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Rewari News: फरवरी के अंतिम सप्ताह में एम्स के शिलान्यास की संभावना

Thu, 08 Feb 2024 04:11 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Thu, 08 Feb 2024 04:11 AM IST
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Possibility of laying the foundation stone of AIIMS in the last week of February
रेवाड़ी। गांव माजरा में बनने वाले देश के 22वें अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के शिलान्यास को लेकर एक बार फिर अटकले तेज हो गई हैं। फरवरी के अंतिम सप्ताह में शिलान्यास होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, अभी पीएमओ की तरफ से तिथि फाइनल नहीं की गई है। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) की तरफ से डेट फाइनल होने का इंतजार किया जा रहा है। माजरा एम्स का टेंडर पिछले साल 30 दिसंबर को फाइनल हो गया था। इसके बाद से ही लगातार एम्स के शिलान्यास की संभावनाएं तलाशी जाने लगीं। मुख्यमंत्री मनोहर लाल और केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह एम्स प्रोजेक्ट को लेकर पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर चुके हैं। 25 जनवरी को सांसद राव इंद्रजीत सिंह ने एम्स की साइट का निरीक्षण भी किया था। हरियाणा सरकार और संगठन लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लगने से पहले-पहले एम्स का शिलान्यास कराने के लिए प्रयासरत है।
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2015 में हुई थी एम्स की घोषणा

कस्बा बावल में जुलाई 2015 में आयोजित रैली के दौरान हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मनेठी गांव में एम्स बनाने की घोषणा की थी। इसके लिए मनेठी की पंचायत की तरफ से 210 एकड़ से ज्यादा जमीन दी गई। कई साल ये घोषणा फाइलों में ही अटकी रही। करीब 1 साल तक मनेठी के ग्रामीणों ने एम्स के लिए संघर्ष किया। उसके बाद 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले केंद्र सरकार ने अंतरिम बजट में मनेठी में एम्स बनाने की घोषणा की थी, लेकिन इसी बीच वन सलाहकार समिति की तरफ से मनेठी की जमीन को वन क्षेत्र बताते हुए उस पर आपत्ति लगा दी गई।
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माजरा में बनेगा एम्स:
पर्यावरण विभाग की आपत्ति के चलते इस जमीन को निरस्त कर दिया गया। इसके बाद साथ लगते माजरा गांव के ग्रामीणों ने एम्स के लिए जमीन की पेशकश की। सरकार ने पंचायती जमीन के साथ ही गांव के किसानों की जमीन का अधिग्रहण भी किया। 210 एकड़ जमीन मिल चुकी है, लेकिन कई माह से मामला टेंडर के चलते अटका हुआ था। हालांकि, अब एम्स के निर्माण को लेकर टेंडर भी फाइनल हो चुका है। ऐसे में एम्स की राह में नजर आ रही रुकावटें दूर हो चुकी हैं। अब सिर्फ शिलान्यास की तारीख का इंतजार किया जा रहा है।
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