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Rewari News: कोसली और भाकली गांव के बीच नामकरण को लेकर विवाद फिर पनपा
Tue, 26 May 2026 11:35 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 26 May 2026 11:35 PM IST
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ज्ञापन देने के लिए जा रहे ग्रामीण। संवाद
कोसली। कोसली और भाकली गांव के बीच नामकरण को लेकर विवाद एक बार फिर पनप गया है। कोसली सब डिपो के कर्मशाला का नाम भाकली पर रख दिए जाने से विवाद शुरू हुआ। कोसली के ग्रामीणों ने सीएम के नाम एसडीएम विजय कुमार को ज्ञापन सौंप कर शहीद सत्य प्रकाश कार्यशाला कोसली रखने की मांग की है।
कोसली संघर्ष समिति ने बताया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 7 मार्च 2024 को करोड़ों रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया था। इसमें एक परियोजना कोसली कस्बा में रोडवेज वर्कशॉप सब डिपो का उद्घाटन भी शामिल था।
कोसली में हरियाणा राज्य परिवहन की ओर से सब-डिपो की कर्मशाला का उद्घाटन शहीद सत्यप्रकाश कर्मशाला भाकली (कोसली) के नाम से किया गया है। जबकि बस स्टैंड और कर्मशाला एक सामूहिक जमीन के टुकड़े का अधिग्रहण और इसका मुआवजा वितरण कोसली के नाम से किया गया था। इसके साथ ही कार्यशाला के लिए प्रोजेक्ट अलॉटमेंट लेटर, बजट लेटर और टेंडर के कागजात सभी कोसली के नाम से है।
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ग्रामीणों ने कहा कि इससे पहले भी मृदु एवं जल प्रयोगशाला का शिलान्यास कोसली के नाम से होने के बावजूद राजनीति के चलते भाकली के नाम से उद्घाटन कर दिया था। जिस समय इस परियोजना का टेंडर हुआ वो भी कोसली के नाम से है। सभी दस्तावेज कोसली के नाम से होने के बावजूद प्रयोगशाला का नामकरण भाकली के नाम से कर दिया गया था। बाद में ग्रामीणों के विरोध के बाद इसको बदला गया था। अब एक बार फिर रोडवेज के सब डिपो की कार्यशाला का नाम भाकली के नाम पर किया गया है।
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दोनों गांव के बीच हुआ था समझौता
गौरतलब है कि कोसली-भांकली नामकरण विवाद लंबे समय से चलता आ रहा है। किसान भवन और आरओबी को लेकर पहले भी विवाद हो चुका है। उस समय कोसली ने चुनावों का बहिष्कार भी किया था। कई साल पहले नामकरण के इस विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया था, जिसमें कोसली के एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। कई ग्रामीणों को जेल तक जाना पड़ा था। काफी हंगामे के बाद 13 अगस्त 2014 को दोनों गांवों के बीच आपसी सहमति बनी थी कि भविष्य में परियोजनाओं के नामकरण पर भाकली की ओर कोई विवाद नहीं किया जाएगा।
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कोसली संघर्ष समिति ने बताया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 7 मार्च 2024 को करोड़ों रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया था। इसमें एक परियोजना कोसली कस्बा में रोडवेज वर्कशॉप सब डिपो का उद्घाटन भी शामिल था।
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कोसली में हरियाणा राज्य परिवहन की ओर से सब-डिपो की कर्मशाला का उद्घाटन शहीद सत्यप्रकाश कर्मशाला भाकली (कोसली) के नाम से किया गया है। जबकि बस स्टैंड और कर्मशाला एक सामूहिक जमीन के टुकड़े का अधिग्रहण और इसका मुआवजा वितरण कोसली के नाम से किया गया था। इसके साथ ही कार्यशाला के लिए प्रोजेक्ट अलॉटमेंट लेटर, बजट लेटर और टेंडर के कागजात सभी कोसली के नाम से है।
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ग्रामीणों ने कहा कि इससे पहले भी मृदु एवं जल प्रयोगशाला का शिलान्यास कोसली के नाम से होने के बावजूद राजनीति के चलते भाकली के नाम से उद्घाटन कर दिया था। जिस समय इस परियोजना का टेंडर हुआ वो भी कोसली के नाम से है। सभी दस्तावेज कोसली के नाम से होने के बावजूद प्रयोगशाला का नामकरण भाकली के नाम से कर दिया गया था। बाद में ग्रामीणों के विरोध के बाद इसको बदला गया था। अब एक बार फिर रोडवेज के सब डिपो की कार्यशाला का नाम भाकली के नाम पर किया गया है।
दोनों गांव के बीच हुआ था समझौता
गौरतलब है कि कोसली-भांकली नामकरण विवाद लंबे समय से चलता आ रहा है। किसान भवन और आरओबी को लेकर पहले भी विवाद हो चुका है। उस समय कोसली ने चुनावों का बहिष्कार भी किया था। कई साल पहले नामकरण के इस विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया था, जिसमें कोसली के एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। कई ग्रामीणों को जेल तक जाना पड़ा था। काफी हंगामे के बाद 13 अगस्त 2014 को दोनों गांवों के बीच आपसी सहमति बनी थी कि भविष्य में परियोजनाओं के नामकरण पर भाकली की ओर कोई विवाद नहीं किया जाएगा।

ज्ञापन देने के लिए जा रहे ग्रामीण। संवाद