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जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में गांव मोतला के बुजुर्ग ने जताई पीड़ा
ब्यूरो /अमर उजाला
Updated Tue, 12 Apr 2016 12:59 AM IST
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पीड़ा जाहिर करता बुजुर्ग गणपत राम
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। साहब मेरी सुनवाई नहीं हो रही। मेरे खेत से खड़ी फसल काट ली गई। पुलिस भी कार्रवाई नहीं कर रही। क्या मैं फांसी लगा लूं। गांव मोतला के बुजुर्ग गणपत राम ने जब जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में कुछ यूं अपनी पीड़ा जाहिर की तो मुख्य संसदीय सचिव श्याम सिंह राणा ने पुलिस अधिकारियों से जवाब मांगा।
डीएसपी सतपाल ने इस मसले पर पुलिस का पक्ष रखते हुए सचिव से यहां तक कह दिया कि यह आदमी झूठ बोल रहा है। इसकी जांच की गई है। इस व्यक्ति का केवल नाली के पानी का पड़ोसी से विवाद है। इस बीच दूसरे पक्ष के लोग भी सुनवाई में पहुंच गए। जब जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति सदस्य एडवोकेट निहाल सिंह ने गणपत का पक्ष लेते हुए माइक से बोलना शुरू किया तो राणा ने मामले की जांच दोबारा करने के आदेश दे दिए।
निहाल सिंह ने कहा कि मैं एक वकील हूं। यहां दूसरे पक्ष का आना यह साबित करता है कि बुजुर्ग को कोई न कोई परेशानी जरूर है। इस पर एडवोकेट निहाल सिंह के साथ डीएसपी एवं तहसीलदार की कमेटी गठित कर दी गई। समिति की बैठक में कुल 12 मामले रखे गए। जिनमें ज्यादातर का मौके पर ही निपटारा कर दिया गया। इनके अलावा संसदीय सचिव ने ओपन जन सुनवाई भी की और अधिकारियों को समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए।
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इस मौके पर विधायक रणधीर सिंह कापड़ीवास, उपायुक्त डॉ यश गर्ग, एसपी संगीता कालिया, एडीसी डॉ प्रियंका सोनी, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता वीर कुमार यादव, जिलाध्यक्ष सतीश खोला, एसडीएम मनोज कुमार, डीडीपीओ एसी कौशिक सहित अनेक अधिकारी व लोग मौजूद रहे।
सफाई के मुद्दे पर नप अधिकारियों में तकरार
शहर में सफाई का मुद्दा भी खूब गूंजा। यहां लोगों और नगर परिषद अधिकारियों के बीच बहस भी हुई। इस पर संसदीय सचिव राणा ने निर्देश दिए कि सीटीएम की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई जाए। वह शहर की सफाई व्यवस्था की रिपोर्ट डीसी को देगी। जब संसदीय सचिव ने सफाई कर्मचारियों की संख्या पूछी तो बताया गया कि अस्थाई 172 कर्मचारी है तो उन्होंने कहा कि फिर क्या दिक्कत है।
ईओ अरविंद बाल्याण ने जवाब दिया कि पहले यहां 200 लोगों पर एक कर्मचाी था, अब 400 पर एक है। इस पर सचिव ने कहा कि सफाई तो करानी ही पड़ेगी। विकास नगर में विजय यादव ने मामला रखा कि नगर परिषद न तो अवैध कब्जे हटा रही है और न ही उनके इलाके में सफाई हो रही है। उनके घर के पास ही कूड़ा डाला जा रहा है।
इस पर मंच पर खड़े एमई से जवाब मांगा गया तो वे सकपका गए। बोले वे इंजीनियरिंग ब्रांच से हैं। इस पर ईओ अरविंद बाल्याण को बुलाया गया। जब उन्होंने कहा कि हर दिन कचरा उठता है तो विजय ने कहा कि इसी वक्त जांच कराई जा सकती है। जब इलाके के पार्षद से पूछा गया तो उन्होंने भी कहा कि सफाई नहीं हो रही है। इस पर जांच के आदेश दिए गए।
बस तो चलानी ही पड़ेगी
खोरी के पूर्व सरपंच भोलूराम के साथ खजान सिंह, विजय सिंह व अन्य ग्रामीणों ने खोरी में बस बंद होने की शिकायत की। रोडवेज अधिकारियों को बुलाकर पूछा गया तो बोले, गांव से दो किलोमीटर साइड से बस निकलती है। इस पर ग्रामीणों ने कहा कि पहले रोडवेज बस चलती थी। बाद में सोसायटी की बस चलाई गई लेकिन अब बस बंद है। इस पर रोडवेज अधिकारी ने कई तर्क दिए लेकिन संसदीय सचिव ने कहा कि बस तो चलानी ही पड़ेगी।
अस्पताल की बिल्डिंग पर मांगा जवाब
जन सुनवाई के बीच विधायक रणधीर सिंह कापड़ीवास ने नागरिक अस्पताल की नई बिल्डिंग को लेकर भी अधिकारियों से जवाब मांगा। स्वास्थ्य विभाग और पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को मंच के पास बुला लिया गया। बिल्डिंग में मरीजों के लिए रैंप नहीं बने हुए हैं। सीएमएचओ ने कहा कि रैंप के लिए प्रस्ताव दिया जा चुका है तो पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने कहा कि जल्द ही उच्चाधिकारियों को भेज दिया जाएगा। साथ ही अब बिल्डिंग में रैंप बनना मुश्किल बताया। इस पर विधायक ने कहा कि बिल्डिंग को जल्द फाइनल टच दिया जाए।
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डीएसपी सतपाल ने इस मसले पर पुलिस का पक्ष रखते हुए सचिव से यहां तक कह दिया कि यह आदमी झूठ बोल रहा है। इसकी जांच की गई है। इस व्यक्ति का केवल नाली के पानी का पड़ोसी से विवाद है। इस बीच दूसरे पक्ष के लोग भी सुनवाई में पहुंच गए। जब जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति सदस्य एडवोकेट निहाल सिंह ने गणपत का पक्ष लेते हुए माइक से बोलना शुरू किया तो राणा ने मामले की जांच दोबारा करने के आदेश दे दिए।
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निहाल सिंह ने कहा कि मैं एक वकील हूं। यहां दूसरे पक्ष का आना यह साबित करता है कि बुजुर्ग को कोई न कोई परेशानी जरूर है। इस पर एडवोकेट निहाल सिंह के साथ डीएसपी एवं तहसीलदार की कमेटी गठित कर दी गई। समिति की बैठक में कुल 12 मामले रखे गए। जिनमें ज्यादातर का मौके पर ही निपटारा कर दिया गया। इनके अलावा संसदीय सचिव ने ओपन जन सुनवाई भी की और अधिकारियों को समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए।
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इस मौके पर विधायक रणधीर सिंह कापड़ीवास, उपायुक्त डॉ यश गर्ग, एसपी संगीता कालिया, एडीसी डॉ प्रियंका सोनी, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता वीर कुमार यादव, जिलाध्यक्ष सतीश खोला, एसडीएम मनोज कुमार, डीडीपीओ एसी कौशिक सहित अनेक अधिकारी व लोग मौजूद रहे।
सफाई के मुद्दे पर नप अधिकारियों में तकरार
शहर में सफाई का मुद्दा भी खूब गूंजा। यहां लोगों और नगर परिषद अधिकारियों के बीच बहस भी हुई। इस पर संसदीय सचिव राणा ने निर्देश दिए कि सीटीएम की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई जाए। वह शहर की सफाई व्यवस्था की रिपोर्ट डीसी को देगी। जब संसदीय सचिव ने सफाई कर्मचारियों की संख्या पूछी तो बताया गया कि अस्थाई 172 कर्मचारी है तो उन्होंने कहा कि फिर क्या दिक्कत है।
ईओ अरविंद बाल्याण ने जवाब दिया कि पहले यहां 200 लोगों पर एक कर्मचाी था, अब 400 पर एक है। इस पर सचिव ने कहा कि सफाई तो करानी ही पड़ेगी। विकास नगर में विजय यादव ने मामला रखा कि नगर परिषद न तो अवैध कब्जे हटा रही है और न ही उनके इलाके में सफाई हो रही है। उनके घर के पास ही कूड़ा डाला जा रहा है।
इस पर मंच पर खड़े एमई से जवाब मांगा गया तो वे सकपका गए। बोले वे इंजीनियरिंग ब्रांच से हैं। इस पर ईओ अरविंद बाल्याण को बुलाया गया। जब उन्होंने कहा कि हर दिन कचरा उठता है तो विजय ने कहा कि इसी वक्त जांच कराई जा सकती है। जब इलाके के पार्षद से पूछा गया तो उन्होंने भी कहा कि सफाई नहीं हो रही है। इस पर जांच के आदेश दिए गए।
बस तो चलानी ही पड़ेगी
खोरी के पूर्व सरपंच भोलूराम के साथ खजान सिंह, विजय सिंह व अन्य ग्रामीणों ने खोरी में बस बंद होने की शिकायत की। रोडवेज अधिकारियों को बुलाकर पूछा गया तो बोले, गांव से दो किलोमीटर साइड से बस निकलती है। इस पर ग्रामीणों ने कहा कि पहले रोडवेज बस चलती थी। बाद में सोसायटी की बस चलाई गई लेकिन अब बस बंद है। इस पर रोडवेज अधिकारी ने कई तर्क दिए लेकिन संसदीय सचिव ने कहा कि बस तो चलानी ही पड़ेगी।
अस्पताल की बिल्डिंग पर मांगा जवाब
जन सुनवाई के बीच विधायक रणधीर सिंह कापड़ीवास ने नागरिक अस्पताल की नई बिल्डिंग को लेकर भी अधिकारियों से जवाब मांगा। स्वास्थ्य विभाग और पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को मंच के पास बुला लिया गया। बिल्डिंग में मरीजों के लिए रैंप नहीं बने हुए हैं। सीएमएचओ ने कहा कि रैंप के लिए प्रस्ताव दिया जा चुका है तो पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने कहा कि जल्द ही उच्चाधिकारियों को भेज दिया जाएगा। साथ ही अब बिल्डिंग में रैंप बनना मुश्किल बताया। इस पर विधायक ने कहा कि बिल्डिंग को जल्द फाइनल टच दिया जाए।