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जीवन में व्यावहारिक ज्ञान भी आवश्यक : प्रो. करण सिंह
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फोटो: 18रेवाड़ी। आईजीयू में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रोफेसर करण सिंह का पौधा देकर
रेवाड़ी। मीरपुर स्थित इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में नव प्रवेशित विद्यार्थियों के लिए दीक्षारंभ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि छात्र कल्याण विभाग के अधिष्ठाता प्रोफेसर करण सिंह ने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक ज्ञान का होना भी परम आवश्यक है।
विभागाध्यक्ष डॉ. मंजु पुरी ने मुख्य अतिथि प्रोफेसर करण सिंह का पौधा देकर स्वागत अभिनंदन किया। उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यार्थी जीवन तपस्या का जीवन है।
हमने स्नातक और स्नातकोत्तर का पाठ्यक्रम नई शिक्षा पद्धति के अनुरूप तैयार किया है। द्वितीय सेमेस्टर के अंतर्गत प्रशिक्षण कार्यक्रम को जोड़ा है जो विद्यार्थियों को सीधे-सीधे रोजगार से जोड़ता है। डॉ. अर्चना ने सभी विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की कार्य प्रणाली एवं विभाग की कार्य प्रणाली से अवगत कराया।
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राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई समन्वयक डॉ. अनीता और डॉ. संदीप ने राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यशैली के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी दी। कार्यक्रम संयोजक डॉ. जागीर नागर ने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता इसके लिए हमें कठोर परिश्रम के साथ-साथ अच्छाई और सच्चाई के पथ पर आगे बढ़ना होगा।
कार्यक्रम के पश्चात डॉ. शकुंतला और डॉ. अर्चना के निर्देशन में विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय पुस्तकालय का भ्रमण किया और वहां की कार्यशैली को जाना। इस अवसर पर हिंदी विभाग के सभी छात्र एवं प्राध्यापक उपस्थित रहे।
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विभागाध्यक्ष डॉ. मंजु पुरी ने मुख्य अतिथि प्रोफेसर करण सिंह का पौधा देकर स्वागत अभिनंदन किया। उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यार्थी जीवन तपस्या का जीवन है।
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हमने स्नातक और स्नातकोत्तर का पाठ्यक्रम नई शिक्षा पद्धति के अनुरूप तैयार किया है। द्वितीय सेमेस्टर के अंतर्गत प्रशिक्षण कार्यक्रम को जोड़ा है जो विद्यार्थियों को सीधे-सीधे रोजगार से जोड़ता है। डॉ. अर्चना ने सभी विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की कार्य प्रणाली एवं विभाग की कार्य प्रणाली से अवगत कराया।
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राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई समन्वयक डॉ. अनीता और डॉ. संदीप ने राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यशैली के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी दी। कार्यक्रम संयोजक डॉ. जागीर नागर ने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता इसके लिए हमें कठोर परिश्रम के साथ-साथ अच्छाई और सच्चाई के पथ पर आगे बढ़ना होगा।
कार्यक्रम के पश्चात डॉ. शकुंतला और डॉ. अर्चना के निर्देशन में विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय पुस्तकालय का भ्रमण किया और वहां की कार्यशैली को जाना। इस अवसर पर हिंदी विभाग के सभी छात्र एवं प्राध्यापक उपस्थित रहे।