{"_id":"58b474624f1c1bdf66830df7","slug":"protest-woman-road-water-rewari","type":"story","status":"publish","title_hn":"रेवाड़ी-महेंद्रगढ़ रोड पर मटके रखकर किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रेवाड़ी-महेंद्रगढ़ रोड पर मटके रखकर किया प्रदर्शन
ब्यूरो /अमर उजाला
Updated Tue, 28 Feb 2017 12:30 AM IST
विज्ञापन
पानी के लिए प्रदर्शन किया
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खोल। पिछले ढाई माह से पानी से त्रस्त व परेशान महिलाओं ने सोमवार सुबह 11 बजे रेवाड़ी-महेंद्रगढ़ सड़क मार्ग स्थित नांगलमूंदी बस स्टैंड पर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने सड़क पर लकड़ियां और खाली मटके रखकर जाम लगा दिया और जमकर बवाल काटा। इस दौरान एक घंटे तक वाहन जाम में फंसे रहे और दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई।
महिलाएं की एक ही मांग थी कि जब तक कोई बड़ा अधिकारी यहां आकर पानी की सुचारु व्यवस्था का आश्वासन नहीं देगा, तब तक वे जाम नहीं खोलेंगी। प्रदर्शन की सूचना पर एसएचओ खोल मौके पर पहुंचे और महिलाओं को समझाकर जाम खुलवाया। जाम खुलने के आधा घंटे बाद जेई मौके पर पहुंचे महिलाओं को आश्वासन दिया कि दो दिन मेें पानी की समस्या दूर हो जाएगी।
जानकारी के अनुसार रेवाड़ी-महेन्द्रगढ़ सड़क मार्ग पर पिछले तीन माह से सड़क को चौड़ा करने का काम चल रहा है। इसी दौरान पब्लिक हेल्थ विभाग ने औलांत बूस्टिंग स्टेशन से नांगलमूंदी तक आने वाली पुरानी पाइप लाइन की जगह नई पाइप लाइन बिछा दी। जिसकी वजह से नांगल-मूंदी बस स्टेंड पर पानी की समस्या उत्पन्न हो गई। महिलाओं ने कहा कि वे पानी की समस्या को दूर करने के लिए परिजन कोसली के विधायक बिक्रम सिंह यादव व विभाग के एक्सईएन को भी अवगत करा चुके हैं। लेकिन अभी तक उनकी समस्या की तरफ किसी ने ध्यान नहीं दिया।
विज्ञापन
औलांत बूस्टिंग स्टेशन से आने वाली पानी की नई पाइप लाइन को नांगल मूंदी बस स्टेंड स्थित हनुमान मंदिर तक बिछाया गया है। आगे भठेड़ा की तरफ नहीं और न ही पुरानी लाइन को नई लाइन से जोड़ा गया है। नांगल-मूंदी बस स्टेंड से लेकर भठेड़ा तक सड़क किनारे लगभग 40 परिवार रहते हैं। पानी का एक ही साधन है वो है औलांत बूस्टिंग स्टेशन से आने वाला पानी। आश्वासन के बाद सड़क से उठी महिलाएं अवरोधक व मटके रख कर सड़क के बीचों बीच बैठी महिलाओं का जिला प्रशासन के प्रति इतना गुस्सा था कि वे सड़क से उठने का नाम ही नहीं ले रही थी।
सूचना पाकर मौके पर पहुंचे एसएचओ बिजेन्द्र सिंह ने महिलाओं को शांति से समझाया कि जाम लगाने से समस्याएं दूर नहीं होती है, बल्कि बढ़ जाती है। उन्होंने विभाग के सभी अधिकारियों से बात कराने का भी आश्वासन देते हुए जानकारी पब्लिक हैल्थ विभाग को दी। जाम खुलने के आधा घंटे बाद विभाग के जेई मौके पर पहुंचे और महिलाओं को आश्वासन दिया कि दो दिन में उनकी पानी की समस्या को समाधान हो जाएगा।
रोजाना 500 रुपये में टैंकर, 300 में आता है कैंपर
जाम लगा रही महिलाओं ने कहा कि जहां पीने के पानी के लिए हर माह आरओ वाले 300 रुपये प्रति कैंपर दे रहे हैं, वहीं घर के कार्यों व नहाने व धोने के लिए प्रतिदिन एक टैंकर पानी मंगवाते है। जिसकी कीमत 500 रुपये है। पिछले ढाई माह से यहीं सिलसिला चल रहा है। लेकिन उनकी कहीं सुनवाई नहीं हो रही है। वे बहुत ही गरीब है। पिछले ढाई माह से हजारों रुपये का पानी खरीदा जा चुका है। जिससे उन्हें आर्थिक रूप से परेशानियों को सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि नांगल-मूंदी बस स्टेंड पर 20 गांवों के लोगों को आना-जाना होता है, लेकिन पानी के अभाव में वे इधर-उधर दुकानदारों के कैंपर से पानी लेते हैं।
पानी की किल्लत के चलते महिलाओं ने जाम लगाया था। सूचना पर पहुंचने के बाद आश्वासन देकर जाम खुलवाया था। इसके बाद संबंधित विभाग के अधिकारियों को भी मौके पर बुलवाकर जल्द समाधान का आश्वासन दिलवाया है।
-बिजेंद्र सिंह, एसएचओ, थाना खोल
विज्ञापन
महिलाएं की एक ही मांग थी कि जब तक कोई बड़ा अधिकारी यहां आकर पानी की सुचारु व्यवस्था का आश्वासन नहीं देगा, तब तक वे जाम नहीं खोलेंगी। प्रदर्शन की सूचना पर एसएचओ खोल मौके पर पहुंचे और महिलाओं को समझाकर जाम खुलवाया। जाम खुलने के आधा घंटे बाद जेई मौके पर पहुंचे महिलाओं को आश्वासन दिया कि दो दिन मेें पानी की समस्या दूर हो जाएगी।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार रेवाड़ी-महेन्द्रगढ़ सड़क मार्ग पर पिछले तीन माह से सड़क को चौड़ा करने का काम चल रहा है। इसी दौरान पब्लिक हेल्थ विभाग ने औलांत बूस्टिंग स्टेशन से नांगलमूंदी तक आने वाली पुरानी पाइप लाइन की जगह नई पाइप लाइन बिछा दी। जिसकी वजह से नांगल-मूंदी बस स्टेंड पर पानी की समस्या उत्पन्न हो गई। महिलाओं ने कहा कि वे पानी की समस्या को दूर करने के लिए परिजन कोसली के विधायक बिक्रम सिंह यादव व विभाग के एक्सईएन को भी अवगत करा चुके हैं। लेकिन अभी तक उनकी समस्या की तरफ किसी ने ध्यान नहीं दिया।
विज्ञापन
औलांत बूस्टिंग स्टेशन से आने वाली पानी की नई पाइप लाइन को नांगल मूंदी बस स्टेंड स्थित हनुमान मंदिर तक बिछाया गया है। आगे भठेड़ा की तरफ नहीं और न ही पुरानी लाइन को नई लाइन से जोड़ा गया है। नांगल-मूंदी बस स्टेंड से लेकर भठेड़ा तक सड़क किनारे लगभग 40 परिवार रहते हैं। पानी का एक ही साधन है वो है औलांत बूस्टिंग स्टेशन से आने वाला पानी। आश्वासन के बाद सड़क से उठी महिलाएं अवरोधक व मटके रख कर सड़क के बीचों बीच बैठी महिलाओं का जिला प्रशासन के प्रति इतना गुस्सा था कि वे सड़क से उठने का नाम ही नहीं ले रही थी।
सूचना पाकर मौके पर पहुंचे एसएचओ बिजेन्द्र सिंह ने महिलाओं को शांति से समझाया कि जाम लगाने से समस्याएं दूर नहीं होती है, बल्कि बढ़ जाती है। उन्होंने विभाग के सभी अधिकारियों से बात कराने का भी आश्वासन देते हुए जानकारी पब्लिक हैल्थ विभाग को दी। जाम खुलने के आधा घंटे बाद विभाग के जेई मौके पर पहुंचे और महिलाओं को आश्वासन दिया कि दो दिन में उनकी पानी की समस्या को समाधान हो जाएगा।
रोजाना 500 रुपये में टैंकर, 300 में आता है कैंपर
जाम लगा रही महिलाओं ने कहा कि जहां पीने के पानी के लिए हर माह आरओ वाले 300 रुपये प्रति कैंपर दे रहे हैं, वहीं घर के कार्यों व नहाने व धोने के लिए प्रतिदिन एक टैंकर पानी मंगवाते है। जिसकी कीमत 500 रुपये है। पिछले ढाई माह से यहीं सिलसिला चल रहा है। लेकिन उनकी कहीं सुनवाई नहीं हो रही है। वे बहुत ही गरीब है। पिछले ढाई माह से हजारों रुपये का पानी खरीदा जा चुका है। जिससे उन्हें आर्थिक रूप से परेशानियों को सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि नांगल-मूंदी बस स्टेंड पर 20 गांवों के लोगों को आना-जाना होता है, लेकिन पानी के अभाव में वे इधर-उधर दुकानदारों के कैंपर से पानी लेते हैं।
पानी की किल्लत के चलते महिलाओं ने जाम लगाया था। सूचना पर पहुंचने के बाद आश्वासन देकर जाम खुलवाया था। इसके बाद संबंधित विभाग के अधिकारियों को भी मौके पर बुलवाकर जल्द समाधान का आश्वासन दिलवाया है।
-बिजेंद्र सिंह, एसएचओ, थाना खोल