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दोपहर दो बजे तक निजी अस्पतालों में बंद रही ओपीडी, नागरिक अस्पताल में बढ़ी भीड़
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मॉडल टाऊन में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने विरोध जताते हुए आईएमए प्रधान डॉ. पवन
- फोटो : Rewari
रेवाड़ी। देशभर में निजी चिकित्सकों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और अस्पतालों पर हो रहे हमलों और योग गुरु रामदेव द्वारा चिकित्सकों पर दिए गए बयान के विरोध में शुक्रवार को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन से जुड़े चिकित्सकों ने सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक ओपीडी सेवाएं बंद रखी। चिकित्सकों ने काली पट्टी बांधकर माडल टाउन स्थित गांधी चौक पर कुछ देर के लिए धरना भी दिया।
निजी अस्पतालों में ओपीडी सेवा बंद होने के चलते नागरिक अस्पताल में अधिक मरीज पहुंचे तथा वहां काफी भीड़ रही। आईएमए अध्यक्ष डॉ. पवन गोयल की अध्यक्षता में एसोसिएशन से जुड़े चिकित्सक मॉडल टाउन में एकत्रित हुए। रोष प्रकट करते हुए चिकित्सक बाल भवन में पहुंचे तथा यहां पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री ओमप्रकाश यादव और कोसली विधायक लक्ष्मण सिंह यादव से मुलाकात कर प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। डॉ. पवन गोयल ने कहा कि कोरोना काल में चिकित्सकों ने सबसे अधिक बलिदान दिया। मरीजों की जान बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए तथा अपनी जान तक को जोखिम में डाला। इतने सब त्याग के बावजूद लोग चिकित्सकों को निशाना बना रहे हैं, जो पूरी तरह से गलत हैं।
बाबा रामदेव के बयान की आलोचना चिकित्सकों ने योग गुरु बाबा रामदेव के एलोपैथी चिकित्सा और इससे जुड़े चिकित्सकों पर दिए गए बयान को असंवेदनशील बताते हुए की। आईएमए के पूर्व प्रधान डॉ. करतार सिंह, डॉ. नरेंद्र यादव, डॉ. सीमा मित्तल आदि का कहना था कि जब मॉर्डन चिकित्सा पद्धति के चिकित्सक अपनी जान जोखिम में डालकर कोरोना रोगियों की सेवा कर रहें हैं, उसी समय बाबा रामदेव अपने व्यापारिक हितों को साधने के लिए चिकित्सकों के विरुद्ध आपत्तिजनक व असंवेदनशील बयान दे रहे हैं। गैर प्रमाणित दवा की गोलियों से कोरोना मरीजों को ठीक करने के झूठे दावे कर रहे हैं। यह सीधे तौर पर चिकित्सकों का अपमान है। इस मौके पर महासचिव डॉ. राजीव विग, डॉ. अशोक अरोड़ा, डॉ. घनश्याम मित्तल, डॉ. गुंजन गोयल, डॉ. पीसी सिगला, डॉ. अतीश सिगला, डॉ. दीपक शर्मा, डॉ. विश्व गौरव गुप्ता, डॉ. संजय अग्रवाल, डॉ. अमित मेहंदीरता सहित अन्य चिकित्सक मौजूद रहे।
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निजी अस्पतालों में ओपीडी सेवा बंद होने के चलते नागरिक अस्पताल में अधिक मरीज पहुंचे तथा वहां काफी भीड़ रही। आईएमए अध्यक्ष डॉ. पवन गोयल की अध्यक्षता में एसोसिएशन से जुड़े चिकित्सक मॉडल टाउन में एकत्रित हुए। रोष प्रकट करते हुए चिकित्सक बाल भवन में पहुंचे तथा यहां पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री ओमप्रकाश यादव और कोसली विधायक लक्ष्मण सिंह यादव से मुलाकात कर प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। डॉ. पवन गोयल ने कहा कि कोरोना काल में चिकित्सकों ने सबसे अधिक बलिदान दिया। मरीजों की जान बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए तथा अपनी जान तक को जोखिम में डाला। इतने सब त्याग के बावजूद लोग चिकित्सकों को निशाना बना रहे हैं, जो पूरी तरह से गलत हैं।
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बाबा रामदेव के बयान की आलोचना चिकित्सकों ने योग गुरु बाबा रामदेव के एलोपैथी चिकित्सा और इससे जुड़े चिकित्सकों पर दिए गए बयान को असंवेदनशील बताते हुए की। आईएमए के पूर्व प्रधान डॉ. करतार सिंह, डॉ. नरेंद्र यादव, डॉ. सीमा मित्तल आदि का कहना था कि जब मॉर्डन चिकित्सा पद्धति के चिकित्सक अपनी जान जोखिम में डालकर कोरोना रोगियों की सेवा कर रहें हैं, उसी समय बाबा रामदेव अपने व्यापारिक हितों को साधने के लिए चिकित्सकों के विरुद्ध आपत्तिजनक व असंवेदनशील बयान दे रहे हैं। गैर प्रमाणित दवा की गोलियों से कोरोना मरीजों को ठीक करने के झूठे दावे कर रहे हैं। यह सीधे तौर पर चिकित्सकों का अपमान है। इस मौके पर महासचिव डॉ. राजीव विग, डॉ. अशोक अरोड़ा, डॉ. घनश्याम मित्तल, डॉ. गुंजन गोयल, डॉ. पीसी सिगला, डॉ. अतीश सिगला, डॉ. दीपक शर्मा, डॉ. विश्व गौरव गुप्ता, डॉ. संजय अग्रवाल, डॉ. अमित मेहंदीरता सहित अन्य चिकित्सक मौजूद रहे।

मांगों को लेकर सामाजिक अधिकारिता मंत्री को मांग पत्र सौंपते हुए शहर के वरिष्ठ चिकित्सक।- फोटो : Rewari
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