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जूट और कपड़े के थैलों का प्रयोग करने का दिया संदेश
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रेवाड़ी।आजादी अमृत महोत्सव की कड़ी में रेवाड़ी जिला में स्वच्छ भारत मिशन के तहत विजुअल क्लीननेस ऑफ विलेज थीम पर चलाए जा रहे ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के तहत वीरवार को दुकानों व रेहडिय़ो पर जूट व कपड़े के थैलों का प्रयोग करने बारे आमजन व पर्यावरण को प्लास्टिक से होने वाले नुकसान बारे जागरूक किया गया।
डीसी अशोक कुमार गर्ग कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने अपने आसपास के लोगों को स्वच्छता बनाए रखने संबंधी शिक्षा प्रदान कर राष्ट्र को एक उत्कृष्ट संदेश दिया था। उन्होंने स्वच्छ भारत का सपना देखा था। वह चाहते थे कि भारत के सभी नागरिक एक साथ मिलकर देश को स्वच्छ बनाने के लिए कार्य करें। महात्मा गांधी के स्वच्छ भारत के स्वप्न को पूरा करने के लिए, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी स्वच्छ भारत अभियान शुरू किया और इसके सफल कार्यान्वयन हेतु भारत के सभी नागरिकों से इस अभियान से जुड़ने की अपील की।
डीसी ने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान का उद्देश्य केवल आसपास की सफाई करना ही नहीं है, अपितु नागरिकों की सहभागिता से अधिक-से अधिक पेड़ लगाना, कचरा मुक्त वातावरण बनाना, शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराकर एक स्वच्छ भारत का निर्माण करना है। देश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए स्वच्छ भारत का निर्माण करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। साफ, स्वस्थ और स्वच्छ भारत के निर्माण के लिए हमें स्वच्छता ही सेवा अभियान में भागीदार बनना होगा। इस अभियान के तहत लोगों को गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग एकत्रित करने, डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के दौरान प्लास्टिक आदि ठोस कचरे के निष्पादन, साथ ही सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग नहीं करने, जूट व कपड़े के थैले के प्रयोग के बारे में जानकारी दी जा रही है। यह अभियान दो अक्टूबर, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती तक जारी रहेगा।
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स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत आगे ये कार्यक्रम होंगे आयोजित
डीसी अशोक कुमार गर्ग ने बताया कि 23 सितंबर को संवाद ओडीएफ प्लस अभियान बारे, 24 सितंबर को स्लोगन लेखन कूड़ा न फैलाने बारे शपथ, 25 सितंबर को विद्यार्थियों द्वारा स्वच्छता व प्लास्टिक वेस्ट न जलाने बारे जागरूकता रैली तथा 26 से 30 सितंबर तक स्वच्छता पर आधारित अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। एक अक्तूबर को स्वच्छता में उत्कृष्ट करने वाले वर्करों को सम्मानित किया जाएगा तथा 2 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर सार्वजनिक स्थानों से प्लास्टिक व कूड़ा एकत्रित करने के लिए श्रमदान कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।
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डीसी अशोक कुमार गर्ग कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने अपने आसपास के लोगों को स्वच्छता बनाए रखने संबंधी शिक्षा प्रदान कर राष्ट्र को एक उत्कृष्ट संदेश दिया था। उन्होंने स्वच्छ भारत का सपना देखा था। वह चाहते थे कि भारत के सभी नागरिक एक साथ मिलकर देश को स्वच्छ बनाने के लिए कार्य करें। महात्मा गांधी के स्वच्छ भारत के स्वप्न को पूरा करने के लिए, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी स्वच्छ भारत अभियान शुरू किया और इसके सफल कार्यान्वयन हेतु भारत के सभी नागरिकों से इस अभियान से जुड़ने की अपील की।
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डीसी ने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान का उद्देश्य केवल आसपास की सफाई करना ही नहीं है, अपितु नागरिकों की सहभागिता से अधिक-से अधिक पेड़ लगाना, कचरा मुक्त वातावरण बनाना, शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराकर एक स्वच्छ भारत का निर्माण करना है। देश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए स्वच्छ भारत का निर्माण करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। साफ, स्वस्थ और स्वच्छ भारत के निर्माण के लिए हमें स्वच्छता ही सेवा अभियान में भागीदार बनना होगा। इस अभियान के तहत लोगों को गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग एकत्रित करने, डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के दौरान प्लास्टिक आदि ठोस कचरे के निष्पादन, साथ ही सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग नहीं करने, जूट व कपड़े के थैले के प्रयोग के बारे में जानकारी दी जा रही है। यह अभियान दो अक्टूबर, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती तक जारी रहेगा।
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स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत आगे ये कार्यक्रम होंगे आयोजित
डीसी अशोक कुमार गर्ग ने बताया कि 23 सितंबर को संवाद ओडीएफ प्लस अभियान बारे, 24 सितंबर को स्लोगन लेखन कूड़ा न फैलाने बारे शपथ, 25 सितंबर को विद्यार्थियों द्वारा स्वच्छता व प्लास्टिक वेस्ट न जलाने बारे जागरूकता रैली तथा 26 से 30 सितंबर तक स्वच्छता पर आधारित अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। एक अक्तूबर को स्वच्छता में उत्कृष्ट करने वाले वर्करों को सम्मानित किया जाएगा तथा 2 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर सार्वजनिक स्थानों से प्लास्टिक व कूड़ा एकत्रित करने के लिए श्रमदान कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।