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Rewari News: सिविल अस्पताल की ओपीडी 1500 पार
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सिविल अस्पताल में पर्ची कटाने के लिए लाइन में लगे लोग। संवाद
रेवाड़ी। दिन और रात के तापमान में उतार-चढ़ाव आने की वजह से लोग वायरल का शिकार हो रहे हैं। सोमवार को सिविल अस्पताल की ओपीडी 1500 को पार कर गई। दिन में हल्की गर्मी तो रात में हल्की ठंड हो जाती है। दिन की गर्मी देखकर लोग रात की सर्दी के प्रति लापरवाह रहते हैं। यही लापरवाही बीमारी का कारण बन जाती है। मौसम बदलने के साथ जिले के स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। सबसे ज्यादा सर्दी, जुकाम, बुखार और हृदय रोगी अस्पताल पहुंच रहे हैं।
अस्पताल में मरीजों की संख्या पर गौर करें तो कम से कम 700-800 तक मरीजों के नए पर्चे बन रहे हैं। इनमें दो सौ से लेकर चार सौ मरीज सर्दी जुकाम के ही निकल रहे हैं। उधर, अस्थमा, दमा, ब्लड प्रेशर, हार्ट अटैक, स्ट्रोक, सांस फूलने और सीने में दर्द के मरीजों की संख्या भी कम नहीं हो रही है। इसके साथ ही एक दिन में 15 से 20 मरीज हृदय रोग से संबंधित पहुंच रहे हैं। ऐसे में हृदय रोगियों को सबसे अधिक खतरा है। बदलता मौसम श्वास, दमा, ब्लड प्रेशर, हृदय के मरीजों के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक होता है। अस्पतालों में धीरे-धीरे ऐसे मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। जो मौसमी बीमारियों से पीड़ित हो रहे हैं। सर्दी जुकाम के अलावा खांसी से पीड़ित मरीजों की संख्या सबसे अधिक है। इसके अलावा बदन दर्द, जोड़ों का दर्द और सांस फूलने से परेशान मरीज भी आ रहे हैं।
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हृदय रोगी इन बातों का रखें ध्यान
चिकित्सक के मुताबिक हृदय के मरीज को जहां ठंड से बचाव की जरूरत है। वहीं, चिकनाई युक्त भोजन मना कर दिया जाता है। नमक की मात्रा बहुत कम कर दी जाती है। मछली, मांस, शराब, बीड़ी, सिगरेट और तंबाकू पर पूर्णतया रोक लगा दें। यह मरीज के लिए लाभदायक सिद्ध होगा। इसके सेवन से मरीज की हालत और बिगड़ सकती है।
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इस प्रकार करें बचाव
गर्म कपड़े पहनें, गर्म पानी पिएं और गर्म भोजन खाएं, ठंडी चीजों का इस्तेमाल का न करें, सर्दी-जुकाम होने पर भी डॉक्टर की सलाह लें, पेट में गैस की शिकायत पर तुरंत दवा लें व मुंह पर मास्क या कपड़ा रख कर निकलें।
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वर्जन:
बदलते मौसम में लोगों को ठंड से बचाव की जरूरत है। सुबह शाम गर्म कपड़े ही पहनकर निकलें। सीने में जरा सा भी दर्द हो तो तत्काल चिकित्सक से सलाह लेकर दवा लें। बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।
-डॉ. गौरव यादव, फिजिशियन, नागरिक अस्पताल
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अस्पताल में मरीजों की संख्या पर गौर करें तो कम से कम 700-800 तक मरीजों के नए पर्चे बन रहे हैं। इनमें दो सौ से लेकर चार सौ मरीज सर्दी जुकाम के ही निकल रहे हैं। उधर, अस्थमा, दमा, ब्लड प्रेशर, हार्ट अटैक, स्ट्रोक, सांस फूलने और सीने में दर्द के मरीजों की संख्या भी कम नहीं हो रही है। इसके साथ ही एक दिन में 15 से 20 मरीज हृदय रोग से संबंधित पहुंच रहे हैं। ऐसे में हृदय रोगियों को सबसे अधिक खतरा है। बदलता मौसम श्वास, दमा, ब्लड प्रेशर, हृदय के मरीजों के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक होता है। अस्पतालों में धीरे-धीरे ऐसे मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। जो मौसमी बीमारियों से पीड़ित हो रहे हैं। सर्दी जुकाम के अलावा खांसी से पीड़ित मरीजों की संख्या सबसे अधिक है। इसके अलावा बदन दर्द, जोड़ों का दर्द और सांस फूलने से परेशान मरीज भी आ रहे हैं।
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हृदय रोगी इन बातों का रखें ध्यान
चिकित्सक के मुताबिक हृदय के मरीज को जहां ठंड से बचाव की जरूरत है। वहीं, चिकनाई युक्त भोजन मना कर दिया जाता है। नमक की मात्रा बहुत कम कर दी जाती है। मछली, मांस, शराब, बीड़ी, सिगरेट और तंबाकू पर पूर्णतया रोक लगा दें। यह मरीज के लिए लाभदायक सिद्ध होगा। इसके सेवन से मरीज की हालत और बिगड़ सकती है।
इस प्रकार करें बचाव
गर्म कपड़े पहनें, गर्म पानी पिएं और गर्म भोजन खाएं, ठंडी चीजों का इस्तेमाल का न करें, सर्दी-जुकाम होने पर भी डॉक्टर की सलाह लें, पेट में गैस की शिकायत पर तुरंत दवा लें व मुंह पर मास्क या कपड़ा रख कर निकलें।
वर्जन:
बदलते मौसम में लोगों को ठंड से बचाव की जरूरत है। सुबह शाम गर्म कपड़े ही पहनकर निकलें। सीने में जरा सा भी दर्द हो तो तत्काल चिकित्सक से सलाह लेकर दवा लें। बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।
-डॉ. गौरव यादव, फिजिशियन, नागरिक अस्पताल