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Rewari: जिस गांव ने मंत्री, IG, 25 कर्नल और सेनाओं के 106 अधिकारी दिए, वहां जरूरी सुविधाओं के लिए तरसे लोग
Thu, 20 Oct 2022 02:57 AM IST
भूपेंद्र सिंह
जगदीश यादव, संवाद न्यूज एजेंसी, कोसली, रेवाड़ी (हरियाणा)
जगदीश यादव, संवाद न्यूज एजेंसी, कोसली, रेवाड़ी (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Thu, 20 Oct 2022 02:57 AM IST
सार
कोसली 18 साल पहले आदर्श गांव घोषित हुआ था। सांसद निधि से 5 वर्ष में विकास के नाम पर एक भी रुपया नहीं मिला। 12 हजार से अधिक आबादी वाले इस गांव में करीब 7700 मतदाता हैं।
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कोसली स्थित बाबा मुक्तेश्वरी मठ।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
हरियाणा प्रदेश को एक मंत्री, एक आईजी, 25 कर्नल व देश की तीनों सेनाओं को 106 वरिष्ठ अधिकारी देने वाले रेवाड़ी के गांव कोसली के लोग जरूरी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। कोसली को उपमंडल का दर्जा भी प्राप्त है। 18 साल पहले आदर्श गांव का दर्जा भी मिल चुका है। उपमंडल का सबसे बड़ा गांव होने के नाते सांसद निधि से गांव को 5 वर्ष में एक रुपया भी विकास के नाम पर नहीं मिला है।
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पूर्व सहकारिता मंत्री विक्रम सिंह की तरफ से 35 लाख रुपये व वर्तमान विधायक लक्ष्मण सिंह यादव की तरफ से 10 लाख रुपये का बजट विकास कार्यों के लिए आया है। इसके अलावा विभिन्न मदों के माध्यम से पांच साल में करीब एक करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
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12 हजार से अधिक आबादी वाले इस गांव में करीब 7700 मतदाता हैं। जिला परिषद व पंचायत समिति के सदस्यों को अच्छी खासी लीड चुनाव में देने के साथ उनके भाग्य का फैसला करते हैं। गांव में पंचायत द्वारा लगाए गए सफाई कर्मचारियों को बजट के अभाव में पिछले डेढ़ वर्ष से हटा दिया है। इससे गांव में सफाई व्यवस्था बदहाल है। गांव में गंदे पानी की निकासी न होने से समूचा गांव में हमेशा गंदगी का आलम बना रहता है।
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गांव में डाकघर, पशु अस्पताल, थाना, सामान्य अस्पताल है। एसडीएम कार्यालय, जुडिशल कोर्ट है। इसके अलावा एक सरकारी और एक निजी कॉलेज हैं। बात करें अन्य सुविधाओं की तो गांव में सफाई तक नहीं है। नालियां कूड़े और गंदगी से अटी पड़ी हैं। कोसलीया गोत्र के देश भर में फैले लोग मान्यता वाला बाबा मुक्तेश्वर पुरी मठ गांव में स्थित हैं।
क्या कहना है गांव के लोगों का
गांव को आदर्श व निर्मल गांव का दर्जा बेशक दे दिया गया हो, लेकिन गांव में सड़क किनारे और जोहड़ में गंदगी फैली रहती है। रोचक पहलू यह है कि इन हालात के बावजूद सर्वे के बाद ग्राम पंचायत को जिलास्तर पर निर्मल गांव पुरस्कार भी मिल चुका है। ऐसे में जाहिर है कि निर्मल गांव का दर्जा देने के बाद जिला प्रशासन गांव की सफाई व्यवस्था को लेकर कोई ध्यान नहीं दिया। - ओम प्रकाश, ग्रामीण
गांव में सामुदायिक सभागार पंचायत घर बने हुए हैं। गांव में पंचायत समिति ने एक लाख अनुदान देकर करीब 5 स्ट्रीट लाइटें लगवाई, जिनमें से कुछ चालू अवस्था में हैं। पंचायत की ओर से लगवाई गई स्ट्रीट लाइटों में से अधिकतर खराब हैं। गांव में पिछले 2 साल से सफाई कर्मचारी न होने से गांव में सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है। गांव में नशा करने वाले और असामाजिक तत्वों की गतिविधियों से महिलाओं की सुरक्षा को लेकर असंतोष है। - दयावान, ग्रामीण
सांसद निधि से 5 वर्ष में कुछ नहीं मिला। पूर्व मंत्री विक्रम सिंह यादव ने 35 लाख रुपये, विकास के लिए धनराशि दी थी, जिसमें आम रास्ते बनवाए गए और अन्य कार्य किए गए। पंचायत समिति की ओर से भी कुछ धनराशि आई थी, जिसमें गांव में स्ट्रीट लाइटें लगवाई गईं। पंचायत ने अपनी ओर से गांव में स्ट्रीट लाइटें लगवाई और अब आधी चालू हैं। - निवर्तमान पंच सुनील शर्मा।
अभी गांव में खेल का मैदान है, लेकिन वहां कोच नहीं है। गांव में विश्व प्रसिद्ध बाबा मुक्तेश्वर मंदिर जो कोसलीया गोत्र का सबसे बड़ा आस्था का केंद्र है। गांव में आदर्श गांव की व्यवस्था को दुरुस्त करने की जरूरत है। -संतोष, ग्रामीण
यह हैं प्रमुख समस्याएं
गांव में जलापूर्ति की अव्यवस्था, गंदे पानी की निकासी की मुख्य समस्याएं हैं। गांव के बीच में तीन तालाब हैं, बारिश के दौरान ओवरफ्लो होते रहते हैं।लोग परेशान रहते हैं।
पंचायत के साथ सही तालमेल बैठने की वजह से लगभग तीन लाख की लागत से गांव में पूर्व मंत्री राव रामनारायण मार्ग को पक्का करवाया गया। इसके अलावा प्राइमरी स्कूल की दीवार के लिए एक लाख दिलाए और गांव के वाल्मीकि मंदिर में पंचायत समिति की ओर से एक सबमर्सिबल लगवाई गई। पूरा और सही दिशा में प्रयास किया गया और उसका लाभ भी मिला। -अरुण कुमार, निवर्तमान, वार्ड नंबर 17 पंचायत समिति सदस्य।