फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rewari News ›   Opposition to the release of contaminated water from factories into ponds, fields and drains

Rewari News: फैक्टरियों के दूषित पानी को जोहड़ों, खेतों और नालों में छोड़ने का विरोध

Mon, 18 May 2026 11:39 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Mon, 18 May 2026 11:39 PM IST
विज्ञापन
Opposition to the release of contaminated water from factories into ponds, fields and drains
आसलवास-पातुहेड़ा के पास जमा फैक्ट्रियों का पानी। संवाद
बावल (रेवाड़ी)। कसौली गांव में सोमवार को 11 गांवों के ग्रामीणों की हुई पंचायत में औद्योगिक क्षेत्र बावल की फैक्टरियों के दूषित व केमिकलयुक्त पानी को खेतों, जोहड़ों और नालों में छोड़ने का आरोप लगाया गया। ग्रामीणों ने कहा कि इससे खेती, पशुधन और लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा पैदा हो गया है। चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।
विज्ञापन

पंचायत में नरेश, बोलनी कपड़ीवास के सरपंच कार्तिक, बखापुर अध्यक्ष धर्मवीर, कसौला सरपंच धारा सिंह, विक्रम और कसौली सरपंच धर्म सिंह सहित कई गांवों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
विज्ञापन

ग्रामीणों ने कहा कि कई बार प्रशासन और संबंधित विभागों को शिकायत दी जा चुकी है लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। दूषित पानी के कारण खेतों की फसल प्रभावित हो रही है और भूमिगत जल प्रदूषित होने का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। बदबू और गंदगी के कारण लोगों का जीना मुश्किल हो गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

ग्रामीणों ने पंचायत में साफ चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो बड़े पैमाने पर आंदोलन किया जाएगा। लोगों ने कहा कि उद्योगों को नियमों के अनुसार ट्रीटमेंट प्लांट चलाने चाहिए लेकिन कई जगह नियमों की अनदेखी की जा रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एचएसआईडीसी के अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर समस्या के समाधान के लिए दो दिन का समय मांगा है।
अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि पानी निकासी और प्रदूषण संबंधी शिकायतों की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। पंचायत में यह भी जानकारी दी गई कि एचएसआईडीसी की ओर से पहले डाली गई पाइपलाइन को वहां से हटा लिया गया है।
-----------------
निगरानी नहीं रखी गई तो हो सकता है नुकसान
ग्रामीणों के अनुसार दूषित पानी की समस्या के समाधान के लिए एचएसआईडीसी ने लगभग 62.5 करोड़ रुपये सिंचाई विभाग को दिए हैं। योजना के तहत केमिकल युक्त पानी को धारूहेड़ा होते हुए ड्रेन नंबर-8 के माध्यम से नजफगढ़ तक पहुंचाने की प्रक्रिया जारी है। ग्रामीणों में आशंका बनी हुई है कि यदि व्यवस्था में पारदर्शिता और निगरानी नहीं रखी गई तो भविष्य में फिर से पर्यावरण और जल स्रोतों को नुकसान हो सकता है।

--------
आसपास के कई गांव समस्या से प्रभावित
ग्रामीणों ने कहा कि यह केवल कसौली गांव का मुद्दा नहीं है बल्कि आसपास के कई गांव इस समस्या से प्रभावित हैं। लोगों ने प्रशासन से मांग की कि प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए तथा गांवों के जल स्रोतों और खेती को सुरक्षित रखने के लिए स्थायी समाधान लागू किया जाए। पंचायत में मौजूद ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्र स्तर पर बड़ा जनआंदोलन शुरू किया जाएगा।

आसलवास-पातुहेड़ा के पास जमा फैक्ट्रियों का पानी। संवाद

आसलवास-पातुहेड़ा के पास जमा फैक्ट्रियों का पानी। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed