फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rewari News ›   outpost incharge and female constable line spot in case of telling teenager pregnant demand to suspend

Rewari News: किशोरी को गर्भवती बताने के मामले में चौकी प्रभारी और महिला सिपाही लाइन हाजिर, सस्पेंड करने की मांग

Sun, 07 May 2023 12:02 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Sun, 07 May 2023 12:02 AM IST
विज्ञापन
outpost incharge and female constable line spot in case of telling teenager pregnant demand to suspend
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

रेवाड़ी। बासदूदा स्थित पीएचसी में थायराइड का टेस्ट कराने गई 13 वर्षीय किशोरी को चिकित्सक द्वारा गर्भवती बताने और पुलिस कर्मियों पर प्रताड़ित करने के मामले में पुलिस प्रशासन ने चौकी प्रभारी को लाइन हाजिर किया है, जिसे पीड़ित परिवार ने महज खानापूर्ति बताया है। परिजनों की मांग है कि पुलिसकर्मियों को सस्पेंड (निलंबित) किया जाए। वहीं संबंधित डॉक्टर पर कार्रवाई करने के मामले में स्वास्थ्य विभाग मौन है। पुलिस की ओर से मामले में कार्रवाई के लिए सीएमओ को पत्र लिखा गया है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से सोमवार को जांच कमेटी का गठन किया जाएगा। हालांकि मामले को करीब 13 दिन बीत जाने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की ओर से संबंधित चिकित्सक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई जबकि संबंधित चिकित्सक स्वयं को क्लीन चिट भी दे रहा है। दूसरी ओर पीड़ित परिवार ने चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रशासन को तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है। पीड़िता ने बताया कि चिकित्सक की लापरवाही के कारण उन्हें बदनामी का दंश झेलना पड़ा। इसके बाद भी विभाग ने चिकित्सक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।
विज्ञापन

परिवार को झेलनी पड़ी बदनामी
एक गांव निवासी महिला 13 वर्षीय बेटी को थायराइड की जांच के लिए 24 अप्रैल को बासदूदा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर गई थी। यहां डॉक्टर ने किट से टेस्ट करके किशोरी को दो माह की गर्भवती बताया था। डॉक्टर ने पुलिस को भी फोन कर दिया और केस दर्ज करवा दिया। उसी दिन पुलिस मां व बेटी को चौकी में लेकर गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने न केवल दोनों को प्रताड़ित किया बल्कि चरित्र पर भी अपमानजनक टिप्पणी की। पीड़ित परिवार की ओर से एसपी को शिकायत करने के बाद किशोरी का अल्ट्रासाउंड कराया गया, जिसमें गर्भवती होने की बात को गलत पाया। उसे बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए कुंड चौकी प्रभारी और एक महिला सिपाही को लाइन हाजिर कर दिया।
इस मामले में ग्रामीणों में रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि चरित्र पर अपमानजनक टिप्पणी करने की सजा लाइन हाजिर कैसे हो सकती है। ऐसे पुलिसकर्मियों के खिलाफ तो केस दर्ज किया जाना चाहिए। किशोरी को गर्भवती बताने के बाद से पीड़ित परिवार ने कैसी जिल्लत भरी जिंदगी बिताई है, यह तो परिवार ही बता सकता है।

चिकित्सक की लापरवाही से पूरा परिवार सदमे
मामले की शुरुआत करने वाला बासदूदा पीएचसी का चिकित्सक स्वयं को अभी भी क्लीन चिट दे रहा है। अगर चिकित्सक की ओर से चूक नहीं की गई होती तो संभवतया किशोरी को बदनामी नहीं झेलनी पड़ती। चिकित्सकों की इस चूक से न केवल किशोरी बल्कि उसका पूरा परिवार सदमे में है।
वर्जन
मामले की जांच के बाद पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें लाइन हाजिर कर दिया गया है। प्रेग्नेंसी टेस्ट की रिपोर्ट देने के मामले में आगे की कार्रवाई के लिए पुलिस ने रिपोर्ट बनाकर सीएमओ को भेज दी है।

-अमित भाटिया, डीएसपी।

वर्जन
पुलिस की ओर से बीते दिन ही पत्र मिला है। दो दिन की छुट्टी हो गई है। सोमवार को मामले की जांच कमेटी बनाई जाएगी। कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. सुरेंद्र यादव, सीएमओ रेवाड़ी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed