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24 की बजाय 16 दिन चला नहरी पानी, 24 तक चलेगी पेयजल की राशनिंग

Tue, 08 Jun 2021 11:13 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 08 Jun 2021 11:13 PM IST
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Rationing of drinking water will run till June 24
रेवाड़ी। गर्मी में नहरी पानी आपूर्ति बढ़ाने की बजाय 8 दिन कम कर दी गई है। 39 मई को बंद हुआ नहरी पानी 24 दिन की बजाय 16 दिन ही चला है। यही शेड्यूल आगे भी जारी रहेगा। कमी को देखते हुए जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से पेयजल सप्लाई की राशनिंग शुरू कर दी गई है। अब 24 जून तक शहर एक दिन छोड़कर एक दिन पानी दिया जाएगा। बता दें कि दिसंबर से पेयजल किल्लत झेल रही शहर की दो लाख आबादी के सामने 42 डिग्री तापमान में प्यास बुझाने के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ेंगे। क्योंकि खपत बढ़ने व सप्लाई कम होने के चलते अब लोगों को सामने टैंकर खरीदकर काम चलाने की मजबूरी है। यह पहली बार नहीं हुआ है, बीते 10 साल से शहर के सामने यह संकट बना हुआ है। समाधान के नाम पर महज खानापूर्ति चल रही है।
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कॉलोनियां बढ़ीं, नहीं बढ़ाई गई भंडारण की क्षमता
बीते 10 साल की बात करें तो शहर में ही 12 से अधिक कॉलोनी अप्रूव्ड हो चुकी हैं। अमृत योजना के तहत इन कॉलोनियों में पेयजल लाइन भी डाल दी गई है। लेकिन इन कॉलोनियों में पेयजल सप्लाई करना चुनौती से कम नहीं है। वहीं दूसरी ओर बीते 10 साल से शहर में नहरी पानी के भंडारण क्षमता के लिए एक वाटर टैंक की जरूरत महसूस की जा रही है, लेकिन कागजों से बाहर काम नहीं हो पाया है। वर्ष 2016 में केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने जिला सचिवालय में अधिकारियों की बैठक में जल्द से जल्द वाटर टैंक बनाने के आदेश भी दिए थे। इसके बाद 2018 में गांव गोकलगढ़ में जमीन खरीदने के लिए साढ़े 16 करोड़ रुपये भी मिले, गांव ने भी अनुमति दी। लेकिन बाद में मामला अटक कर रह गया और आज तक प्रशासन की ओर आज तक जमीन का निर्धारण नहीं किया जा सका है।
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पूरी तरह से नहरी पानी पर निर्भर है पेयजल व्यवस्था
भू-जल स्तर गिरने व लवणीय होने के चलते जिला की पेयजल व्यवस्था पूरी तरह से पानीपत स्थित खूडबू हेड से जवाहरलाल नेहरू कैनाल के माध्यम से आने वाले यमुना के पानी पर निर्भर है। इस पानी को रेवाड़ी तक लाने के लिए भी कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। करीब 18 स्थानों पर ओवरलिफ्ट कर पानी शहर तक पहुंचता है। इस पर भी करोड़ों रुपये खर्च होता है। लेकिन बड़ी समस्या जिला को मिलने वाले नहरी पानी की है। जिले के लिए निर्धारित 725 क्यूबिक फुट की बजाय औसतन 500 फुट पानी ही मिल पाता है।
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जन स्वास्थ्य विभाग के जेई अजय कुमार ने बताया कि इस बार नहरी पानी 24 की बजाय 16 दिन ही चला है। यही शेड्यूल आगे भी रहेगा। इसको देखते हुए 24 जून तक नहरी पानी आने तक एक दिन छोड़कर एक दिन पानी दिया जाएगा। भंडारण के लिए उच्चाधिकारियों के पास मामला भेजा हुआ है।
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