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Rewari News: बंदर लोगों को कैद कर रहे घर के अंदर
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फोटो : 10टंकी के उपर चढ़े बंदर। संवाद
भिवाड़ी। यूआईटी सेक्टर-9 में पिछले एक महीने से बंदरों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। करीब 15 से 20 बंदरों का झुंड घरों पर हमला कर रहा है जिससे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों में दहशत का माहौल है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बंदर कपड़े, बर्तन, गमले, पौधे, पानी की टंकियां और दीपावली की सजावट तक को नुकसान पहुंचा रहे हैं। कई बार शिकायत के बावजूद नगर परिषद की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
सेक्टर-9 की निवासी अर्पिता ने बताया कि पिछले एक साल से बंदरों का आतंक बढ़ता जा रहा है। वे छत पर सुखाए कपड़े फाड़ देते हैं, गमले उखाड़ते हैं, पानी की टंकियों को तोड़ देते हैं और रेलिंग तक उखाड़ चुके हैं।
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अर्पिता ने बताया कि बंदर कपड़े उठाकर दूसरे सेक्टर में फेंक आते हैं जिससे लोगों को भारी परेशानी हो रही है।
वहीं सेक्टर-9 की बबीता ने कहा कि बंदरों के झुंड के कारण सुबह-शाम घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। बच्चों को खेलने या स्कूल जाने में डर लगता है। एक महिला को 15 दिन पहले बंदरों ने काटकर घायल भी कर दिया था। बबीता ने बताया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई अधिकारी या कर्मचारी समस्या का जायजा लेने नहीं आया।
सेक्टर-9 के किशन चंद जैन ने बताया कि बंदरों ने बच्चों और बड़ों के लिए खतरा पैदा कर दिया है। सुबह-शाम गलियों में बंदर दौड़कर हमला करते हैं जिससे बच्चे स्कूल जाने से डरते हैं। उन्होंने कहा कि नगर परिषद को कई बार लिखित शिकायत दी गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। चार दिन पहले पार्क में एक पिंजरा लगाया गया लेकिन न तो उसमें बंदर पकड़े गए और न ही कोई कर्मचारी देखरेख के लिए आया।
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नगर परिषद का दावा...जल्द होगी कार्रवाई
बंदरों की समस्या की शिकायत अभी तक नहीं मिली थी। अब जानकारी मिलने के बाद टीम भेजकर बंदरों को पकड़वाया जाएगा और उन्हें दूर जंगल में छोड़ा जाएगा। -मुकेश चौधरी, आयुक्त, भिवाड़ी नगर परिषद
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स्थानीय लोगों का कहना है कि बंदर कपड़े, बर्तन, गमले, पौधे, पानी की टंकियां और दीपावली की सजावट तक को नुकसान पहुंचा रहे हैं। कई बार शिकायत के बावजूद नगर परिषद की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
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सेक्टर-9 की निवासी अर्पिता ने बताया कि पिछले एक साल से बंदरों का आतंक बढ़ता जा रहा है। वे छत पर सुखाए कपड़े फाड़ देते हैं, गमले उखाड़ते हैं, पानी की टंकियों को तोड़ देते हैं और रेलिंग तक उखाड़ चुके हैं।
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अर्पिता ने बताया कि बंदर कपड़े उठाकर दूसरे सेक्टर में फेंक आते हैं जिससे लोगों को भारी परेशानी हो रही है।
वहीं सेक्टर-9 की बबीता ने कहा कि बंदरों के झुंड के कारण सुबह-शाम घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। बच्चों को खेलने या स्कूल जाने में डर लगता है। एक महिला को 15 दिन पहले बंदरों ने काटकर घायल भी कर दिया था। बबीता ने बताया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई अधिकारी या कर्मचारी समस्या का जायजा लेने नहीं आया।
सेक्टर-9 के किशन चंद जैन ने बताया कि बंदरों ने बच्चों और बड़ों के लिए खतरा पैदा कर दिया है। सुबह-शाम गलियों में बंदर दौड़कर हमला करते हैं जिससे बच्चे स्कूल जाने से डरते हैं। उन्होंने कहा कि नगर परिषद को कई बार लिखित शिकायत दी गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। चार दिन पहले पार्क में एक पिंजरा लगाया गया लेकिन न तो उसमें बंदर पकड़े गए और न ही कोई कर्मचारी देखरेख के लिए आया।
नगर परिषद का दावा...जल्द होगी कार्रवाई
बंदरों की समस्या की शिकायत अभी तक नहीं मिली थी। अब जानकारी मिलने के बाद टीम भेजकर बंदरों को पकड़वाया जाएगा और उन्हें दूर जंगल में छोड़ा जाएगा। -मुकेश चौधरी, आयुक्त, भिवाड़ी नगर परिषद