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अब प्ले स्कूलों में नौनिहाल सीख रहे क ख ग

Tue, 17 May 2022 12:06 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 17 May 2022 12:06 AM IST
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Now the children are learning in play schools
अब प्ले स्कूलों में नौनिहाल सीख रहे क ख ग
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लीड
- जिले में 165 प्ले स्कूलों में सरकार ने शुरू कराई नई गतिविधियां
- महिला एवं बाल विकास विभाग की पुस्तिका में छुपा है इन गतिविधियों का सार
- गर्मी के मौसम में बच्चों को राहत देने के लिए चल रही बिजली कनेक्शन लेने की प्रक्रिया
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों को प्ले स्कूल का स्वरूप देने के बाद अब नौनिहाल इन जगहों पर क ख ग सीख रहे हैं। इनमें विभागीय कर्मचारियों ने नई गतिविधियां शुरू कराई हैं। विभाग ने हर प्ले स्कूल में एक पुस्तिका भिजवाई है, जिसमें इन गतिविधियों का सार छिपा है। गर्मी के मौसम में बच्चों को राहत देने के लिए बिजली कनेक्शन लेने की प्रक्रिया भी चल रही है।
प्रदेश सरकार की ओर से सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को प्ले स्कूल में बदलने का अहम निर्णय लिया गया, जिसके तहत जिले में 166 आंगनबाड़ी केंद्रों को प्ले स्कूल के तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हुई। इस निर्णय को जमीनी स्तर पर लागू करने में एक आंगनबाड़ी केंद्र में कुछ समस्याएं पेश आईं तो जिले में 165 प्ले स्कूल शुरू करा दिए गए। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की तीन माह से अधिक समय तक चली हड़ताल के बाद सरकार ने इस निर्णय को लागू किया और तेजी से कदम उठाए। किराए पर चलने वाले आंगनबाड़ी केंद्रों को सार्वजनिक जगहों पर चलाने का अहम निर्णय लिया गया।
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जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से संचालित आंगनबाड़ी केंद्र भी इस हड़ताल से काफी अंदर तक प्रभावित हुए। गर्भवती महिलाओं, बच्चों, किशोरियों, गर्भवती महिलाओं और दूध पिलाने वाली माताओं को संतुलित आहार उपलब्ध कराने का काम रुक गया। बाद में इसे बंटवाने पर काफी बवाल हुआ। नए प्ले स्कूल शुरू कराए जाने से पहले संबंधित भवनों की दशा सुधारी गई। उनकी दीवारों पर चित्रकारी की गई, अक्षर ज्ञान, फलों, ग्रहों, गिनती काफी कुछ नई-नई चीजें अंकित कराई गईं ताकि बच्चे यहां आकर बोरियत महसूस नहीं करें।
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अब पता चला है कि यहां आंगनबाड़ी कार्यकर्ता इन बच्चों की प्रथम गुरू की भूमिका में आ गई हैं। वे इनको लिखना, पढ़ना, शुद्घ बोलना, सही उच्चारण, अंक ज्ञान, अक्षर ज्ञान समेत अन्य अहम जानकारियां दे रही हैं। प्रत्येक केंद्र में 23 से 30 बच्चे आ रहे हैं। सुबह पौने नौ बजे से पौने एक बजे तक इन बच्चों को सुबह प्रार्थना, फिर योग, अक्षर ज्ञान, खेल और अंत में भोजन कराकर किसी अभिभावक के साथ घर भेजा जाता है। बच्चों को समय-समय पर पानी भी पिलवाया जाता है ताकि इनके शरीर में गर्मी की वजह से पानी की कमी नहीं हो।
फिलहाल इनमें से कुछ केंद्रों में गर्मी के मौसम को देखते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग तथा शिक्षा विभाग स्कूल भवनों में बिजली कनेक्शन जल्द लगवाने की प्रक्रिया में जुटे हैं। ऐसा होने के बाद इन बच्चों को बेहतर माहौल में अपनी प्रारंभिक शिक्षा ग्रहण करने का अनुभव प्राप्त होगा।

वर्जन
जिले के 165 प्ले स्कूलों में 65 स्कूलों में, 78 महिला एवं बाल विकास विभाग के भवन में जबकि अन्य सार्वजनिक भवन जैसे स्कूल, चौपाल आदि में संचालित किए जा रहे हैं। सरकार ने इनमें बच्चों के खेलने का सामान, फर्नीचर, शुद्ध पेयजल के लिए आरओ तथा खानपान की व्यवस्था उपलब्ध करा दी है। कुछ जगह बिजली के कनेक्शन लेने की प्रक्रिया चल रही है, जो जल्द पूरा कराने के प्रयास जारी हैं। यह सरकार का नया सपना है, जिससे बच्चों के भाग्य और शिक्षा पर गहरा असर पड़ेगा।
- उर्मिल सिवाच, परियोजना अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग।
फोटो - 09
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