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Rewari News: आस्था का पर्व नवरात्र आज से शुरू, मंदिरों में उमड़ेगी भीड़
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धारूहेड़ा स्थित दुर्गा माता मंदिर। संवाद
रेवाड़ी। शारदीय नवरात्र सोमवार से शुरू हो जाएंगे। मंदिरों से लेकर घर-घर तक भक्ति और उल्लास का माहौल है। श्रद्धालु मां दुर्गा की आराधना हेतु तैयारी में जुट गए हैं। शहर के प्रमुख दुर्गा मंदिरों में भी सजावट का कार्य हो चुका है।
मंदिर समितियां रंग-बिरंगी लाइटिंग, झूमर और फूलों से विशेष साज-सज्जा की गई है। मंदिर परिसरों की साफ-सफाई व स्वच्छता के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं ताकि भक्तों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
आमजन भी इस पर्व को लेकर उत्साहित हैं। घर-घर में मां दुर्गा की प्रतिमाओं की स्थापना और कलश पूजन की तैयारियां चल रही हैं। बाजारों में भी जबरदस्त रौनक देखने को मिल रही है। पूजन सामग्री, सजावट के सामान और धार्मिक वस्तुओं की दुकानों पर भीड़ उमड़ी।
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महिलाएं व्रत-पूजन के लिए विशेष सामग्री खरीद की। नवरात्र पर्व को और आकर्षक बनाने के लिए विभिन्न मंदिर समितियां विशेष झांकियां और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करेंगी। जगह-जगह भजन संध्याओं का आयोजन होगा, जिनमें प्रसिद्ध भजन मंडलियां अपनी प्रस्तुतियां देकर श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर करेंगी।
शास्त्रों के अनुसार शारदीय नवरात्र में दुर्गा सप्तशती, दुर्गा चालीसा और विशेष देवी मंत्रों का पाठ करने से समस्त बाधाओं का नाश होता है और धन, धान्य और संतान की प्राप्ति होती है। मां दुर्गा को शृंगार सामग्री, नारियल और गुड़हल के फूल अर्पित करने से देवी प्रसन्न होकर भक्तों की सभी मनोकामनाओं की पूर्ति करती हैं।
इस वर्ष भक्तों के जीवन में सुख, समृद्धि और ज्ञान की होगी वृद्धि
धारूहेड़ा चुंगी स्थित ज्योतिष संस्थान के ज्योतिषाचार्य अजय शास्त्री ने बताया कि इस बार घटस्थापना गजकेसरी योग में होगी। मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर भक्तों के बीच पधारेंगी। शास्त्रों के अनुसार हाथी ज्ञान और समृद्धि का प्रतीक है। इसका अर्थ है कि इस वर्ष भक्तों के जीवन में सुख, समृद्धि और ज्ञान की वृद्धि होगी। यह नवरात्र दस दिनों तक चलेगा। 30 सितंबर को महाष्टमी और 1 अक्टूबर को महानवमी का पर्व मनाया जाएगा।
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मंदिर समितियां रंग-बिरंगी लाइटिंग, झूमर और फूलों से विशेष साज-सज्जा की गई है। मंदिर परिसरों की साफ-सफाई व स्वच्छता के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं ताकि भक्तों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
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आमजन भी इस पर्व को लेकर उत्साहित हैं। घर-घर में मां दुर्गा की प्रतिमाओं की स्थापना और कलश पूजन की तैयारियां चल रही हैं। बाजारों में भी जबरदस्त रौनक देखने को मिल रही है। पूजन सामग्री, सजावट के सामान और धार्मिक वस्तुओं की दुकानों पर भीड़ उमड़ी।
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महिलाएं व्रत-पूजन के लिए विशेष सामग्री खरीद की। नवरात्र पर्व को और आकर्षक बनाने के लिए विभिन्न मंदिर समितियां विशेष झांकियां और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करेंगी। जगह-जगह भजन संध्याओं का आयोजन होगा, जिनमें प्रसिद्ध भजन मंडलियां अपनी प्रस्तुतियां देकर श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर करेंगी।
शास्त्रों के अनुसार शारदीय नवरात्र में दुर्गा सप्तशती, दुर्गा चालीसा और विशेष देवी मंत्रों का पाठ करने से समस्त बाधाओं का नाश होता है और धन, धान्य और संतान की प्राप्ति होती है। मां दुर्गा को शृंगार सामग्री, नारियल और गुड़हल के फूल अर्पित करने से देवी प्रसन्न होकर भक्तों की सभी मनोकामनाओं की पूर्ति करती हैं।
इस वर्ष भक्तों के जीवन में सुख, समृद्धि और ज्ञान की होगी वृद्धि
धारूहेड़ा चुंगी स्थित ज्योतिष संस्थान के ज्योतिषाचार्य अजय शास्त्री ने बताया कि इस बार घटस्थापना गजकेसरी योग में होगी। मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर भक्तों के बीच पधारेंगी। शास्त्रों के अनुसार हाथी ज्ञान और समृद्धि का प्रतीक है। इसका अर्थ है कि इस वर्ष भक्तों के जीवन में सुख, समृद्धि और ज्ञान की वृद्धि होगी। यह नवरात्र दस दिनों तक चलेगा। 30 सितंबर को महाष्टमी और 1 अक्टूबर को महानवमी का पर्व मनाया जाएगा।