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134 A नियम के तहत दाखिले के ड्रॉ में देरी पर अभिभावकों का प्रदर्शन
ब्यूरो /अमर उजाला
Updated Sat, 23 Apr 2016 01:03 AM IST
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ड्रा में देरी से नाराज अभिभावकों ने रोष जताया
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शिक्षा के अधिकार तहत प्राइवेट स्कूलों का ड्रॉ नहीं निकलने पर मचा बवाल थम नहीं रहा है। ड्रा में देरी से नाराज अभिभावकों ने शुक्रवार को शिक्षा विभाग के लघु सचिवालय में जमकर नारेबाजी कर रोष जताया। इसके बाद उन्होंने उपायुक्त डॉ. यश गर्ग को मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर एवं एनसीआरटी निदेशक के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन सौंपने से पहले महिलाओं ने सरकार एवं शिक्षा विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर निजी स्कूलों के साथ मिलीभगत का आरोप भी लगाया।
अभिभावकों का कहना था कि प्रशासनिक अधिकारियों को मामले की शिकायत दी जाती है,लेकिन प्राइवेट स्कूलों के दवाब में जांच आगे नहीं बढ़ती है। उन्होंने कहा कि जब सरकार अपने नियमों को लागू ही नहीं करा सकती तो उसे जरूरतमंद बच्चों के लिए चल रही योजनाओं को बंद कर देना चाहिए।
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अभिभावकों का कहना था कि प्रशासन एवं सरकार निजी स्कूलों के साथ मिलकर उनकी निर्धनता का उपहास कर रही है। इसके अलावा ड्रा में देरी किए जाने से अभिभावकों में गुस्सा है। वे अनाज मंडी के दौरे पर आए शिक्षा मंत्री के सामने भी अपनी परेशानी रख चुके हैं। इसके अलावा एडिड स्कूलों में मनमानी फीस एवं किताबों सहित अन्य कई शिकायतों को उपायुक्त यश गर्ग के सामने रख चुके हैं। इन सभी मामलों की जांच एडीसी डॉ. प्रियंका सोनी कर रही हैं।
सीटें ज्यादा आवेदन कम, लेकिन देरी से अभिभावकों में है रोष
प्राइवेट स्कूलों की ओर से शिक्षा विभाग के पास स्कूलों में भेजी गई रिक्तियों के अनुसार रेवाड़ी ब्लॉक में सबसे अधिक आवेदन एवं बावल ब्लॉक में सबसे कम आवेदन मिले हैं। पांचों ब्लॉकों मेें आए आवेदन और और सीटों को देखा जाए तो आवेदन से सीटों की संख्या काफी ज्यादा हैं। बावजूद इसके अभिभावक ड्रॉ को लेकर व्याकुल हैं। गौरतलब है कि बीते सेशन में मई माह में इस नियम के तहत एडमिशन हुए थे।
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यह जिले की स्थिति...
ब्लॉक उपलब्ध सीटें आवेदन
रेवाड़ी 1481 1298
नाहड़ 589 197
बावल 436 97
जाटुसाना 322 173
खोल 250 99
-------------------------------
कुल 3078 1844
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पहली, छठी, नौवीं एवं ग्यारहवीं कक्षा में ही ले सकते हैं स्कूल एडमिशन फीस
अभिभावक सबसे ज्यादा प्राइवेट स्कूलों में प्रतिवर्ष ली जाने वाली रि-एडमिशन फीस से परेशान हैं। वेद प्रचार मंडल संगठन के अनिल आर्य पाल्हावास एवं कैलाश चंद ने बताया कि नियम 158 के तहत कोई भी स्कूूल केवल पहली, छटी, नौंवी एवं ग्यारहवीं कक्षा में रि-एडमिशन फीस वसूल सकते हैं। इसके विपरीत सभी स्कूल रि-एडमिशन के नाम पर प्रतिवर्ष हजारों रुपये की मोटी फीस वसूल रहे हैं। उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग की ओर 134-ए के तहत प्राइवेट स्कूलों में एडमिशन के लिए आवेदन मांगे गए थे। आवेदन के बाद 18 अप्रैल को ड्रॉ निकाला जाना था, लेकिन शिक्षा विभाग की ओर से पूरे हरियाणा में आवेदन पर रोक लगा दी गई। ड्रॉ नहीं निकलने के बाद से ही अभिभावक आए दिन सरकार एवं शिक्षा विभाग के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी के साथ अभिभावक जिले के एडिड स्कूलों में मनमानी फीस वसूलने एवं रसीद नहीं देने के के खिलाफ भी पिछले आठ माह से प्रदर्शन कर रहे हैं। इसके साथ प्राइवेट स्कूलों में रि-एडमिशन फीस के खिलाफ भी कई संगठन आवाज बुलंद किए हुए हैं। वहीं अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल बच्चों को एनसीआरटी की पुस्तकों की बजाय दूसरे निजी प्रकाशकों की पुस्तक बेचकर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं। प्रदर्शन करने वाले लोगों में सीमा, बिमला, पूजा, रोशनी, सुनिता, पूनम एवं सुमन समेत अनेक अभिभावक उपस्थित थे।
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वर्जन-
एडीसी के आदेश पर संबधित अधिकारी पूरे मामले की जांच करने के बाद रिपोर्ट सौंपेंगे। जिस स्कूल द्वारा कानून का उल्लंघन किया गया होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-धर्मबीर बल्डोदिया,डीईओ,रेवाड़ी
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ज्ञापन सौंपने से पहले महिलाओं ने सरकार एवं शिक्षा विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर निजी स्कूलों के साथ मिलीभगत का आरोप भी लगाया।
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अभिभावकों का कहना था कि प्रशासनिक अधिकारियों को मामले की शिकायत दी जाती है,लेकिन प्राइवेट स्कूलों के दवाब में जांच आगे नहीं बढ़ती है। उन्होंने कहा कि जब सरकार अपने नियमों को लागू ही नहीं करा सकती तो उसे जरूरतमंद बच्चों के लिए चल रही योजनाओं को बंद कर देना चाहिए।
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अभिभावकों का कहना था कि प्रशासन एवं सरकार निजी स्कूलों के साथ मिलकर उनकी निर्धनता का उपहास कर रही है। इसके अलावा ड्रा में देरी किए जाने से अभिभावकों में गुस्सा है। वे अनाज मंडी के दौरे पर आए शिक्षा मंत्री के सामने भी अपनी परेशानी रख चुके हैं। इसके अलावा एडिड स्कूलों में मनमानी फीस एवं किताबों सहित अन्य कई शिकायतों को उपायुक्त यश गर्ग के सामने रख चुके हैं। इन सभी मामलों की जांच एडीसी डॉ. प्रियंका सोनी कर रही हैं।
सीटें ज्यादा आवेदन कम, लेकिन देरी से अभिभावकों में है रोष
प्राइवेट स्कूलों की ओर से शिक्षा विभाग के पास स्कूलों में भेजी गई रिक्तियों के अनुसार रेवाड़ी ब्लॉक में सबसे अधिक आवेदन एवं बावल ब्लॉक में सबसे कम आवेदन मिले हैं। पांचों ब्लॉकों मेें आए आवेदन और और सीटों को देखा जाए तो आवेदन से सीटों की संख्या काफी ज्यादा हैं। बावजूद इसके अभिभावक ड्रॉ को लेकर व्याकुल हैं। गौरतलब है कि बीते सेशन में मई माह में इस नियम के तहत एडमिशन हुए थे।
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यह जिले की स्थिति...
ब्लॉक उपलब्ध सीटें आवेदन
रेवाड़ी 1481 1298
नाहड़ 589 197
बावल 436 97
जाटुसाना 322 173
खोल 250 99
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कुल 3078 1844
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पहली, छठी, नौवीं एवं ग्यारहवीं कक्षा में ही ले सकते हैं स्कूल एडमिशन फीस
अभिभावक सबसे ज्यादा प्राइवेट स्कूलों में प्रतिवर्ष ली जाने वाली रि-एडमिशन फीस से परेशान हैं। वेद प्रचार मंडल संगठन के अनिल आर्य पाल्हावास एवं कैलाश चंद ने बताया कि नियम 158 के तहत कोई भी स्कूूल केवल पहली, छटी, नौंवी एवं ग्यारहवीं कक्षा में रि-एडमिशन फीस वसूल सकते हैं। इसके विपरीत सभी स्कूल रि-एडमिशन के नाम पर प्रतिवर्ष हजारों रुपये की मोटी फीस वसूल रहे हैं। उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग की ओर 134-ए के तहत प्राइवेट स्कूलों में एडमिशन के लिए आवेदन मांगे गए थे। आवेदन के बाद 18 अप्रैल को ड्रॉ निकाला जाना था, लेकिन शिक्षा विभाग की ओर से पूरे हरियाणा में आवेदन पर रोक लगा दी गई। ड्रॉ नहीं निकलने के बाद से ही अभिभावक आए दिन सरकार एवं शिक्षा विभाग के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी के साथ अभिभावक जिले के एडिड स्कूलों में मनमानी फीस वसूलने एवं रसीद नहीं देने के के खिलाफ भी पिछले आठ माह से प्रदर्शन कर रहे हैं। इसके साथ प्राइवेट स्कूलों में रि-एडमिशन फीस के खिलाफ भी कई संगठन आवाज बुलंद किए हुए हैं। वहीं अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल बच्चों को एनसीआरटी की पुस्तकों की बजाय दूसरे निजी प्रकाशकों की पुस्तक बेचकर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं। प्रदर्शन करने वाले लोगों में सीमा, बिमला, पूजा, रोशनी, सुनिता, पूनम एवं सुमन समेत अनेक अभिभावक उपस्थित थे।
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वर्जन-
एडीसी के आदेश पर संबधित अधिकारी पूरे मामले की जांच करने के बाद रिपोर्ट सौंपेंगे। जिस स्कूल द्वारा कानून का उल्लंघन किया गया होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-धर्मबीर बल्डोदिया,डीईओ,रेवाड़ी
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