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ग्वार की बिजाई का उपयुक्त समय शुरू : डॉ. बीडी
Thu, 18 Jun 2026 12:07 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Thu, 18 Jun 2026 12:07 AM IST
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किसानों को जागरूक करते डॉ. बीडी यादव। संवाद
कुंड। बारानी क्षेत्रों की प्रमुख नकदी फसल ग्वार की बिजाई का उपयुक्त समय शुरू हो चुका है। इसी को लेकर गांव बासदुदा में किसानों के लिए प्रशिक्षण एवं जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। ग्वार विशेषज्ञ डॉ. बीडी यादव ने किसानों को उन्नत खेती तकनीक, बीज उपचार और रोग नियंत्रण की जानकारी दी।
डॉ. यादव ने बताया कि इस समय ग्वार की बिजाई के लिए मौसम अनुकूल है। विशेषकर 10 से 25 जून के बीच वर्षा होने पर बिजाई सर्वोत्तम रहती है। यदि किसी कारणवश इस अवधि में बिजाई न हो सके तो 5 जुलाई तक अवश्य कर लेनी चाहिए। ग्वार की फसल में जड़ गलन रोग से 40 से 60 प्रतिशत तक नुकसान हो सकता है। इसलिए बीज उपचार अनिवार्य है। इसके लिए प्रति किलोग्राम बीज पर 3 ग्राम कार्बेन्डाजिम से उपचार करने की सलाह दी गई।
किसानों को संतुलित खाद उपयोग पर जोर देते हुए प्रति एकड़ सिंगल सुपर फास्फेट और यूरिया या डीएपी के उचित प्रयोग की सलाह दी। साथ ही गोबर की खाद के उपयोग से भूमि की उर्वरता बनाए रखने पर बल दिया गया। कार्यक्रम में किसानों को बीज उपचार के लिए दवा, मास्क और दस्ताने भी वितरित किए गए।
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डॉ. यादव ने बताया कि इस समय ग्वार की बिजाई के लिए मौसम अनुकूल है। विशेषकर 10 से 25 जून के बीच वर्षा होने पर बिजाई सर्वोत्तम रहती है। यदि किसी कारणवश इस अवधि में बिजाई न हो सके तो 5 जुलाई तक अवश्य कर लेनी चाहिए। ग्वार की फसल में जड़ गलन रोग से 40 से 60 प्रतिशत तक नुकसान हो सकता है। इसलिए बीज उपचार अनिवार्य है। इसके लिए प्रति किलोग्राम बीज पर 3 ग्राम कार्बेन्डाजिम से उपचार करने की सलाह दी गई।
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किसानों को संतुलित खाद उपयोग पर जोर देते हुए प्रति एकड़ सिंगल सुपर फास्फेट और यूरिया या डीएपी के उचित प्रयोग की सलाह दी। साथ ही गोबर की खाद के उपयोग से भूमि की उर्वरता बनाए रखने पर बल दिया गया। कार्यक्रम में किसानों को बीज उपचार के लिए दवा, मास्क और दस्ताने भी वितरित किए गए।
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