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101 वर्षीय स्वतंत्रता सेनानी की आंखों में नेताजी का नाम सुनते ही आ जाती है चमक

Fri, 13 Aug 2021 11:54 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 13 Aug 2021 11:54 PM IST
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Netaji's name sparkles in the eyes of the 101 year old freedom fighter
आजाद हिंद फौज के सिपाही मंगल सिंह। - फोटो : Rewari
रेवाड़ी/ कोसली। गोरे ने हिंदुस्तान को गाली दी तो बर्मा की सेंट्रल जेल में बंद आजादी के परवाने आजाद हिंद फौज के सिपाही कोसली निवासी मंगल सिंह ने उसकी धुनाई कर दी। जेलर मौके पर पहुंचा तो माफी मांगने के लिए कहा, लेकिन मंगल ने मना कर दिया। इस पर उनको एक सप्ताह भूखा रखा गया, लेकिन उनका हौसला कम नहीं हुआ।
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गांव कोसली के निवासी 101 वर्षीय स्वतंत्रता सेनानी मंगल सिंह ने 75वें स्वतंत्रता दिवस पर अमर उजाला से खास बातचीत में अपने अनुभव साझा किए। इतना ही नहीं उन्होंने मौजूद हालात पर भी बेबाकी से बात रखी। मंगल सिंह शारीरिक रूप से कमजोर दिखाई दिए, लेकिन जैसे ही उनके सामने आजाद हिंद फौज और नेताजी सुभाष चंद्र बोस का नाम आया, उनकी उसकी आंखों में चमक आ गई। सूरत सिंह के परिवार में तीन भाई-बहनों में सबसे बड़े मंगल सिंह गांव में लोगों से नेताजी सुभाष चंद्र बोस का नाम सुनते थे। तभी से उन्होंने सेना में भर्ती होने का मन बना लिया था।
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पांच साल बर्मा की जेल में रहे
बतौर मंगल सिंह उस समय ब्रिटिश सेना में भर्ती होना आसान था। इसलिए नेताजी तक पहुंचने के लिए अगस्त 1940 में वह ब्रिटिश सेना में शामिल हो गए। इसी दौरान अंग्रेजों की जापान के साथ लड़ाई हो गई। उन्हें अन्य साथियों के साथ सिंगापुर से बर्मा की सेंट्रल जेल में बंद कर दिया गया। करीब 5 साल जेल में बंद रहने के दौरान अन्य कैदियों के साथ मिलकर बगावत कर दी। नेताजी सुभाष चंद्र बोस उनसे मिलने गए और सभी को जेल से आजाद कराया। जेल में ही नेताजी के साथ देश के लिए काम करने की इच्छा जताई। इसके बाद से नेताजी के साथ आजादी की जंग में शामिल हो गए।
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आजादी के बाद पाकिस्तान व चीन से लिया लोहा
देश की आजादी के बाद वर्ष 1948 में वह फिर सेना में भर्ती हो गए। करीब 25 साल तक देश की सेवा की, इस दौरान पाकिस्तान व चीन के साथ हुए युद्धों में भाग लिया। 1976 में सेना से सेवानिवृत्त हो गए। मंगल सिंह ने कहा कि युवाओं को सरकार रोजगार दे। युवा ही देश का भविष्य हैं, उन्हें अपनी ऊर्जा देश के निर्माण में लगानी चाहिए। रोजगार के अभाव में देश का युवा पथभ्रष्ट हो रहा है।

बोले- चीन को मुंहतोड़ जवाब देना जरूरी
मंगल सिंह ने कहा कि नेताओं ने देश की हालत खराब कर दी है। ओछी राजनीति होने के कारण राजनेता देश सेवा की ओर कम ध्यान दे रहे हैं। चीन के लोगों को सबक सिखाने की जरूरत बताते हुए उन्होंने कहा कि चुप रहने को कमजोरी समझते हैं। सरकार अपना कार्य कर रही है, लेकिन चीन को मुंहतोड़ जवाब देना चाहिए। उन्होंने धारा 370 हटाने पर प्रधानमंत्री मोदी सरकार का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि नेताजी के वो शब्द आज भी याद कर जोश भर जाता है.. तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा।
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