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Rewari News: लम्पी स्किन डिजीज को लेकर पशुपालकों को सतर्क रहने की चेतावनी
Mon, 24 Aug 2026 12:03 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Mon, 24 Aug 2026 12:03 AM IST
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रेवाड़ी। जिले में लम्पी स्किन डिजीज को लेकर पशुपालन एवं डेयरी विभाग सतर्क है। उप निदेशक पशुपालन एवं डेयरी डॉ. विनोद यादव ने सभी पशु चिकित्सकों को अपने क्षेत्रों में पशुपालकों को जागरूक करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने बताया कि लम्पी बीमारी से संक्रमित गायों में तेज बुखार, सुस्ती, भूख में कमी, दूध उत्पादन कम होना और शरीर पर गोल और उभरी हुई गांठें लक्षण दिखते हैं। इसके अलावा आंख-नाक से स्राव, लिम्फ नोड्स में सूजन और पैरों में सूजन भी हो सकती है।
पॉली क्लीनिक सहारनवास के प्रभारी डॉ. प्रदीप जांगड़ा ने बताया कि बीमारी का प्रसार मुख्य रूप से मच्छर, मक्खी, चिचड़ और अन्य रक्त चूसने वाले कीटों से होता है। उन्होंने पशुपालकों से पशुशाला की नियमित सफाई करने और संदिग्ध पशुओं को स्वस्थ पशुओं से अलग रखने की अपील की।
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वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. शेखर यादव ने बताया कि विभागीय निर्देशानुसार टीकाकरण, कीट नियंत्रण और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हर त्वचा की गांठ को लम्पी बीमारी नहीं माना जाना चाहिए, इसलिए पशु चिकित्सकीय जांच आवश्यक है।
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उन्होंने बताया कि लम्पी बीमारी से संक्रमित गायों में तेज बुखार, सुस्ती, भूख में कमी, दूध उत्पादन कम होना और शरीर पर गोल और उभरी हुई गांठें लक्षण दिखते हैं। इसके अलावा आंख-नाक से स्राव, लिम्फ नोड्स में सूजन और पैरों में सूजन भी हो सकती है।
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पॉली क्लीनिक सहारनवास के प्रभारी डॉ. प्रदीप जांगड़ा ने बताया कि बीमारी का प्रसार मुख्य रूप से मच्छर, मक्खी, चिचड़ और अन्य रक्त चूसने वाले कीटों से होता है। उन्होंने पशुपालकों से पशुशाला की नियमित सफाई करने और संदिग्ध पशुओं को स्वस्थ पशुओं से अलग रखने की अपील की।
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वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. शेखर यादव ने बताया कि विभागीय निर्देशानुसार टीकाकरण, कीट नियंत्रण और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हर त्वचा की गांठ को लम्पी बीमारी नहीं माना जाना चाहिए, इसलिए पशु चिकित्सकीय जांच आवश्यक है।