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Rewari News: आंखों में जलन, सांस लेने में दिक्कत के मरीज बढ़े
Tue, 19 Nov 2024 12:49 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 19 Nov 2024 12:49 AM IST
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फोटो : 21रेवाड़ी। नागरिक अस्पताल में पर्ची कटाने के लिए लाइन में लगे लोग। संवाद
रेवाड़ी। मौसम में बदलाव और एक्यूआई बढ़ने के साथ ही मरीजों की संख्या भी बढ़ गई है। सोमवार को सिविल अस्पताल की ओपीडी 1500 पार चली गई। प्रदूषण के चलते आंखों में जलन, एलर्जी, सांस लेने में तकलीफ से परेशान मरीज सबसे अधिक पहुंचे। इसके अलावा वायरल बुखार के मरीज मिल रहे हैं।
इन मरीजों की संख्या में पिछले दिनों की तुलना में करीब डेढ़ गुना वृद्धि हुई है। इनमें वायरल के करीब साढे 400 से मरीज दर्ज किए गए हैं। त्वचा रोग की ओपीडी में जहां लगभग 200 पीड़ित आते थे, अब यह संख्या बढ़कर 250 से 300 के बीच पहुंच गई है। इनमें ज्यादातर पीड़ित फंगल इंफेक्शन के ही हैं। आंखों में जलन के पहले मरीजों की संख्या 50 से 60 के आसपास थी, अब संख्या 80 से 90 पहुंच चुकी है। नागरिक अस्पताल की रेस्पिरेटरी मेडिसिन की ओपीडी में 100 से ज्यादा मरीज आ रहे हैं। इनमें फेफड़ों में ही संक्रमण के ज्यादा पीड़ित हैं। इनमें किसी को सांस लेने में तकलीफ तो किसी को अस्थमा की समस्या है।
फिजिशियन डॉक्टर मनीष का कहना है कि इस समय दिन-रात के मौसम में बदलाव के चलते अधिकांश लोग बीमार पड़ रहे हैं। लोगों को सर्दी, खांसी, त्वचा रोग, फीवर के प्रकोप से बचाव के लिए अपनी सेहत का अधिक ध्यान रखना चाहिए। खासतौर पर नवजात शिशुओं की अधिक देखभाल करना जरूरी है। क्योंकि सर्द मौसम से शिशुओं को बुखार, खांसी, सांस लेने में परेशानी जैसी समस्याएं होती हैं।
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इन मरीजों की संख्या में पिछले दिनों की तुलना में करीब डेढ़ गुना वृद्धि हुई है। इनमें वायरल के करीब साढे 400 से मरीज दर्ज किए गए हैं। त्वचा रोग की ओपीडी में जहां लगभग 200 पीड़ित आते थे, अब यह संख्या बढ़कर 250 से 300 के बीच पहुंच गई है। इनमें ज्यादातर पीड़ित फंगल इंफेक्शन के ही हैं। आंखों में जलन के पहले मरीजों की संख्या 50 से 60 के आसपास थी, अब संख्या 80 से 90 पहुंच चुकी है। नागरिक अस्पताल की रेस्पिरेटरी मेडिसिन की ओपीडी में 100 से ज्यादा मरीज आ रहे हैं। इनमें फेफड़ों में ही संक्रमण के ज्यादा पीड़ित हैं। इनमें किसी को सांस लेने में तकलीफ तो किसी को अस्थमा की समस्या है।
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फिजिशियन डॉक्टर मनीष का कहना है कि इस समय दिन-रात के मौसम में बदलाव के चलते अधिकांश लोग बीमार पड़ रहे हैं। लोगों को सर्दी, खांसी, त्वचा रोग, फीवर के प्रकोप से बचाव के लिए अपनी सेहत का अधिक ध्यान रखना चाहिए। खासतौर पर नवजात शिशुओं की अधिक देखभाल करना जरूरी है। क्योंकि सर्द मौसम से शिशुओं को बुखार, खांसी, सांस लेने में परेशानी जैसी समस्याएं होती हैं।
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