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Rewari News: चेक बाउंस होने के मामले में निजी स्कूल संचालक को 6 माह की कैद
Wed, 21 Aug 2024 01:37 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 21 Aug 2024 01:37 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कोसली (रेवाड़ी)। चेक बाउंस होने के एक मामले में प्रथम न्यायिक मजिस्ट्रेट कोसली की अदालत ने एक निजी स्कूल की महिला संचालक को 6 माह की कैद सजा सुनाने के साथ ही चेक की राशि 9 लाख 50 हजार रुपये 6 प्रतिशत ब्याज के साथ शिकायतकर्ता को अदा करने के आदेश दिए हैं। वहीं, 30 दिन के अंदर आगे अपील करने के लिए आरोपी महिला को अदालत ने जमानत पर रिहा कर दिया है।
गांव रतनथलबास स्थित एक निजी स्कूल की महिला संचालक राज मुकेश ने गांव मुंढाड़ा निवासी संजीत कुमार को एक प्लॉट बेचने का सौदा 13 मई 2016 को किया था। राज मुकेश ने 11 लाख 20 हजार रुपये लेकर 13 नवंबर 2016 को रजिस्ट्री करने के लिए समय निर्धारित किया था लेकिन उन्होंने समय से संजीत कुमार के पक्ष में एग्रीमेंट के अनुसार रजिस्ट्री नहीं कराई। इस पर संजीत कुमार ने 15 नवंबर 2016 को तहसील कोसली परिसर में पेश होकर सब रजिस्ट्रार के समक्ष अपनी हाजिरी लगवाई। उस दिन राज मुकेश सब रजिस्ट्रार के समक्ष पेश नहीं हुईं।
शिकायतकर्ता के मुताबिक राज मुकेश ने सौदा निरस्त करते हुए 15 फरवरी 2019 को 9 लाख रुपये का चेक दिया। कहा कि वह रजिस्ट्री नहीं करा सकतीं, इसलिए अपनी बयाना राशि चेक के द्वारा वापस कर रही हैं लेकिन वह चेक बाउंस हो गया। दूसरा चेक 9 लाख 50 हजार रुपये का दिया लेकिन वह कटिंग के कारण बैंक में नहीं लगाया जा सका।
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शिकायतकर्ता संजीत कुमार ने 13 अक्तूबर 2019 को एक अन्य चेक बैंक में लगाया तो वह भी एक नवंबर 2019 को राज मुकेश के खाते में पर्याप्त पैसा ना होने के कारण बाउंस हो गया। राज मुकेश ने कहा कि वह जब दुबारा चेक लगाएंगे तो वह बाउंस नहीं होगा। इसके बाद संजीत कुमार ने 5 नवंबर 2019 को यही चेक भुगतान प्राप्त करने के लिए लगाया लेकिन वह फिर बाउंस हो गया। इसके बाद संजीत कुमार ने अपने वकील के माध्यम से 8 नवंबर 2019 को राज मुकेश को नोटिस भेज कर 15 दिन में चेक राशि देने के लिए कहा। इसके बाद भी कोई राशि अदा नहीं की गई। इसके बाद संजीत ने अदालत का सहारा लिया।
राशि अदा नहीं की तो एक माह की काटनी होगी अतिरिक्त सजा
प्रथम न्यायिक मजिस्ट्रेट निशा की अदालत ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद अपने निर्णय में राज मुकेश को दोषी करार देते हुए 6 माह की सजा सुनाई। साथ ही 9 लाख 50 हजार रुपये चेक की राशि को 6 प्रतिशत ब्याज सहित मुआवजा के तौर पर शिकायतकर्ता संजीत कुमार को देने के आदेश दिए हैं। यह राशि राज मुकेश को दो माह के अंदर अदा करनी होगी। यदि राशि अदा नहीं करती हैं तो एक माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। इसके साथ ही अपील दायर करने के लिए अदालत ने जमानत पर 30 दिन का समय दोषी राज मुकेश को दिया है। इसके बाद वह 30 दिन के अंदर सेशन न्यायालय में अपील कर सकेंगी।
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कोसली (रेवाड़ी)। चेक बाउंस होने के एक मामले में प्रथम न्यायिक मजिस्ट्रेट कोसली की अदालत ने एक निजी स्कूल की महिला संचालक को 6 माह की कैद सजा सुनाने के साथ ही चेक की राशि 9 लाख 50 हजार रुपये 6 प्रतिशत ब्याज के साथ शिकायतकर्ता को अदा करने के आदेश दिए हैं। वहीं, 30 दिन के अंदर आगे अपील करने के लिए आरोपी महिला को अदालत ने जमानत पर रिहा कर दिया है।
गांव रतनथलबास स्थित एक निजी स्कूल की महिला संचालक राज मुकेश ने गांव मुंढाड़ा निवासी संजीत कुमार को एक प्लॉट बेचने का सौदा 13 मई 2016 को किया था। राज मुकेश ने 11 लाख 20 हजार रुपये लेकर 13 नवंबर 2016 को रजिस्ट्री करने के लिए समय निर्धारित किया था लेकिन उन्होंने समय से संजीत कुमार के पक्ष में एग्रीमेंट के अनुसार रजिस्ट्री नहीं कराई। इस पर संजीत कुमार ने 15 नवंबर 2016 को तहसील कोसली परिसर में पेश होकर सब रजिस्ट्रार के समक्ष अपनी हाजिरी लगवाई। उस दिन राज मुकेश सब रजिस्ट्रार के समक्ष पेश नहीं हुईं।
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शिकायतकर्ता के मुताबिक राज मुकेश ने सौदा निरस्त करते हुए 15 फरवरी 2019 को 9 लाख रुपये का चेक दिया। कहा कि वह रजिस्ट्री नहीं करा सकतीं, इसलिए अपनी बयाना राशि चेक के द्वारा वापस कर रही हैं लेकिन वह चेक बाउंस हो गया। दूसरा चेक 9 लाख 50 हजार रुपये का दिया लेकिन वह कटिंग के कारण बैंक में नहीं लगाया जा सका।
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शिकायतकर्ता संजीत कुमार ने 13 अक्तूबर 2019 को एक अन्य चेक बैंक में लगाया तो वह भी एक नवंबर 2019 को राज मुकेश के खाते में पर्याप्त पैसा ना होने के कारण बाउंस हो गया। राज मुकेश ने कहा कि वह जब दुबारा चेक लगाएंगे तो वह बाउंस नहीं होगा। इसके बाद संजीत कुमार ने 5 नवंबर 2019 को यही चेक भुगतान प्राप्त करने के लिए लगाया लेकिन वह फिर बाउंस हो गया। इसके बाद संजीत कुमार ने अपने वकील के माध्यम से 8 नवंबर 2019 को राज मुकेश को नोटिस भेज कर 15 दिन में चेक राशि देने के लिए कहा। इसके बाद भी कोई राशि अदा नहीं की गई। इसके बाद संजीत ने अदालत का सहारा लिया।
राशि अदा नहीं की तो एक माह की काटनी होगी अतिरिक्त सजा
प्रथम न्यायिक मजिस्ट्रेट निशा की अदालत ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद अपने निर्णय में राज मुकेश को दोषी करार देते हुए 6 माह की सजा सुनाई। साथ ही 9 लाख 50 हजार रुपये चेक की राशि को 6 प्रतिशत ब्याज सहित मुआवजा के तौर पर शिकायतकर्ता संजीत कुमार को देने के आदेश दिए हैं। यह राशि राज मुकेश को दो माह के अंदर अदा करनी होगी। यदि राशि अदा नहीं करती हैं तो एक माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। इसके साथ ही अपील दायर करने के लिए अदालत ने जमानत पर 30 दिन का समय दोषी राज मुकेश को दिया है। इसके बाद वह 30 दिन के अंदर सेशन न्यायालय में अपील कर सकेंगी।