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Rewari News: मिड-डे मील कार्यकर्ताओं ने विभिन्न मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन
Mon, 01 Jan 2024 11:23 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Mon, 01 Jan 2024 11:23 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। मिड-डे मील कार्यकर्ता यूनियन ने सोमवार को मांगों को लेकर उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। कार्यकर्ताओं ने मिड-डे मील कुक व हेल्पर से 1500 रुपये लेने का विरोध विरोध किया।
जिले की मिड-डे मील कार्यकर्ता शहर के सुभाष चंद्र बोस पार्क में एकत्रित हुईं और भाड़ावास सर्कल की प्रधान व जिला कमेटी सदस्या मुनेश भाड़ावास के नेतृत्व में प्रर्दशन करते हुए उपायुक्त कार्यालय पहुंची और ज्ञापन सौंपा। इससे पूर्व सभा को संबोधित करते हुए एआईयूटीयूसी की जिला कमेटी रेवाड़ी की कोषाध्यक्ष संतोष ने कहा कि विभाग के पत्र के अनुसार हरियाणा के स्कूलों में कार्यरत मिड डे मील कुक कम हेल्पर से चिरायु योजना के अंतर्गत 1500 रुपये सालाना प्रीमियम लेकर 5 लाख रुपये तक का इलाज फ्री देने के हरियाणा सरकार का निर्णय अनुचित एवं मिड डे मील कर्मी विरोधी है उसे वापस लिया जाए। मिड डे मील कार्यकर्ता को साल में महज 10 माह का मानदेय मिलता है जो 7000 रुपये प्रति माह है, जो कुल साल के 70000 रुपये बनते है। सरकार की योजना के अंतर्गत चिरायु योजना का लाभ उनको फ्री मिलता है जिनकी सालाना आय 1.80 लाख है। सरकार खुद अपनी ही योजना की अवेहलना कर रही है। वैसे भी मिड डे मील कर्मी आर्थिक मामले में समाज के सबसे नीचे पायदान पर है, जिनमें काफी संख्या में विधवा है जो मामूली से मानदेय के बदले पूरा दिन स्कूलों में अपनी सेवाएं दे रही है। मानदेय नियमित दिया जाए।
ज्ञापन में मांग की गई कि प्रदेश की तमाम मिड डे मील कर्मियों को 5 लाख तक के इलाज की सुविधा, 1500 रुपये सालाना प्रीमियम लिए बिना, प्रदान करे, जिन मिड डे मील कर्मियों से प्रीमियम की राशि वसूल कर ली है, उसे वापिस लौटाया जाए, मिड डे मील कर्मियों को पिछले तीन महीने से मानदेय नहीं मिला है इसे तुरंत जारी किया जाए, मिड डे मील कर्मियों का मानदेय हर महीने की सात तारीख तक दिया जाए, मानदेय साल में दस महीने की बजाय पूरे बारह महीने का दिया जाए और न्यूनतम मासिक मानदेय कम से कम 28000 रुपये दिया जाए।
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रेवाड़ी। मिड-डे मील कार्यकर्ता यूनियन ने सोमवार को मांगों को लेकर उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। कार्यकर्ताओं ने मिड-डे मील कुक व हेल्पर से 1500 रुपये लेने का विरोध विरोध किया।
जिले की मिड-डे मील कार्यकर्ता शहर के सुभाष चंद्र बोस पार्क में एकत्रित हुईं और भाड़ावास सर्कल की प्रधान व जिला कमेटी सदस्या मुनेश भाड़ावास के नेतृत्व में प्रर्दशन करते हुए उपायुक्त कार्यालय पहुंची और ज्ञापन सौंपा। इससे पूर्व सभा को संबोधित करते हुए एआईयूटीयूसी की जिला कमेटी रेवाड़ी की कोषाध्यक्ष संतोष ने कहा कि विभाग के पत्र के अनुसार हरियाणा के स्कूलों में कार्यरत मिड डे मील कुक कम हेल्पर से चिरायु योजना के अंतर्गत 1500 रुपये सालाना प्रीमियम लेकर 5 लाख रुपये तक का इलाज फ्री देने के हरियाणा सरकार का निर्णय अनुचित एवं मिड डे मील कर्मी विरोधी है उसे वापस लिया जाए। मिड डे मील कार्यकर्ता को साल में महज 10 माह का मानदेय मिलता है जो 7000 रुपये प्रति माह है, जो कुल साल के 70000 रुपये बनते है। सरकार की योजना के अंतर्गत चिरायु योजना का लाभ उनको फ्री मिलता है जिनकी सालाना आय 1.80 लाख है। सरकार खुद अपनी ही योजना की अवेहलना कर रही है। वैसे भी मिड डे मील कर्मी आर्थिक मामले में समाज के सबसे नीचे पायदान पर है, जिनमें काफी संख्या में विधवा है जो मामूली से मानदेय के बदले पूरा दिन स्कूलों में अपनी सेवाएं दे रही है। मानदेय नियमित दिया जाए।
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ज्ञापन में मांग की गई कि प्रदेश की तमाम मिड डे मील कर्मियों को 5 लाख तक के इलाज की सुविधा, 1500 रुपये सालाना प्रीमियम लिए बिना, प्रदान करे, जिन मिड डे मील कर्मियों से प्रीमियम की राशि वसूल कर ली है, उसे वापिस लौटाया जाए, मिड डे मील कर्मियों को पिछले तीन महीने से मानदेय नहीं मिला है इसे तुरंत जारी किया जाए, मिड डे मील कर्मियों का मानदेय हर महीने की सात तारीख तक दिया जाए, मानदेय साल में दस महीने की बजाय पूरे बारह महीने का दिया जाए और न्यूनतम मासिक मानदेय कम से कम 28000 रुपये दिया जाए।
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