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Rewari News: बंदर और कुत्तों से छात्रों को बचाने के लिए 318 स्कूलों में नोडल अधिकारी नियुक्त
Tue, 13 Jan 2026 11:39 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 13 Jan 2026 11:39 PM IST
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फोटो नंबर- 18नारनौल स्थित जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय। संवाद
नारनौल। निजी व सरकारी स्कूलों के पास अब बंदर व कुत्ते सहित अन्य जानवर नजर नहीं आएंगे। इसके लिए शिक्षा विभाग की ओर से 318 सरकारी व गैर सरकारी स्कूलों में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की है। वहीं कुछ स्कूल जो अभी सूची में शामिल नहीं है। उनमें भी जल्द ही नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी।
सरकारी व गैर सरकारी में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदारी नोडल अधिकारियों को सौंपी गई है। सभी नोडल अधिकारी जर्जर भवन, प्रवेश द्वार, चहारदीवारी की निगरानी रखेंगे। जानकारी के अनुसार अटेली के 91, कनीना के 85, महेंद्रगढ़ के 55, नांगल चौधरी के 38 और नारनौल के 40 स्कूलों में नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।
शिक्षा विभाग द्वारा जारी सूची में शहरी क्षेत्रों की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित स्कूलों की संख्या अधिक है। गौरतलब है कि ग्रामीण क्षेत्रों में अनेक ऐसे स्कूल संचालित है जिनकी चहारदीवारी या प्रवेश द्वार जर्जर हाल में है। ऐसे में गोवंश, कुत्ते व बंदर स्कूल में प्रवेश कर जाते हैं। जिससे हादसों का खतरा बना रहता है।
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वर्जन :
सरकारी व गैर सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले सभी बच्चों की सुरक्षा अति महत्वपूर्ण है। जिसके लिए जिले के करीब 318 स्कूलों में नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। वहीं जो स्कूल बच गए हैं उनमें भी जल्द नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे। नोडल अधिकारी स्कूलों में जर्जर भवन, टूटे प्रवेश द्वार व चहारदीवारी का निरीक्षण करेंगे और विभाग को अवगत करवाएंगे। -विश्वेश्वर कौशिक, जिला शिक्षा अधिकारी, नारनौल।
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सरकारी व गैर सरकारी में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदारी नोडल अधिकारियों को सौंपी गई है। सभी नोडल अधिकारी जर्जर भवन, प्रवेश द्वार, चहारदीवारी की निगरानी रखेंगे। जानकारी के अनुसार अटेली के 91, कनीना के 85, महेंद्रगढ़ के 55, नांगल चौधरी के 38 और नारनौल के 40 स्कूलों में नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।
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शिक्षा विभाग द्वारा जारी सूची में शहरी क्षेत्रों की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित स्कूलों की संख्या अधिक है। गौरतलब है कि ग्रामीण क्षेत्रों में अनेक ऐसे स्कूल संचालित है जिनकी चहारदीवारी या प्रवेश द्वार जर्जर हाल में है। ऐसे में गोवंश, कुत्ते व बंदर स्कूल में प्रवेश कर जाते हैं। जिससे हादसों का खतरा बना रहता है।
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वर्जन :
सरकारी व गैर सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले सभी बच्चों की सुरक्षा अति महत्वपूर्ण है। जिसके लिए जिले के करीब 318 स्कूलों में नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। वहीं जो स्कूल बच गए हैं उनमें भी जल्द नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे। नोडल अधिकारी स्कूलों में जर्जर भवन, टूटे प्रवेश द्वार व चहारदीवारी का निरीक्षण करेंगे और विभाग को अवगत करवाएंगे। -विश्वेश्वर कौशिक, जिला शिक्षा अधिकारी, नारनौल।