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Rewari News: कन्याओं का पूजन कर किया नवरात्र अनुष्ठान का समापन
Sat, 12 Oct 2024 03:27 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 12 Oct 2024 03:27 AM IST
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फोटो : 26रेवाड़ी। धारूहेड़ा निवासी पूजा कंजक खिलाते हुए। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। नवरात्र में व्रत धारण करने वाले श्रद्धालुओं ने शुक्रवार को दुर्गा अष्टमी पर कन्याओं का पूजन किया और उन्हें भोजन ग्रहण करा कर नवरात्र अनुष्ठान का समापन किया।
श्रद्धालुओं ने हवन भी किया। शुक्रवार को अष्टमी और नवमी तिथियां रहीं जिसकी वजह से श्रद्धालुओं ने हवन किया। इसके बाद कंजकों के पांव पखारे, उनके माथे पर तिलक लगाया और मां दुर्गा का स्वरूप मानकर उनसे आशीर्वाद लिया। बाद में सभी कंजकों को हलवा, पूरी का प्रसाद खिलाने के बाद नकद राशि और अन्य उपहार भेंट किए। नवरात्र पर पूजन के बाद व्रत रखने वाले श्रद्धालु़ओं ने शनिवार को अपना व्रत खोल लिया। श्रद्धालुओं ने हलवा, पूरी, चना सहित अन्य पकवान बनाकर कंजक को भोग लगाकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
पूजा अर्चना करने वाले माता के भक्तों को पूजन के लिए कन्याओं को ढूंढने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। एक-दूसरे गली मोहल्लों में जाकर कंजकों को ढूंढ रहे थे। कुछ लोग इन बच्चों के पीछे-पीछे पहुंच रहे थे ताकि एक जगह पूजा अर्चना करने के बाद सभी कन्याओं को अपने घर ले जा सकें। लोगों ने विधिविधान पूर्वक 7, 9, 11 कन्याओं को अपने घरों में बिठाकर पांव धोकर, तिलक लगाकर, हाथों में मोली बांधकर प्रसाद खिलाकर कंजकों को श्रद्धापूर्वक सम्मान भी दिया। धारूहेड़ा निवासी पूजा, ललिता, आरूषी ने बताया कि एक-दूसरे गली मोहल्लों में जाकर कंजकों को ढूंढ रहे थे। बाद में 9 कन्याओं को बैठाकर उनकी पूजा की गई, काफी खुशी हुई।
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रेवाड़ी। नवरात्र में व्रत धारण करने वाले श्रद्धालुओं ने शुक्रवार को दुर्गा अष्टमी पर कन्याओं का पूजन किया और उन्हें भोजन ग्रहण करा कर नवरात्र अनुष्ठान का समापन किया।
श्रद्धालुओं ने हवन भी किया। शुक्रवार को अष्टमी और नवमी तिथियां रहीं जिसकी वजह से श्रद्धालुओं ने हवन किया। इसके बाद कंजकों के पांव पखारे, उनके माथे पर तिलक लगाया और मां दुर्गा का स्वरूप मानकर उनसे आशीर्वाद लिया। बाद में सभी कंजकों को हलवा, पूरी का प्रसाद खिलाने के बाद नकद राशि और अन्य उपहार भेंट किए। नवरात्र पर पूजन के बाद व्रत रखने वाले श्रद्धालु़ओं ने शनिवार को अपना व्रत खोल लिया। श्रद्धालुओं ने हलवा, पूरी, चना सहित अन्य पकवान बनाकर कंजक को भोग लगाकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
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पूजा अर्चना करने वाले माता के भक्तों को पूजन के लिए कन्याओं को ढूंढने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। एक-दूसरे गली मोहल्लों में जाकर कंजकों को ढूंढ रहे थे। कुछ लोग इन बच्चों के पीछे-पीछे पहुंच रहे थे ताकि एक जगह पूजा अर्चना करने के बाद सभी कन्याओं को अपने घर ले जा सकें। लोगों ने विधिविधान पूर्वक 7, 9, 11 कन्याओं को अपने घरों में बिठाकर पांव धोकर, तिलक लगाकर, हाथों में मोली बांधकर प्रसाद खिलाकर कंजकों को श्रद्धापूर्वक सम्मान भी दिया। धारूहेड़ा निवासी पूजा, ललिता, आरूषी ने बताया कि एक-दूसरे गली मोहल्लों में जाकर कंजकों को ढूंढ रहे थे। बाद में 9 कन्याओं को बैठाकर उनकी पूजा की गई, काफी खुशी हुई।
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