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Rewari News: तीसरी आंख बंद, `10 लाख डूबे
Sat, 27 Apr 2024 03:42 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 27 Apr 2024 03:42 AM IST
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रेवाड़ी। शहर में दिन के समय लगी भीड़। संवाद
रेवाड़ी। कई बार रूपरेखा तैयार करने के बाद भी नगर परिषद और पुलिस प्रशासन शहर में पर्याप्त सीसीटीवी कैमरे लगवा नहीं पाया। कुछ चौराहों पर ही कैमरे लगाए गए हैं। जबकि मुख्य बाजार समेत सरकुलर रोड पर कैमरे ही नहीं है। 7 साल पहले सांसद निधि से 24 कैमरे लगवाए गए थे, लेकिन ये कैमरे 7 माह भी ठीक से काम नहीं कर पाए।
बताया जाता है कि शहर के बाजार में कैमरे लगवाने की मांग लंबे समय से चल रही थी। सांसद कोष से सीसीटीवी कैमरे लगवाने के लिए राव इंद्रजीत सिंह ने जिला प्रशासन को 10 लाख रुपये दिए थे। नगर परिषद ने इस रकम से शहर के बाजारों और प्रमुख चौराहों पर वर्ष 2017 में 24 सीसीटीवी कैमरे लगवाए थे। हालांकि लगवाने के कुछ दिन बाद से ही कैमरों के टूटने का सिलसिला शुरू हो गया था।
पहले गोकल गेट के पास लगे दो कैमरे टूटकर नीचे लटक गए थे। इसके बाद रात को एक ट्रक के साइड मारने से दो और कैमरे लटक गए। बाजार में डिवाइडर लगने के बाद रास्ता संकरा हो गया है। ऐसे में रात में सामान लेकर आने वाले बड़े ट्रक और अन्य वाहनों के इन खंभों से टकरा जाने से कैमरे भी टूट गए। ध्यान नहीं देने से धीरे धीरे अन्य कैमरे खराब हो गए। लोगों का कहना है कि नगर परिषद कैमरों की देखरेख तक नहीं कर पाया। देखभाल की गई होती तो कैमरे भी बच सकते थे। साथ ही 10 लाख रुपये खर्च किए गए हैं वह पानी में नहीं मिलते।
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इंसेट
व्यापारी बोले- कैमरे लगाना बहुत जरूरी
व्यापारी राजेश, मुकेश और बिरेंद्र आदि ने बताया की सीसीटीवी कैमरे न होने की वजह से काफी परेशानी होती है। कई बार ऐसी घटनाएं हो जाती हैं, जिसकी जांच में कैमरे अहम सुराग दे सकते हैं। बाजार में लूट की वारदात भी काफी बढ़ गई है। इसके बावजूद कैमरे की व्यवस्था नहीं हो पाई है। प्रशासन से मांग है कि कैमरे जरूर लगवा जाएं, जिससे समय रहते अपराध पर काबू पाया जा सके।
इंसेट
अपराध पर एक नजर
-जून 2023 में शहर में एक इंजीनियर के साथ गाड़ी लूट की बड़ी वारदात हुई। इसकी सीसीटीवी फुटेज अभय सिंह चौक पर मिली, लेकिन अन्य जगह पुलिस को खास सुराग नहीं लग पाया।
-मई 2023 में बीच बाजार एक ज्वेलर से नकाबपोश व्यक्ति ने सोना लूट ले लिया। इसने हेलमेट पहना था। यह व्यक्ति सीसीटीवी से ही पकड़ा गया।
- दीपावली पर बाजार में भीड़ होने की वजह से कई लोगों की जेब कटी और कई दुकानदारों के यहां चोरी भी हुई।
इंसेट
सिटी थाने में था कंट्रोल रूम
सीसीटीवी कैमरे लगवाने के बाद शहर के सिटी थाने में कंट्रोल रूम भी बनाया गया था। एसएचओ को इसकी कमान सौंपी गई थी। कुछ दिन तक ही मॉनिटरिंग हुई। इसके बाद व्यवस्था बिगड़ती गई। न पुलिस ने पत्राचार किया, न नगर परिषद ने सुध ली।
नप-प्रशासन कैमरे लगवाए, पुलिस को सौंपे : सुनील भार्गव
अधिवक्ता सुनील भार्गव की ओर पत्र भेजकर मांग की गई है कि शहर की सुरक्षा व्यवस्था के लिए कैमरे जरूरी हैं। कैमरे लगवाने चाहिए। इनका कंट्रोल पुलिस को सौंपा जाना चाहिए। नगर परिषद के पास शहर के विकास के लिए बजट भी होता है।
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वर्जन:
जिन सीसीटीवी कैमरों की बात की जा रही है, उसके बारे में जानकारी नहीं है। इतना जरूर है कि इस बार कैमरों को लेकर व्यवस्था बनाई जाएगी। - पूनम यादव, चेयरपर्सन, नगर परिषद रेवाड़ी।
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बताया जाता है कि शहर के बाजार में कैमरे लगवाने की मांग लंबे समय से चल रही थी। सांसद कोष से सीसीटीवी कैमरे लगवाने के लिए राव इंद्रजीत सिंह ने जिला प्रशासन को 10 लाख रुपये दिए थे। नगर परिषद ने इस रकम से शहर के बाजारों और प्रमुख चौराहों पर वर्ष 2017 में 24 सीसीटीवी कैमरे लगवाए थे। हालांकि लगवाने के कुछ दिन बाद से ही कैमरों के टूटने का सिलसिला शुरू हो गया था।
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पहले गोकल गेट के पास लगे दो कैमरे टूटकर नीचे लटक गए थे। इसके बाद रात को एक ट्रक के साइड मारने से दो और कैमरे लटक गए। बाजार में डिवाइडर लगने के बाद रास्ता संकरा हो गया है। ऐसे में रात में सामान लेकर आने वाले बड़े ट्रक और अन्य वाहनों के इन खंभों से टकरा जाने से कैमरे भी टूट गए। ध्यान नहीं देने से धीरे धीरे अन्य कैमरे खराब हो गए। लोगों का कहना है कि नगर परिषद कैमरों की देखरेख तक नहीं कर पाया। देखभाल की गई होती तो कैमरे भी बच सकते थे। साथ ही 10 लाख रुपये खर्च किए गए हैं वह पानी में नहीं मिलते।
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व्यापारी बोले- कैमरे लगाना बहुत जरूरी
व्यापारी राजेश, मुकेश और बिरेंद्र आदि ने बताया की सीसीटीवी कैमरे न होने की वजह से काफी परेशानी होती है। कई बार ऐसी घटनाएं हो जाती हैं, जिसकी जांच में कैमरे अहम सुराग दे सकते हैं। बाजार में लूट की वारदात भी काफी बढ़ गई है। इसके बावजूद कैमरे की व्यवस्था नहीं हो पाई है। प्रशासन से मांग है कि कैमरे जरूर लगवा जाएं, जिससे समय रहते अपराध पर काबू पाया जा सके।
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अपराध पर एक नजर
-जून 2023 में शहर में एक इंजीनियर के साथ गाड़ी लूट की बड़ी वारदात हुई। इसकी सीसीटीवी फुटेज अभय सिंह चौक पर मिली, लेकिन अन्य जगह पुलिस को खास सुराग नहीं लग पाया।
-मई 2023 में बीच बाजार एक ज्वेलर से नकाबपोश व्यक्ति ने सोना लूट ले लिया। इसने हेलमेट पहना था। यह व्यक्ति सीसीटीवी से ही पकड़ा गया।
- दीपावली पर बाजार में भीड़ होने की वजह से कई लोगों की जेब कटी और कई दुकानदारों के यहां चोरी भी हुई।
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सिटी थाने में था कंट्रोल रूम
सीसीटीवी कैमरे लगवाने के बाद शहर के सिटी थाने में कंट्रोल रूम भी बनाया गया था। एसएचओ को इसकी कमान सौंपी गई थी। कुछ दिन तक ही मॉनिटरिंग हुई। इसके बाद व्यवस्था बिगड़ती गई। न पुलिस ने पत्राचार किया, न नगर परिषद ने सुध ली।
नप-प्रशासन कैमरे लगवाए, पुलिस को सौंपे : सुनील भार्गव
अधिवक्ता सुनील भार्गव की ओर पत्र भेजकर मांग की गई है कि शहर की सुरक्षा व्यवस्था के लिए कैमरे जरूरी हैं। कैमरे लगवाने चाहिए। इनका कंट्रोल पुलिस को सौंपा जाना चाहिए। नगर परिषद के पास शहर के विकास के लिए बजट भी होता है।
वर्जन:
जिन सीसीटीवी कैमरों की बात की जा रही है, उसके बारे में जानकारी नहीं है। इतना जरूर है कि इस बार कैमरों को लेकर व्यवस्था बनाई जाएगी। - पूनम यादव, चेयरपर्सन, नगर परिषद रेवाड़ी।