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Rewari News: चेक की क्लोनिंग कर बैंक खाते से निकाले एक लाख रुपये
Sun, 21 Jun 2026 12:00 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 21 Jun 2026 12:00 AM IST
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धारूहेड़ा। चेक क्लोनिंग कर अब बैंक खाते से रुपये निकालने की घटनाएं होने लगी हैं। सेक्टर-6 स्थित फैमिली सुपर बाजार के संचालक निखिल सिंघल के खाते से फर्जी चेक के माध्यम से एक लाख रुपये निकाल लिए गए। हैरानी की बात यह है कि जिस चेक की मूल राशि मात्र 47384 रुपये थी, उसी चेक नंबर का क्लोन तैयार कर जालसाजों ने बैंक से एक लाख रुपये निकाल लिए।
पीड़ित व्यापारी निखिल सिंघल ने सेक्टर-6 थाना पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि उन्होंने 11 जून को भिवाड़ी के एक व्यापारी को भुगतान के लिए चेक संख्या 100387 दिया था। चेक क्लियरिंग के लिए बैंक में जमा था। इसी दौरान जालसाजों ने कथित रूप से उसी चेक नंबर का फर्जी चेक तैयार कर लिया और 15 जून को पंजाब नेशनल बैंक धारूहेड़ा शाखा से एक लाख रुपये निकाल लिए।
घटना का खुलासा तब हुआ जब 16 जून को निखिल सिंघल ने इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से खाते का स्टेटस देखा। बैंक पहुंचने पर उन्हें बताया गया कि राधेश्याम नामक व्यक्ति ने उक्त राशि निकाली है। जब व्यापारी दिए गए पते पर पहुंचा तो वहां इस नाम का कोई व्यक्ति नहीं मिला।
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शिकायतकर्ता का आरोप है कि बैंक कर्मचारियों ने बिना खाताधारक से पुष्टि किए और बिना पर्याप्त जांच के एक लाख रुपये की नकद राशि जारी कर दी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक मानी जाएगी।
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चेक क्लोनिंग में उच्च स्तर की तकनीक का इस्तेमाल
एक वरिष्ठ बैंक अधिकारी ने नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर बताया कि यह सामान्य धोखाधड़ी का मामला नहीं लगता। इस प्रकार की चेक क्लोनिंग में उच्च स्तर की तकनीक और पेशेवर तरीके का इस्तेमाल किया गया प्रतीत होता है। फर्जी चेक पर मौजूद एमआईसीआर कोड, सुरक्षा संकेत, छह अंकों के कोड, हस्ताक्षर की प्रतिकृति तथा अन्य बैंकिंग विवरण इतने सटीक तरीके से तैयार किए गए कि वह देखने में लगभग असली चेक जैसा प्रतीत हो रहा था। इस तरह की क्लोनिंग आम व्यक्ति के बस की बात नहीं है। इसके पीछे संगठित गिरोह या तकनीकी जानकारी रखने वाले लोगों की भूमिका हो सकती है। मामले की गहन जांच से ही स्पष्ट होगा कि जालसाजों ने चेक की जानकारी और हस्ताक्षर किस माध्यम से प्राप्त किए तथा फर्जी दस्तावेज तैयार करने के लिए किन तकनीकों का उपयोग किया। बैंकिंग क्षेत्र के लिए यह घटना गंभीर चेतावनी है और इससे सुरक्षा प्रणाली को और मजबूत करने की आवश्यकता महसूस होती है।
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वर्जन
फर्जी चेक के माध्यम से बैंक खाते से राशि निकालने की शिकायत मिली है। जांच की जा रही है। बैंक से संबंधित दस्तावेज, लेन-देन का विवरण और अन्य तथ्यों की पड़ताल की जा रही है। फिलहाल इस संबंध में अभी एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी।-दिनेश कुमार, जांच अधिकारी, सेक्टर-6 थाना धारूहेड़ा।
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पीड़ित व्यापारी निखिल सिंघल ने सेक्टर-6 थाना पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि उन्होंने 11 जून को भिवाड़ी के एक व्यापारी को भुगतान के लिए चेक संख्या 100387 दिया था। चेक क्लियरिंग के लिए बैंक में जमा था। इसी दौरान जालसाजों ने कथित रूप से उसी चेक नंबर का फर्जी चेक तैयार कर लिया और 15 जून को पंजाब नेशनल बैंक धारूहेड़ा शाखा से एक लाख रुपये निकाल लिए।
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घटना का खुलासा तब हुआ जब 16 जून को निखिल सिंघल ने इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से खाते का स्टेटस देखा। बैंक पहुंचने पर उन्हें बताया गया कि राधेश्याम नामक व्यक्ति ने उक्त राशि निकाली है। जब व्यापारी दिए गए पते पर पहुंचा तो वहां इस नाम का कोई व्यक्ति नहीं मिला।
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शिकायतकर्ता का आरोप है कि बैंक कर्मचारियों ने बिना खाताधारक से पुष्टि किए और बिना पर्याप्त जांच के एक लाख रुपये की नकद राशि जारी कर दी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक मानी जाएगी।
चेक क्लोनिंग में उच्च स्तर की तकनीक का इस्तेमाल
एक वरिष्ठ बैंक अधिकारी ने नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर बताया कि यह सामान्य धोखाधड़ी का मामला नहीं लगता। इस प्रकार की चेक क्लोनिंग में उच्च स्तर की तकनीक और पेशेवर तरीके का इस्तेमाल किया गया प्रतीत होता है। फर्जी चेक पर मौजूद एमआईसीआर कोड, सुरक्षा संकेत, छह अंकों के कोड, हस्ताक्षर की प्रतिकृति तथा अन्य बैंकिंग विवरण इतने सटीक तरीके से तैयार किए गए कि वह देखने में लगभग असली चेक जैसा प्रतीत हो रहा था। इस तरह की क्लोनिंग आम व्यक्ति के बस की बात नहीं है। इसके पीछे संगठित गिरोह या तकनीकी जानकारी रखने वाले लोगों की भूमिका हो सकती है। मामले की गहन जांच से ही स्पष्ट होगा कि जालसाजों ने चेक की जानकारी और हस्ताक्षर किस माध्यम से प्राप्त किए तथा फर्जी दस्तावेज तैयार करने के लिए किन तकनीकों का उपयोग किया। बैंकिंग क्षेत्र के लिए यह घटना गंभीर चेतावनी है और इससे सुरक्षा प्रणाली को और मजबूत करने की आवश्यकता महसूस होती है।
वर्जन
फर्जी चेक के माध्यम से बैंक खाते से राशि निकालने की शिकायत मिली है। जांच की जा रही है। बैंक से संबंधित दस्तावेज, लेन-देन का विवरण और अन्य तथ्यों की पड़ताल की जा रही है। फिलहाल इस संबंध में अभी एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी।-दिनेश कुमार, जांच अधिकारी, सेक्टर-6 थाना धारूहेड़ा।