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Rewari News: रोडवेज कर्मियों की हड़ताल से मुसाफिर बेबस
Thu, 25 Jan 2024 01:33 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Thu, 25 Jan 2024 01:33 AM IST
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रेवाड़ी। रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल से लोकल व लंबे रूट के यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। लोग बसों की कमी के चलते इधर उधर घूमते नजर आए।
हालात यह रहे कि किसी रूट की बस आते ही लोग दौड़कर बस में चढ़ने के लिए मशक्कत करते करते रहे। निजी बसों के चलने से लोगों को कुछ राहत मिली। रोडवेज की करीब 80 प्रतिशत बसें प्रभावित हुई। सुबह के समय खुद रोडवेज के महाप्रबंधक ने आकर मोर्चा संभाला। इस दौरान महाप्रबंधक ने लंबे रूप पर जाने वाली बसों को जैसे तैसे रवाना किया। महाप्रबंधक का कहना है कि जहां पर बसों की जरूरत होती थी वहां पर तुरंत बसों को भेज कर यात्रियों को अपने गंतव्य स्थल पर पहुंचाया जा रहा था। हालांकि, जमीनी हकीकत कुछ और ही थी। सुबह के समय तो लोगों को जैसे तैसे बसें मिली। मगर जीएम के जाते ही पूरा दिन लोग बस के लिए भटकते रहे। हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा यूनियन के आह्वान पर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जिले के सभी रोडवेज कर्मचारी बुधवार को शहर स्थित रोडवेज डिपो वर्कशाप के बाहर हड़ताल पर रहे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
यात्रियों को झेलनी पड़ी परेशानी
हड़ताल के चलते डिपो की 20 प्रतिशत बसें चली। निजी बस यात्रियों को लेकर रवाना हुई। रेवाड़ी डिपो से रोजाना 120 रूट पर रोडवेज की बसें अपनी सेवाएं देती हैं। डिपो से लंबे रूटों पर दिल्ली, चंड़ीगढ़, जयपुर, मथुरा, खाटू श्याम, हरिद्वार, आगरा, रोहतक आदि शामिल है। हड़ताल के चलते इन रूट के यात्री दिनभर डिपो पर इधर से उधर भटकते रहे। किलोमीटर स्कीम की बसें चलाई गई। लंबे रूट की अधिकतर बसें किलोमीटर स्कीम वाली है। दूसरी तरफ ट्रेनें लेट होने की वजह से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
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बस न मिलने से लोग रहे परेशान
रजनी यादव ने बताया कि वह परिवार के साथ महेंद्रगढ़ जा रही थी। 2 घंटे से बस का इंतजार कर रही है। मगर बस नहीं मिली। काफी परेशानी हुई। मोहनलाल ने बताया कि वह गुरुग्राम जा रहा था। मगर गुरुग्राम के लिए बस ही नहीं मिली। जिस वजह से प्राइवेट बस का सहारा लेना पड़ा।
8 से 9 लाख रुपये का हुआ नुकसान
ठंड की वजह से मौजूदा समय में बसों में सफर करने वाले यात्रियों की संख्या में काफी गिरावट आई है। जहां रोजाना करीब 25 हजार यात्री रोडवेज बसों में सफर करते थे तो वहीं अब यात्रियों की संख्या घटकर आधी हो चुकी है। अब 13 हजार के आसपास यात्री रोजाना सफर कर रहे हैं जिस दिन मौसम ज्यादा खराब होता है तो उस दिन यात्रियों की संख्या घटकर करीब 8 से 9 हजार आ जाती है। यात्रियों की संख्या में कमी आने की वजह से रोडवेज को काफी नुकसान भी हो रहा है। रोडवेज को रोजाना करीब 12 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त होता है। मगर अब कमाई घटकर आधी हो चुकी है। ड्यूटी करने वाले यात्रियों की संख्या करीब 5 हजार है। हड़ताल से करीब 8 से 9 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
डिपो की करीब 93 बसें चलाई गई। साथ ही सभी प्राइवेट बसों ने अपनी सेवाएं दी। जिस रूट पर यात्रियों को अधिक परेशानियां हो रही थी, उन रूटों पर यात्रियों की सुविधा को देखते हुए बसों को डिपो से रवाना किया गया। जिसके चलते यात्रियों को काफी परेशानी नहीं हुई और हड़ताल का विशेष प्रभाव नहीं पड़ा।
देवदत्त, महाप्रबंधक, रोडवेज रेवाड़ी
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हालात यह रहे कि किसी रूट की बस आते ही लोग दौड़कर बस में चढ़ने के लिए मशक्कत करते करते रहे। निजी बसों के चलने से लोगों को कुछ राहत मिली। रोडवेज की करीब 80 प्रतिशत बसें प्रभावित हुई। सुबह के समय खुद रोडवेज के महाप्रबंधक ने आकर मोर्चा संभाला। इस दौरान महाप्रबंधक ने लंबे रूप पर जाने वाली बसों को जैसे तैसे रवाना किया। महाप्रबंधक का कहना है कि जहां पर बसों की जरूरत होती थी वहां पर तुरंत बसों को भेज कर यात्रियों को अपने गंतव्य स्थल पर पहुंचाया जा रहा था। हालांकि, जमीनी हकीकत कुछ और ही थी। सुबह के समय तो लोगों को जैसे तैसे बसें मिली। मगर जीएम के जाते ही पूरा दिन लोग बस के लिए भटकते रहे। हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा यूनियन के आह्वान पर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जिले के सभी रोडवेज कर्मचारी बुधवार को शहर स्थित रोडवेज डिपो वर्कशाप के बाहर हड़ताल पर रहे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
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यात्रियों को झेलनी पड़ी परेशानी
हड़ताल के चलते डिपो की 20 प्रतिशत बसें चली। निजी बस यात्रियों को लेकर रवाना हुई। रेवाड़ी डिपो से रोजाना 120 रूट पर रोडवेज की बसें अपनी सेवाएं देती हैं। डिपो से लंबे रूटों पर दिल्ली, चंड़ीगढ़, जयपुर, मथुरा, खाटू श्याम, हरिद्वार, आगरा, रोहतक आदि शामिल है। हड़ताल के चलते इन रूट के यात्री दिनभर डिपो पर इधर से उधर भटकते रहे। किलोमीटर स्कीम की बसें चलाई गई। लंबे रूट की अधिकतर बसें किलोमीटर स्कीम वाली है। दूसरी तरफ ट्रेनें लेट होने की वजह से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
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बस न मिलने से लोग रहे परेशान
रजनी यादव ने बताया कि वह परिवार के साथ महेंद्रगढ़ जा रही थी। 2 घंटे से बस का इंतजार कर रही है। मगर बस नहीं मिली। काफी परेशानी हुई। मोहनलाल ने बताया कि वह गुरुग्राम जा रहा था। मगर गुरुग्राम के लिए बस ही नहीं मिली। जिस वजह से प्राइवेट बस का सहारा लेना पड़ा।
8 से 9 लाख रुपये का हुआ नुकसान
ठंड की वजह से मौजूदा समय में बसों में सफर करने वाले यात्रियों की संख्या में काफी गिरावट आई है। जहां रोजाना करीब 25 हजार यात्री रोडवेज बसों में सफर करते थे तो वहीं अब यात्रियों की संख्या घटकर आधी हो चुकी है। अब 13 हजार के आसपास यात्री रोजाना सफर कर रहे हैं जिस दिन मौसम ज्यादा खराब होता है तो उस दिन यात्रियों की संख्या घटकर करीब 8 से 9 हजार आ जाती है। यात्रियों की संख्या में कमी आने की वजह से रोडवेज को काफी नुकसान भी हो रहा है। रोडवेज को रोजाना करीब 12 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त होता है। मगर अब कमाई घटकर आधी हो चुकी है। ड्यूटी करने वाले यात्रियों की संख्या करीब 5 हजार है। हड़ताल से करीब 8 से 9 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
डिपो की करीब 93 बसें चलाई गई। साथ ही सभी प्राइवेट बसों ने अपनी सेवाएं दी। जिस रूट पर यात्रियों को अधिक परेशानियां हो रही थी, उन रूटों पर यात्रियों की सुविधा को देखते हुए बसों को डिपो से रवाना किया गया। जिसके चलते यात्रियों को काफी परेशानी नहीं हुई और हड़ताल का विशेष प्रभाव नहीं पड़ा।
देवदत्त, महाप्रबंधक, रोडवेज रेवाड़ी