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Rewari News: डॉ. कलाम की जयंती पर अंतर-विभागीय कार्यशाला में प्रस्तुत किए मॉडल
Sat, 17 Oct 2026 12:35 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 17 Oct 2026 12:35 AM IST
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आईजीयू में आयोजित कार्यशाला का दृश्य। स्रोत : विवि
रेवाड़ी। इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय के भौतिकी विभाग और बौद्धिक संपदा अधिकार प्रकोष्ठ की ओर से पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती पर एक दिवसीय अंतर-विभागीय कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें विज्ञान पोस्टर प्रस्तुति और नवाचारी वैज्ञानिक मॉडलों के माध्यम से विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा दिखाई।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. असीम मिगलानी ने आयोजन समिति, शिक्षकों और विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि डॉ. कलाम का जीवन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत है। इस प्रकार के आयोजन वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और अनुसंधान को बढ़ावा देने के साथ बौद्धिक संपदा अधिकारों के प्रति जागरूकता भी बढ़ाते हैं।
कार्यक्रम का उद्घाटन कुलसचिव प्रो. दिलबाग सिंह ने किया। उन्होंने डॉ. कलाम से मुलाकात के संस्मरण साझा करते हुए विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान खोजने के लिए प्रेरित किया। डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. सुनील कुमार ने भी डॉ. कलाम के जीवन से जुड़े अनुभव साझा किए।
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कार्यशाला में विभिन्न विभागों के करीब 100 विद्यार्थियों ने भाग लिया। इसमें 61 टीमों ने विज्ञान पोस्टर और 10 टीमों ने वैज्ञानिक मॉडल प्रस्तुत किए। निर्णायक मंडल में प्रो. सतिंदर बल गुप्ता, प्रो. रश्मि पुंडीर और सतीश कुमार शामिल रहे।
पोस्टर प्रस्तुति में इलेक्ट्रोमॉर्फिक कंप्यूटिंग और वैज्ञानिक मॉडल श्रेणी में कार्बन-नकारात्मक धुआं रहित चूल्हा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। समापन सत्र की अध्यक्षता छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. करण सिंह ने की। उन्होंने विजेताओं को पुरस्कार और स्मृति-चिह्न प्रदान किए।
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विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. असीम मिगलानी ने आयोजन समिति, शिक्षकों और विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि डॉ. कलाम का जीवन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत है। इस प्रकार के आयोजन वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और अनुसंधान को बढ़ावा देने के साथ बौद्धिक संपदा अधिकारों के प्रति जागरूकता भी बढ़ाते हैं।
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कार्यक्रम का उद्घाटन कुलसचिव प्रो. दिलबाग सिंह ने किया। उन्होंने डॉ. कलाम से मुलाकात के संस्मरण साझा करते हुए विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान खोजने के लिए प्रेरित किया। डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. सुनील कुमार ने भी डॉ. कलाम के जीवन से जुड़े अनुभव साझा किए।
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कार्यशाला में विभिन्न विभागों के करीब 100 विद्यार्थियों ने भाग लिया। इसमें 61 टीमों ने विज्ञान पोस्टर और 10 टीमों ने वैज्ञानिक मॉडल प्रस्तुत किए। निर्णायक मंडल में प्रो. सतिंदर बल गुप्ता, प्रो. रश्मि पुंडीर और सतीश कुमार शामिल रहे।
पोस्टर प्रस्तुति में इलेक्ट्रोमॉर्फिक कंप्यूटिंग और वैज्ञानिक मॉडल श्रेणी में कार्बन-नकारात्मक धुआं रहित चूल्हा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। समापन सत्र की अध्यक्षता छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. करण सिंह ने की। उन्होंने विजेताओं को पुरस्कार और स्मृति-चिह्न प्रदान किए।