{"_id":"6a8b36bfce30f8aae400c943","slug":"major-change-in-super-100-program-entrance-exam-mandatory-for-class-10-students-rewari-news-c-198-1-fth1001-244137-2026-08-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: सुपर-100 कार्यक्रम में बड़ा बदलाव, 10वीं के छात्रों के लिए प्रवेश परीक्षा अनिवार्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: सुपर-100 कार्यक्रम में बड़ा बदलाव, 10वीं के छात्रों के लिए प्रवेश परीक्षा अनिवार्य
Sun, 23 Aug 2026 11:36 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 23 Aug 2026 11:36 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रेवाड़ी। शिक्षा विभाग ने सुपर-100 कार्यक्रम के नियमों में बदलाव किया है। अब कक्षा 10वीं कक्षा की अर्धवार्षिक परीक्षा में 60 फीसदी या इससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले प्रत्येक विद्यार्थी के लिए सुपर-100 की प्रवेश परीक्षा देना अनिवार्य होगा।
शिक्षा विभाग के इस फैसले का उद्देश्य ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के उन मेधावी विद्यार्थियों को भी योजना का लाभ दिलाना है, जो जानकारी के अभाव में प्रवेश परीक्षा से वंचित रह जाते थे।
अब पात्र विद्यार्थियों के पंजीकरण की जिम्मेदारी सीधे संबंधित स्कूल मुखिया की होगी। नए नियमों के अनुसार स्कूल प्रिंसिपल को अपने विद्यालय के सभी पात्र विद्यार्थियों का सुपर-100 प्रवेश परीक्षा के लिए पंजीकरण कराना होगा।
विज्ञापन
इसके बाद उन्हें जिला शिक्षा अधिकारी के पास हस्ताक्षर और मुहर के साथ लिखित घोषणा पत्र भी देना होगा। इसमें प्रमाणित करना होगा कि उनके विद्यालय से सभी पात्र विद्यार्थियों का पंजीकरण कराया जा चुका है।
इस व्यवस्था से पात्र विद्यार्थियों की पहचान और उनका पंजीकरण सुनिश्चित हो सकेगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को भी निशुल्क कोचिंग के माध्यम से आईआईटी और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी का अवसर मिलेगा।
पात्र विद्यार्थियों के पंजीकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी स्कूल मुखिया की ओर से पात्र विद्यार्थियों का पंजीकरण नहीं कराया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग का प्रयास है कि योजना का लाभ अंतिम छोर पर बैठे प्रत्येक पात्र विद्यार्थी तक पहुंचाया जा सके।
तीन स्तरों में होगी सुपर-100 के लिए चयन प्रक्रिया
सुपर-100 कार्यक्रम में विद्यार्थियों के चयन की प्रक्रिया भी तीन स्तरों में होगी। लेवल-1 में विद्यार्थियों की वैचारिक समझ और योग्यता परखने के लिए वस्तुनिष्ठ परीक्षा आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा में सफल होने वाले विद्यार्थी लेवल-2 में शामिल होंगे, जिसमें वर्णनात्मक परीक्षा के माध्यम से उनकी विषयगत समझ का आकलन किया जाएगा। लेवल-2 के आधार पर शॉर्टलिस्ट किए गए कुल 1500 विद्यार्थियों को लेवल-3 में शामिल किया जाएगा। यह अंतिम चरण 750-750 विद्यार्थियों के दो बैच में आयोजित होगा। प्रत्येक बैच की प्रक्रिया 15-15 दिनों तक चलेगी। इस दौरान विद्यार्थी और उनके माता-पिता की आवासीय कार्यक्रम के प्रति गंभीरता, इच्छाशक्ति और प्रतिबद्धता को परखा जाएगा। तीनों चरणों में प्रदर्शन के आधार पर मेरिट तैयार की जाएगी। इसके बाद मेरिट में स्थान पाने वाले अंतिम 500 विद्यार्थियों को सुपर-100 कार्यक्रम में दाखिला दिया जाएगा।
वर्जन :
सुपर-100 कार्यक्रम का लाभ जिले के सभी पात्र विद्यार्थियों तक पहुंचाना विभाग की प्राथमिकता है। स्कूल मुखियाओं को स्वयं निगरानी करनी होगी। योजना का उद्देश्य ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के मेधावी विद्यार्थियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।-रीनू यादव, जिला विज्ञान विशेषज्ञ।
विज्ञापन
शिक्षा विभाग के इस फैसले का उद्देश्य ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के उन मेधावी विद्यार्थियों को भी योजना का लाभ दिलाना है, जो जानकारी के अभाव में प्रवेश परीक्षा से वंचित रह जाते थे।
विज्ञापन
अब पात्र विद्यार्थियों के पंजीकरण की जिम्मेदारी सीधे संबंधित स्कूल मुखिया की होगी। नए नियमों के अनुसार स्कूल प्रिंसिपल को अपने विद्यालय के सभी पात्र विद्यार्थियों का सुपर-100 प्रवेश परीक्षा के लिए पंजीकरण कराना होगा।
विज्ञापन
इसके बाद उन्हें जिला शिक्षा अधिकारी के पास हस्ताक्षर और मुहर के साथ लिखित घोषणा पत्र भी देना होगा। इसमें प्रमाणित करना होगा कि उनके विद्यालय से सभी पात्र विद्यार्थियों का पंजीकरण कराया जा चुका है।
इस व्यवस्था से पात्र विद्यार्थियों की पहचान और उनका पंजीकरण सुनिश्चित हो सकेगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को भी निशुल्क कोचिंग के माध्यम से आईआईटी और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी का अवसर मिलेगा।
पात्र विद्यार्थियों के पंजीकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी स्कूल मुखिया की ओर से पात्र विद्यार्थियों का पंजीकरण नहीं कराया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग का प्रयास है कि योजना का लाभ अंतिम छोर पर बैठे प्रत्येक पात्र विद्यार्थी तक पहुंचाया जा सके।
तीन स्तरों में होगी सुपर-100 के लिए चयन प्रक्रिया
सुपर-100 कार्यक्रम में विद्यार्थियों के चयन की प्रक्रिया भी तीन स्तरों में होगी। लेवल-1 में विद्यार्थियों की वैचारिक समझ और योग्यता परखने के लिए वस्तुनिष्ठ परीक्षा आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा में सफल होने वाले विद्यार्थी लेवल-2 में शामिल होंगे, जिसमें वर्णनात्मक परीक्षा के माध्यम से उनकी विषयगत समझ का आकलन किया जाएगा। लेवल-2 के आधार पर शॉर्टलिस्ट किए गए कुल 1500 विद्यार्थियों को लेवल-3 में शामिल किया जाएगा। यह अंतिम चरण 750-750 विद्यार्थियों के दो बैच में आयोजित होगा। प्रत्येक बैच की प्रक्रिया 15-15 दिनों तक चलेगी। इस दौरान विद्यार्थी और उनके माता-पिता की आवासीय कार्यक्रम के प्रति गंभीरता, इच्छाशक्ति और प्रतिबद्धता को परखा जाएगा। तीनों चरणों में प्रदर्शन के आधार पर मेरिट तैयार की जाएगी। इसके बाद मेरिट में स्थान पाने वाले अंतिम 500 विद्यार्थियों को सुपर-100 कार्यक्रम में दाखिला दिया जाएगा।
वर्जन :
सुपर-100 कार्यक्रम का लाभ जिले के सभी पात्र विद्यार्थियों तक पहुंचाना विभाग की प्राथमिकता है। स्कूल मुखियाओं को स्वयं निगरानी करनी होगी। योजना का उद्देश्य ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के मेधावी विद्यार्थियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।-रीनू यादव, जिला विज्ञान विशेषज्ञ।