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मेडिकल प्रक्रिया और हलफनामे तैयार कराने में बीता दिन
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 02 May 2017 01:02 AM IST
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हलफनामा बनवाने के लिए इंतजार करती जेबीटी टीचर।
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तीन साल से नियुक्ति के लिए संघर्ष कर रहे नवचयनित जेबीटी शिक्षकों की सोमवार को मेडिकल, हलफनाम सहित अन्य नियुक्ति संबंधी प्रक्रिया पूरी हुई। मंगलवार के बाद शिक्षकों को स्कूल अलॉट कर दिए जाएंगे। हालांकि नियुक्ति पत्र सौंपने का कार्य सोमवार को ही हो जाना था। लेकिन मेडिकल की लंबी प्रक्रिया और तहसीलदार से सत्यापित सेल्फ डेक्लेरेशन एफिडेविट तैयार करवाने में शिक्षकों का पूरा दिन बीत गया। इसके चलते शिक्षक कागजात जमा नहीं करवा पाए। देर शाम तक एक भी शिक्षक को नियुक्ति पत्र नहीं मिला था। वहीं सोमवार को सभी शिक्षक कार्यालय पहुंच भी नहीं पाए। अधिकतर शिक्षकों का शाम तक मेडिकल होता रहा। जिले में 15 नवचयनित जेबीटी शिक्षकों को स्कूल अलॉट होने हैं। स्कूलों में आवश्यकता के अनुसार इन शिक्षकों को भेजा जाएगा।
लंबे संघर्ष के बाद नियुक्ति मिलने की खुशी अब इन शिक्षकों के चेहरे पर साफ देखी जा सकती है। शिक्षक, भूपेंद्र, नेहा व अंजू ने बताया कि इन तीन सालों में रोजगार के टोटे हो गए थे। निजी स्कूल वाले एक साल का अनुबंध की शर्त रखते थे। जिसके चलते किसी भी स्कूल में नौकरी नहीं मिल पा रही थी। वहीं घर की आर्थिक स्थिति भी खराब हो चली थी। लेकिन अब नियुक्ति मिल जाने से वाकई खुशी महसूस हो रही है।
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ज्वाइनिंग के लिए सभी कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद शिक्षकों को स्कूल अलॉट किए जाएंगे। फिलहाल शिक्षकों की जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में उपस्थिति दर्ज करानी होगी। इसके बाद जरूरत वाले स्कूलों में भेज दिया जाएगा।
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- योगेश चंद्र रंगा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी
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लंबे संघर्ष के बाद नियुक्ति मिलने की खुशी अब इन शिक्षकों के चेहरे पर साफ देखी जा सकती है। शिक्षक, भूपेंद्र, नेहा व अंजू ने बताया कि इन तीन सालों में रोजगार के टोटे हो गए थे। निजी स्कूल वाले एक साल का अनुबंध की शर्त रखते थे। जिसके चलते किसी भी स्कूल में नौकरी नहीं मिल पा रही थी। वहीं घर की आर्थिक स्थिति भी खराब हो चली थी। लेकिन अब नियुक्ति मिल जाने से वाकई खुशी महसूस हो रही है।
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ज्वाइनिंग के लिए सभी कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद शिक्षकों को स्कूल अलॉट किए जाएंगे। फिलहाल शिक्षकों की जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में उपस्थिति दर्ज करानी होगी। इसके बाद जरूरत वाले स्कूलों में भेज दिया जाएगा।
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- योगेश चंद्र रंगा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी