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Rewari News: राशनिंग बंद, आज से नियमित होगी जलापूर्ति
Sat, 24 Jan 2026 11:56 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 24 Jan 2026 11:56 PM IST
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टैंक में भरा जा रहा पानी। संवाद
- फोटो : टूंडला के श्रीराम मंदिर में हनुमान चालीसा का पाठकर विरोध करते आदित्य वाहिनी के पदाधिकारी संगठन
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रेवाड़ी। जेएलएन नहर के माध्यम से 21 जनवरी को लिसाना और कालाका के जलघरों में पहुंच गया है। दो दिन तक वाटर टैंकों को भरने का काम किया गया। अब रविवार से पानी की राशनिंग बंद कर नियमित जलापूर्ति की जाएगी। इससे शहरवासियों को राहत मिलेगी।
शहर में 28 दिनों से एक दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति की जा रही थी। 26 दिसंबर को जेएलएन नहर में पानी चलना बंद हो गया था। इसके बाद जनस्वास्थ्य विभाग की तरफ से पानी की समस्या को देखते हुए 28 दिसंबर से पानी की अल्टरनेट डे आपूर्ति शुरू कर दी थी।
कुछ दिन तो बाहरी कॉलोनियों में दो-दो दिन बाद पानी मिल रहा था। 21 जनवरी को जेएलएन नहर के माध्यम से होते हुए पानी लिसाना व कालाका के जलघरों में पहुंच गया। दो दिन वाटर टैंकों को भरने का काम किया गया। रविवार से पानी की नियमित आपूर्ति की जाएगी।
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शहर में पेयजल के लिए अतिरिक्त जलघर की जरूरत है। इसके लिए जमीन की तलाश की जा रही है लेकिन अभी जमीन नहीं मिली है। ई-भूमि पोर्टल के जरिए भी जमीन देखी गई है। जमीन मिलने पर ही अतिरिक्त जलघर की स्थापना होगी।
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वाटर टैंकों में 15 से 20 दिन का पानी हो सकता है एकत्रित
शहर की पेयजल आपूर्ति नहरी पानी पर आधारित है। सोनीपत के खूबड़ू हेड से पानी छोड़ा जाता है और जेएलएन से होते हुए कालाका में 5 व लिसाना में 3 वाटर टैंकों में पानी का स्टोरेज होता है। लिसाना में अतिरिक्त पानी का स्टोरेज हो जाता है लेकिन कालाका में अतिरिक्त पानी जमा नहीं हो पाता। यहां से अधिकतम 15 से 20 दिन ही पानी की नियमित आपूर्ति हो सकती है। इसलिए शेड्यूल बदलते ही पानी की समस्या गहरा गई है।
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यह रहा नया शेड्यूल
अभी तक 16 दिन नहर में पानी का क्लोजिंग टाइम था और 16 दिन ही नहर में पानी चलता था लेकिन अब नए शेड्यूल अनुसार 24 दिन पानी नहर में बंद रहेगा और 16 दिन पानी चलेगा।
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वर्जन:
शहर में नियमित पानी की सप्लाई की जाएगी। नहर में 14 दिन पानी चलेगा और 24 दिन बंद रहेगा। दो दिन वाटर टैंकों को भरने का काम किया गया था। -हेमंत कुमार, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग
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शहर में 28 दिनों से एक दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति की जा रही थी। 26 दिसंबर को जेएलएन नहर में पानी चलना बंद हो गया था। इसके बाद जनस्वास्थ्य विभाग की तरफ से पानी की समस्या को देखते हुए 28 दिसंबर से पानी की अल्टरनेट डे आपूर्ति शुरू कर दी थी।
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कुछ दिन तो बाहरी कॉलोनियों में दो-दो दिन बाद पानी मिल रहा था। 21 जनवरी को जेएलएन नहर के माध्यम से होते हुए पानी लिसाना व कालाका के जलघरों में पहुंच गया। दो दिन वाटर टैंकों को भरने का काम किया गया। रविवार से पानी की नियमित आपूर्ति की जाएगी।
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शहर में पेयजल के लिए अतिरिक्त जलघर की जरूरत है। इसके लिए जमीन की तलाश की जा रही है लेकिन अभी जमीन नहीं मिली है। ई-भूमि पोर्टल के जरिए भी जमीन देखी गई है। जमीन मिलने पर ही अतिरिक्त जलघर की स्थापना होगी।
वाटर टैंकों में 15 से 20 दिन का पानी हो सकता है एकत्रित
शहर की पेयजल आपूर्ति नहरी पानी पर आधारित है। सोनीपत के खूबड़ू हेड से पानी छोड़ा जाता है और जेएलएन से होते हुए कालाका में 5 व लिसाना में 3 वाटर टैंकों में पानी का स्टोरेज होता है। लिसाना में अतिरिक्त पानी का स्टोरेज हो जाता है लेकिन कालाका में अतिरिक्त पानी जमा नहीं हो पाता। यहां से अधिकतम 15 से 20 दिन ही पानी की नियमित आपूर्ति हो सकती है। इसलिए शेड्यूल बदलते ही पानी की समस्या गहरा गई है।
यह रहा नया शेड्यूल
अभी तक 16 दिन नहर में पानी का क्लोजिंग टाइम था और 16 दिन ही नहर में पानी चलता था लेकिन अब नए शेड्यूल अनुसार 24 दिन पानी नहर में बंद रहेगा और 16 दिन पानी चलेगा।
वर्जन:
शहर में नियमित पानी की सप्लाई की जाएगी। नहर में 14 दिन पानी चलेगा और 24 दिन बंद रहेगा। दो दिन वाटर टैंकों को भरने का काम किया गया था। -हेमंत कुमार, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग