फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rewari News ›   Parents staged a sit-in protest against the shifting of the school.

Rewari News: स्कूल को शिफ्ट करने के विरोध में अभिभावकों ने दिया धरना

Mon, 12 Jan 2026 11:59 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Mon, 12 Jan 2026 11:59 PM IST
विज्ञापन
Parents staged a sit-in protest against the shifting of the school.
फोटो : मायापुर में जर्जर स्कूल भवन के नाम पर शिफ्टिंग का विरोध करते अभिभावक। स्रोत : ग्रामीण
भिवाड़ी। टपूकड़ा के मायापुर गांव में स्थित राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल के भवन को जर्जर घोषित कर लगभग तीन किलोमीटर दूर लादिया गांव में स्कूल को अस्थायी रूप से शिफ्ट करने के आदेश के खिलाफ ग्रामीणों और अभिभावकों ने सोमवार को विरोध जताया। ग्रामीणों ने स्कूल के मुख्य गेट पर धरना देकर शिफ्टिंग प्रक्रिया रोक दी और स्कूल का सामान बाहर नहीं निकलने दिया।
विज्ञापन

ग्रामीणों का कहना है कि इतनी दूरी पर बच्चों को रोजाना भेजना मुश्किल है, खासकर छोटे बच्चों के लिए। लादिया गांव में शिफ्टिंग के लिए केवल एक कमरा उपलब्ध है, जबकि मायापुर स्कूल में 300 से अधिक छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। ऐसी स्थिति में पढ़ाई बाधित होने के साथ उनकी सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है।
विज्ञापन

ग्रामीणों ने वैकल्पिक व्यवस्था का सुझाव देते हुए कहा कि यदि अस्थायी शिफ्टिंग जरूरी है, तो इसे मायापुर गांव में ही किया जाए। यहां अटल सेवा केंद्र में छह कमरे और पंचायत भवन में तीन कमरे उपलब्ध हैं, जहां सभी बच्चों को सुरक्षित और सुविधाजनक तरीके से पढ़ाया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

प्रधानाचार्य रामकिशन यादव ने बताया कि विभाग के आदेश के अनुसार स्कूल को शिफ्ट किया गया, लेकिन लादिया में सिर्फ एक कमरा उपलब्ध है। अधिकांश अभिभावकों ने बच्चों को भेजने से मना कर दिया। फिलहाल केवल 49 बच्चे ही स्कूल आ रहे हैं। जब स्कूल स्टाफ सामग्री लाने पहुंचा, तो ग्रामीणों ने उसे रोक दिया।

यह विरोध राजस्थान में जर्जर स्कूल भवनों की समस्या के बीच आया है। हाल ही में राज्य में 502 जर्जर स्कूलों की पहचान की गई है, जिनमें से 212 को नजदीकी सुरक्षित स्कूलों में अस्थायी रूप से शिफ्ट करने की योजना है। ग्रामीणों की मांग है कि बच्चों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्थानीय स्तर पर ही समाधान निकाला जाए। स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और शिक्षा विभाग से जल्द हस्तक्षेप की उम्मीद की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed