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Rewari News: नाहड़ के सेवानिवृत्त जज ओपी नाहर का निधन
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फोटो : 10रेवाड़ी। ओमप्रकाश नाहर का फाइल फोटो।
कोसली। गांव नाहड़ निवासी सेवानिवृत्त जज ओमप्रकाश (ओपी) नाहर का निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार दिल्ली में संपन्न हुआ। उनके निधन की खबर से नाहड़ क्षेत्र के सामाजिक संगठनों और ग्रामीणों में शोक की लहर दौड़ गई। उनका जन्म 14 जनवरी 1944 को एक साधारण परिवार में हुआ था। अपने बचपन से ही मेधावी।
ओपी नाहर ने नाहड़ सरकारी स्कूल से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की और रेवाड़ी के अहीर कॉलेज से 1964 में बीए किया। इसके बाद उन्होंने दिल्ली पुलिस में सब-इंस्पेक्टर पद पर चयनित होकर सेवा की जबकि पढ़ाई जारी रखते हुए 1973 में एलएलबी और 1975 में एलएलएम पास कर न्यायिक सेवा में चयनित हुए।
जज बनने के बाद भी उन्होंने गांव नाहड़ और समाज के प्रति समर्पण बनाए रखा। वे हमेशा सरल और सादगीपूर्ण जीवन जीते थे। सेवानिवृत्ति के बाद भी उन्हें यूपीएससी द्वारा चैयरमैन फेमा अपील ट्रिब्यूनल, दिल्ली सरकार में महानगर दंडाधिकारी, दूरसंचार मंत्रालय व विधि आयोग में सलाहकार जैसे महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त किया गया।
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वे शिक्षा, समाज और युवाओं को प्रेरित करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहे। इतिहास और कानून में गहरी रुचि रखने वाले ओपी नाहर ने कई लेख भी लिखे। उनके तीन पुत्र और एक पुत्री हैं जिनमें बड़ा बेटा जोगेंद्र नाहर दिल्ली में अतिरिक्त जिला न्यायाधीश हैं।
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ओपी नाहर ने नाहड़ सरकारी स्कूल से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की और रेवाड़ी के अहीर कॉलेज से 1964 में बीए किया। इसके बाद उन्होंने दिल्ली पुलिस में सब-इंस्पेक्टर पद पर चयनित होकर सेवा की जबकि पढ़ाई जारी रखते हुए 1973 में एलएलबी और 1975 में एलएलएम पास कर न्यायिक सेवा में चयनित हुए।
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जज बनने के बाद भी उन्होंने गांव नाहड़ और समाज के प्रति समर्पण बनाए रखा। वे हमेशा सरल और सादगीपूर्ण जीवन जीते थे। सेवानिवृत्ति के बाद भी उन्हें यूपीएससी द्वारा चैयरमैन फेमा अपील ट्रिब्यूनल, दिल्ली सरकार में महानगर दंडाधिकारी, दूरसंचार मंत्रालय व विधि आयोग में सलाहकार जैसे महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त किया गया।
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वे शिक्षा, समाज और युवाओं को प्रेरित करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहे। इतिहास और कानून में गहरी रुचि रखने वाले ओपी नाहर ने कई लेख भी लिखे। उनके तीन पुत्र और एक पुत्री हैं जिनमें बड़ा बेटा जोगेंद्र नाहर दिल्ली में अतिरिक्त जिला न्यायाधीश हैं।