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Rewari News: छह माह तक के शिशु को मां का दूध जरूरी
Sun, 03 Aug 2025 12:40 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 03 Aug 2025 12:40 AM IST
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फोटो : 1गांव झाड़ौदा में महिलाओं को जागरूक करते सुपरवाइजर पिंकी शर्मा। स्रोत : विभाग
- फोटो : संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
कोसली। गांव झाड़ौदा स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से विश्व स्तनपान सप्ताह के दौरान विचार गोष्ठी आयोजित की गई। इसमें माताओं को बताया गया कि छह माह तक के शिशु के लिए मां का दूध जरूरी होता है। ऐसे में महिलाएं अपने शिशु को नियमित अपना दूध पिलाएं।
विशेषज्ञों ने बताया कि एक साल तक के बच्चों के लिए मां का दूध सर्वोत्तम आहार है। बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर पिंकी शर्मा ने कहा कि स्तनपान कराने से शिशु की सेहत बनती है। उसमें बीमारियों से लड़ने की क्षमता पैदा होती है। मां के दूध से शिशु में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
शून्य से 6 माह तक की आयु के शिशु को बाहर का दूध, जन्म घुट्टी, पानी, शहद आदि की बजाय माता अपना दूध पिलाएं, जोकि अत्यंत बच्चे के लिए अति गुणकारी है। इस अवसर पर गांव की महिलाओं को समझाया गया कि वे अपनी और अपने बच्चे की सेहत का ध्यान रखे।
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माता स्वयं पौष्टिक आहार ले और शिशु को स्तनपान करवाएं। उन्होंने बताया कि 6 माह के शिशु को आहार देना शुरू करना चाहिए। गोष्ठी में झाड़ौदा गांव की अनेक महिलाएं मौजूद रहीं।
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कोसली। गांव झाड़ौदा स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से विश्व स्तनपान सप्ताह के दौरान विचार गोष्ठी आयोजित की गई। इसमें माताओं को बताया गया कि छह माह तक के शिशु के लिए मां का दूध जरूरी होता है। ऐसे में महिलाएं अपने शिशु को नियमित अपना दूध पिलाएं।
विशेषज्ञों ने बताया कि एक साल तक के बच्चों के लिए मां का दूध सर्वोत्तम आहार है। बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर पिंकी शर्मा ने कहा कि स्तनपान कराने से शिशु की सेहत बनती है। उसमें बीमारियों से लड़ने की क्षमता पैदा होती है। मां के दूध से शिशु में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
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शून्य से 6 माह तक की आयु के शिशु को बाहर का दूध, जन्म घुट्टी, पानी, शहद आदि की बजाय माता अपना दूध पिलाएं, जोकि अत्यंत बच्चे के लिए अति गुणकारी है। इस अवसर पर गांव की महिलाओं को समझाया गया कि वे अपनी और अपने बच्चे की सेहत का ध्यान रखे।
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माता स्वयं पौष्टिक आहार ले और शिशु को स्तनपान करवाएं। उन्होंने बताया कि 6 माह के शिशु को आहार देना शुरू करना चाहिए। गोष्ठी में झाड़ौदा गांव की अनेक महिलाएं मौजूद रहीं।