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प्रोन्नति में आरक्षण के अधिकार को लेकर दलित संगठनों ने किया प्रदर्शन

Mon, 24 Feb 2020 12:21 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 24 Feb 2020 12:21 AM IST
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proteset againest reservation on the permotion
proteset againest reservation on the permotion - फोटो : Rewari
प्रोन्नति में आरक्षण को लेकर रविवार को भीम आर्मी के भारत बंद के आह्वान पर पर शहर में 13 से अधिक संगठनों ने रोष मार्च निकालकर विरोध जताया गया। ये विरोध संत रविदास भवन से शुरू होकर शहर के विभिन्न बाजारों से निकालता हुआ जिला सचिवालय तक पहुंचा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान सुरक्षा के मद्देनजर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन देने वालों में पूर्व मंत्री एमएल रंगा प्रमुख रूप से शामिल रहे।
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इससे पूर्व शहर के संत रविदास मंदिर में दलित संगठनों की बैठक हुई। बैठक में केंद्र सरकार से अध्यादेश लाकर इस मामले को संविधान की नौंवी सूची में डालने की मांग की गई। बैठक में एससी वर्ग के नेता जगदीश प्रसाद डहीनवाल ने बताया कि बीती सात फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने प्रमोशन के एक मामले में फैसला दिया था कि एससी, एसटी वर्ग के लोगों की प्रोन्नति में आरक्षण का दावा करने का कोई मौलिक अधिकार नहीं है। यह राज्यों की इच्छा पर निर्भर करता है।
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सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर एससी, एसटी के लोगों ने एतराज जताते हुए भीम आर्मी के आह्वान पर रविवार को भारत बंद का ऐलान किया था। बंद को आह्वान पर रविवार सुबह से ही एससी, एसटी के विभिन्न संगठनों के लोग रविवार सुबह स्थानीय सरकुलर रोड स्थित रविदास हॉस्टल में एकत्रित हुए तथा वहां रिटायर्ड डीईओ लालचंद के नेतृत्व में बैठक करने के बाद प्रदर्शन करते हुए जिला सचिवालय पहुंचे।
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सरकार की नियत पर जताया संदेह
दलित संगठनों ने दिए गए ज्ञापन में आशंका जताई है कि संभवतया एससी, एसटी व ओबीसी वर्ग के अधिकारों को सुप्रीम कोर्ट का सहारा लेकर समाप्त करने की कोशिश की जा रही है। कोर्ट के इस फैसले से केंद्र सरकार की मंशा पर शंका पैदा हो रही है। ज्ञापन में मांग की गई है कि सरकार अध्यादेश लाकर यथाशीघ्र इस निर्णय को निरस्त करें तथा इस मामले को संविधान की नौंवी सूची में डालें ताकि इस प्रकार के मामले कभी अदालत में नहीं जाएं। प्रदर्शन में हजरस, सेवा स्तंभ, युवा भीम आर्मी रोडवेज एससी इंप्लाइज संघर्ष समिति ऑफ हरियाणा, डॉ. अंबेडकर सोशल वेलफेयर एसोसिएशन, ऑल हरियाणा शेड्यूल कास्ट एंप्लाइज फेडरेशन, आवाज फाउंडेशन, गुरू रविदास मंदिर प्रबंधक कमेटी, मेघवाल समाज कल्याण समिति, एससी-बीसी पावर कारपोरेशन हरियाणा, हमारी आवाज, दलित सेना, संख्यक समाज, अखिल भारतीय मानव कष्ट निवारण समिति, अखिल भारतीय जांगिड़, ब्राह्मण महासभा के अलावा जगदीश प्रसाद डहननवाल, महेश दत्त, राजेंद्र जिनागल, भगत सिंह सांभरिया, हंसराज चौधरी, मेहरचंद, जेपी भारती, बहादुर सरपंच, आरएस सांभरिया, लक्ष्मीबाई लिसान, अरविंद, परमानंद के अलावा अन्य लोग शामिल थे। इसके अलावा ज्ञापन देने वालों में प्रदेश के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. एमएल रंगा भी शामिल हुए।

भारी पुलिस बल रहा तैनात
सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर प्रशासन की ओर से भारी पुलिस व ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैनात किए गए थे। रोष मार्च के दौरान 100 से अधिक पुलिस कर्मियों के अलावा एसएचओ सिटी, एसएचओ मॉडल टाऊन के अलावा यातायात एसएचओ व अनेक थानों के प्रभारी मौजूद रहे। वहीं जिला सचिवालय पर अतिरिक्त पुलिस बल के अलावा एंबुलेंस आदि की व्यवस्था की गई थी।

संत रविदास भवन में बैठक करते दलित संगठनों के प्रतिनिधि।

संत रविदास भवन में बैठक करते दलित संगठनों के प्रतिनिधि।- फोटो : Rewari

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