{"_id":"69878225cfe261b5bf037b32","slug":"nh-48-rs-193-crore-will-be-spent-on-the-improvement-of-bridge-service-road-and-drainage-work-has-started-rewari-news-c-198-1-rew1001-233247-2026-02-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: एनएच 48...पुल, सर्विस रोड व ड्रेनेज के सुधार पर खर्च होंगे 1.93 करोड़, कार्य शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: एनएच 48...पुल, सर्विस रोड व ड्रेनेज के सुधार पर खर्च होंगे 1.93 करोड़, कार्य शुरू
Sat, 07 Feb 2026 11:49 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 07 Feb 2026 11:49 PM IST
विज्ञापन
एनएच 48 पर निर्माण के लिए कार्य करते कर्मचारी। संवाद
- फोटो : 1
धारूहेड़ा। दिल्ली–जयपुर नेशनल हाईवे-48 पर पुल, सर्विस रोड और ड्रेनेज सुधार के कार्य पर 1.93 करोड़ खर्च किए जाएंगे। एनएचएआई ने सर्वोदय कंपनी को 1 करोड़ 93 लाख रुपये का टेंडर दे दिया है। इसके तहत हीरो चौक और सालावास कट पर पुल का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही हाईवे के दोनों ओर सर्विस रोड का नवीकरण, ड्रेनेज पाइपलाइन, जल निकासी और अन्य बुनियादी कार्य भी किए जाएंगे। फिलहाल कार्य शुरू हो चुका है।
इस परियोजना के पूरा होने से क्षेत्र में स्थित औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत हजारों कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है। वर्तमान में नेशनल हाईवे अथॉरिटी की ओर से सुरक्षा कारणों के चलते हाईवे पर सभी कट बंद कर दिए गए हैं, जिससे लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।
एनएचएआई की ओर से एक कंपनी को दो साल की अवधि के लिए टेंडर दिए गए हैं। इस दौरान पुल निर्माण के साथ-साथ सर्विस रोड को चौड़ा और दुरुस्त किया जाएगा ताकि स्थानीय ट्रैफिक और औद्योगिक क्षेत्र का दबाव हाईवे पर न पड़े। इसके अलावा बारिश के मौसम में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए ड्रेनेज सिस्टम को भी मजबूत किया जाएगा।
विज्ञापन
कट बंद होने से जान जोखिम में डाल रहे श्रमिक
दिल्ली-जयपुर हाईवे पर मालपुरा के पास कट बंद होने के बाद स्थिति और गंभीर हो गई है। आसपास की कंपनियों में काम करने वाले हजारों श्रमिक रोजाना जान जोखिम में डालकर हाईवे पार कर रहे हैं। कोई डिवाइडर कूदकर सड़क पार करता दिखाई देता है, तो कोई हाईवे के बीच लगे लोहे के एंगल के नीचे से निकलकर दूसरी तरफ पहुंचने की कोशिश करता है। इससे हादसे की आशंका जताई जा रही है। इसका सबसे बड़ा कारण लंबी दूरी तय करना है। यदि नियमों के अनुसार रास्ता अपनाया जाए तो लोगों को मालपुरा से करीब एक किलोमीटर पैदल चलकर कापड़ीवास ओवरब्रिज तक जाना पड़ता है। वहां से हाईवे पार करने के बाद फिर एक किलोमीटर वापस दूसरी ओर आना पड़ता है। इतनी लंबी दूरी और समय की कमी के चलते लोग शॉर्टकट अपनाने को मजबूर हैं।
-
बैरिकेड्स लगाकर कट को किया है बंद
दिल्ली–जयपुर हाईवे पर मालपुरा स्थित हीरो चौक पहले से ही वाहनों के भारी दबाव के कारण हादसों का हॉटस्पॉट बना हुआ था। यहां दिन-रात भारी वाहनों, बसों और निजी गाड़ियों की आवाजाही रहती है। आए दिन होने वाले हादसों पर काबू पाने के लिए एनएचएआई ने हाईवे के बीच बैरिकेड्स लगाकर कट को बंद कर दिया था। हालांकि इसके बावजूद हादसों में खास कमी नहीं आई है बल्कि पैदल चलने वाले और दोपहिया वाहन चालकों के लिए खतरा और बढ़ गया है।
वर्जन
कार्य के लिए सर्वोदय कंपनी को टेंडर दिया गया है। यह 1.93 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट है। इसमें हीरो चौक तथा सालावास कट पर क्रासर पुल का निर्माण किया जाएगा। इसी क्रम में हाईवे के सर्विस रोड का कार्य होगा साथ ही दोनों तरफ ड्रेन पाइपलाइन डाली जाएगी।-प्रकाश तिवारी, प्रोजेक्ट मैनेजर, एनएचएआई।
विज्ञापन
इस परियोजना के पूरा होने से क्षेत्र में स्थित औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत हजारों कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है। वर्तमान में नेशनल हाईवे अथॉरिटी की ओर से सुरक्षा कारणों के चलते हाईवे पर सभी कट बंद कर दिए गए हैं, जिससे लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।
विज्ञापन
एनएचएआई की ओर से एक कंपनी को दो साल की अवधि के लिए टेंडर दिए गए हैं। इस दौरान पुल निर्माण के साथ-साथ सर्विस रोड को चौड़ा और दुरुस्त किया जाएगा ताकि स्थानीय ट्रैफिक और औद्योगिक क्षेत्र का दबाव हाईवे पर न पड़े। इसके अलावा बारिश के मौसम में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए ड्रेनेज सिस्टम को भी मजबूत किया जाएगा।
विज्ञापन
कट बंद होने से जान जोखिम में डाल रहे श्रमिक
दिल्ली-जयपुर हाईवे पर मालपुरा के पास कट बंद होने के बाद स्थिति और गंभीर हो गई है। आसपास की कंपनियों में काम करने वाले हजारों श्रमिक रोजाना जान जोखिम में डालकर हाईवे पार कर रहे हैं। कोई डिवाइडर कूदकर सड़क पार करता दिखाई देता है, तो कोई हाईवे के बीच लगे लोहे के एंगल के नीचे से निकलकर दूसरी तरफ पहुंचने की कोशिश करता है। इससे हादसे की आशंका जताई जा रही है। इसका सबसे बड़ा कारण लंबी दूरी तय करना है। यदि नियमों के अनुसार रास्ता अपनाया जाए तो लोगों को मालपुरा से करीब एक किलोमीटर पैदल चलकर कापड़ीवास ओवरब्रिज तक जाना पड़ता है। वहां से हाईवे पार करने के बाद फिर एक किलोमीटर वापस दूसरी ओर आना पड़ता है। इतनी लंबी दूरी और समय की कमी के चलते लोग शॉर्टकट अपनाने को मजबूर हैं।
-
बैरिकेड्स लगाकर कट को किया है बंद
दिल्ली–जयपुर हाईवे पर मालपुरा स्थित हीरो चौक पहले से ही वाहनों के भारी दबाव के कारण हादसों का हॉटस्पॉट बना हुआ था। यहां दिन-रात भारी वाहनों, बसों और निजी गाड़ियों की आवाजाही रहती है। आए दिन होने वाले हादसों पर काबू पाने के लिए एनएचएआई ने हाईवे के बीच बैरिकेड्स लगाकर कट को बंद कर दिया था। हालांकि इसके बावजूद हादसों में खास कमी नहीं आई है बल्कि पैदल चलने वाले और दोपहिया वाहन चालकों के लिए खतरा और बढ़ गया है।
वर्जन
कार्य के लिए सर्वोदय कंपनी को टेंडर दिया गया है। यह 1.93 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट है। इसमें हीरो चौक तथा सालावास कट पर क्रासर पुल का निर्माण किया जाएगा। इसी क्रम में हाईवे के सर्विस रोड का कार्य होगा साथ ही दोनों तरफ ड्रेन पाइपलाइन डाली जाएगी।-प्रकाश तिवारी, प्रोजेक्ट मैनेजर, एनएचएआई।