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Rewari News: रामअवतार ने 67 वर्ष की उम्र में सातवीं बार उत्तीर्ण की यूजीसी नेट
Sun, 30 Aug 2026 11:50 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 30 Aug 2026 11:50 PM IST
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राम अवतार
रेवाड़ी। इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय के विधि विभाग में एलएलएम प्रथम वर्ष के विद्यार्थी 67 वर्षीय राम अवतार एकलव्य ने सातवीं बार विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण की है। इस बार उन्होंने जनसंचार एवं पत्रकारिता विषय में पीएचडी के लिए पात्रता हासिल की है।
राम अवतार एकलव्य कलाकार, लेखक और अधिवक्ता के रूप में भी सक्रिय हैं। इससे पहले वह छह अलग-अलग विषयों में राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके हैं। उन्होंने हिंदी, अंग्रेजी, लोक प्रशासन, राजनीति विज्ञान, पत्रकारिता एवं जनसंचार तथा समाज कार्य विषयों में यूजीसी नेट परीक्षा पास की है। समाज कार्य विषय में उन्होंने 92 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे।
67 वर्ष की उम्र में लगातार अध्ययन करते हुए राष्ट्रीय स्तर की पात्रता परीक्षा में बार-बार सफलता हासिल करना उनकी लगन और सीखने की इच्छा को दर्शाता है। राम अवतार एकलव्य विभिन्न विषयों पर लेखन और शोध कार्य भी करते रहे हैं। उनके 100 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय शोध पत्र प्रकाशित हो चुके हैं। उनके अकादमिक एवं सामाजिक योगदान के लिए अनेक विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों की ओर से उन्हें सम्मानित किया जा चुका है।
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राम अवतार एकलव्य का कहना है कि पढ़ने की कोई उम्र नहीं होती। व्यक्ति यदि लगातार अध्ययन और मेहनत करता रहे तो उम्र कभी उसके रास्ते में बाधा नहीं बनती। उन्होंने युवाओं को भी पढ़ाई के साथ लगातार नई चीजें सीखने और अपने ज्ञान का विस्तार करने के लिए प्रेरित किया।
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राम अवतार एकलव्य कलाकार, लेखक और अधिवक्ता के रूप में भी सक्रिय हैं। इससे पहले वह छह अलग-अलग विषयों में राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके हैं। उन्होंने हिंदी, अंग्रेजी, लोक प्रशासन, राजनीति विज्ञान, पत्रकारिता एवं जनसंचार तथा समाज कार्य विषयों में यूजीसी नेट परीक्षा पास की है। समाज कार्य विषय में उन्होंने 92 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे।
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67 वर्ष की उम्र में लगातार अध्ययन करते हुए राष्ट्रीय स्तर की पात्रता परीक्षा में बार-बार सफलता हासिल करना उनकी लगन और सीखने की इच्छा को दर्शाता है। राम अवतार एकलव्य विभिन्न विषयों पर लेखन और शोध कार्य भी करते रहे हैं। उनके 100 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय शोध पत्र प्रकाशित हो चुके हैं। उनके अकादमिक एवं सामाजिक योगदान के लिए अनेक विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों की ओर से उन्हें सम्मानित किया जा चुका है।
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राम अवतार एकलव्य का कहना है कि पढ़ने की कोई उम्र नहीं होती। व्यक्ति यदि लगातार अध्ययन और मेहनत करता रहे तो उम्र कभी उसके रास्ते में बाधा नहीं बनती। उन्होंने युवाओं को भी पढ़ाई के साथ लगातार नई चीजें सीखने और अपने ज्ञान का विस्तार करने के लिए प्रेरित किया।