाड़ी डिपो में 151 बसें हैं। इनमें से किलोमीटर स्कीम के तहत शामिल 26 बसें विभिन्न रूटों पर चल रही हैं। 30 नई बसें मिलने के बाद रेवाड़ी डिपो में बसों की संख्या 181 हो जाएगी। बसों की कमी के कारण यात्रियों को रोडवेज की बेहतर सर्विस नहीं मिल पा रही है। बसों की कमी के कारण कई लंबे रूट व लोकल रूटों पर बसें नहीं चल रही हैं। नई बसें आने से ग्रामीण रूटों पर भी अधिक बसें उपलब्ध होंगी। इसमें लंबे रूटों पर नई और ग्रामीण रूटों पर पुरानी बसों को चलाने की योजना है। परिवहन विभाग को उम्मीद है कि नई बसें आने से यात्रियों की संख्या में भी बढ़ोतरी होगी। बता दें कि रोडवेज कर्मचारी यूनियन बार-बार सरकार से बसों की संख्या बढ़ाने की मांग कर रहा था। ताकि आम यात्री को बस समय पर मिले और उसकी यात्रा सुविधापूर्ण हो। इधर पिछले कुछ महीनों से शाम के समय बसों न मिलने की यात्री शिकायतें कर रहे थे। इस समय हालात ऐसे हो गए हैं कि परिवहन विभाग से ज्यादा प्राइवेट बसें सड़कों पर दौड़ रही हैं।
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अगले साल 19 बसें होगी खराब
स्थानीय डिपो में लगातार बसों की संख्या कम हो रही है। विभाग के पास 150 बसों से घटकर 126 बसें ही रह गई हैं। गत माह 7 बसों की आयु 10 वर्ष पूरी होने पर उन्हें खराब घोषित कर दिया है। वहीं पिछले वर्ष भी 10 बसों की आयु सीमा पूरी होने पर उन्हें खराब घोषित कर दिया जाएगा। इस बसों में से 19 बसें अगले वर्ष के शुरुआत में आयु सीमा पूरी होने के बाद खराब घोषित कर दी जाएंगी। इन सभी बसों को दो साल का एक्सटेंशन मिला हुआ है। वहीं पिछले कई वर्षों से विभाग को कोई नहीं बस नहीं मिली है। ऐसे में यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही हैं। यात्रियों को रोडवेज बसों की कमी के चलते के प्राइवेट वाहनों में जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है।
पहले आठ साल चल पाती थी बसें
इससे पहले रोडवेज बसों को आठ साल चलने के बाद खराब घोषित किया जाता था। लेकिन बसों की कमी के चलते सभी बसों को दो साल अतिरिक्त संचालन बढ़ाना पड़ा था। पुरानी होने के कारण आए दिन बसों में कोई न कोई खराबी आती रहती है। पुरानी बसें कई बार रास्ते के बीच में खड़ी हो जाती हैं। जिसके रोडवेज बसों में सफर करने वाले यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
इन मार्गों पर है रोडवेज बसों की कमी:
जिले के कई रूट ऐसे हैं जिन पर केवल नाममात्र की रोडवेज बसें चलती हैं। वहीं कोरोना महामारी के बाद लगभग अधिकांश रूटों पर रोडवेज बसों की जगह परमिट बसों को समय दे दिया गया है। महेंद्रगढ़, नारनौल, पटौदी, झज्जर व धारूहेड़ा जैसे बड़े रूटों पर रोडवेज की जगह परमिट बसों को समय दे दिया गया है। परिवहन विभाग द्वारा जो समय परमिट बसों को दिया गया है, वह विद्यार्थियों के स्कूल व कॉलेजों में आने जाने का है। ऐसे में विद्यार्थियों को घंटों तक बसों का इंतजार करना पड़ता है। परमिट बस संचालक स्कूल व कॉलेज के विद्यार्थियों को देखकर गांव के स्टैंड पर बसों को या तो रोकते ही नहीं, या फिर इतनी दूर रोका जाता है। इसके चलते विद्यार्थी बसों में चढ़ ही नहीं पाते हैं। परमिट बस परिचालकों द्वारा बसों में छात्रों के साथ अक्सर बदसलूकी करते हुए देखा जाता है। कॉलेज छात्राएं भी कई बार इस बारे में विभाग को अवगत भी करा चुकी हैं।

रेवाड़ी डिपो के जीएम अशोक कौशिक ने बताया कि सितंबर माह में रेवाड़ी डिपो को 30 नई बसें मिल जाएंगी। निश्चित रूप से इसका यात्रियों को लाभ मिलेगा। जिन रूटों पर बसें नहीं चल रही हैं, उन पर भी जल्द ही बसों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
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