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Rewari News: ग्रामीण क्षेत्रों में बसों का अभाव, लोग परेशान
Thu, 20 Jun 2024 01:12 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Thu, 20 Jun 2024 01:12 AM IST
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रेवाड़ी। ग्रामीण क्षेत्रों में रोडवेज की बसों की संख्या कम होने की वजह से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि कनीना-कोसली के लिए दो और कोसली से डहीना के लिए एक बस भी नहीं है।
दूसरी तरफ गांव नाहड़ से पर्याप्त बसें न चलने से ग्रामीणों व विद्यार्थियों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। नाहड़ खंड का सबसे बड़ा गांव है। इसमें तहसील ब्लॉक ऑफिस, बीईओ ऑफिस, बीआरसी ऑफिस, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पशु चिकित्सालय पुलिस चौकी बैंक बिजली कार्यालय वन विभाग पटवार घर सीडीपीओ ऑफिस स्कूल पोस्ट आफिस आदि कार्यालय हैं। जहां सैकड़ों कर्मचारियों को ड्यूटी के लिए और विद्यार्थियों को पढ़ने के लिए आना जाना पड़ता है।
ग्रामीणों के अनुसार पहले नाहड़ से रोहतक, झज्जर, चण्डीगढ़, दादरी, भिवानी, गुरुग्राम, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, नारनौल आदि शहरों के लिए सीधी बस सेवा थी, जिसका कर्मचारी तथा विद्यार्थी लाभ उठा रहे थे। फिलहाल एक दो बसों को छोड़कर सभी रूटों की बसों को बंद कर दिया गया है। इसके चलते ग्रामीणों खासकर महिलाओं और छात्राओं को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
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इंसेट
बावल जाने वालों की संख्या अधिक
बावल से रेवाड़ी, कोसली व डहीना जाने वालों की संख्या काफी अधिक होती है, क्योंकि बाबल औद्योगिक क्षेत्र है। यहां पर बड़ी संख्या में लोग कामकाज करते हैं। शाम के समय पर्याप्त बसें न होने की वजह से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अगर बसें चलती भी हैं तो उसका समय लोगों के हिसाब से सही नहीं होता है। कई बार तो बस भी लोगों को समय पर नहीं मिल पाती है। इससे आने-जाने में काफी परेशानी होती है।
30 बसों के लिए भेजा गया है पत्र
रोडवेज को 30 नई बसें मिलेंगी। इसके लिए रोडवेज ने मुख्यालय डिमांड भेजी है। यह बसें जल्द ही मिलने की संभावना है। रोडवेज को 30 नई बसें मिलने के बाद बसों का बेड़ा पूरा हो जाएगा। रोडवेज को करीब 177 बसों की जरूरत है। मौजूदा समय में 148 बसें रोडवेज के पास हैं। नई बसें मिलने के बाद बसों को उन रूटों पर उतारा जाएगा, जहां पर इस वक्त सबसे ज्यादा जरूरत है। कई रूट ऐसे हैं जहां एक या दो बस ही पूरे दिन में जा पाती हैं। अभी पलवल से 10 बसें मिलने वाली हैं।
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वर्जन
रोडवेज की ओर से 30 बसों के लिए पत्र भेजा गया है। अभी 10 बसें जल्द मिलने वाली हैं। इन बसों को उन रूटों पर उतारा जाएगा जहां पर सबसे अधिक जरूरत है। इसके लिए प्रक्रिया अमल में लाई जा रही है।- देवदत्त, महाप्रबंधक रेवाड़ी।
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दूसरी तरफ गांव नाहड़ से पर्याप्त बसें न चलने से ग्रामीणों व विद्यार्थियों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। नाहड़ खंड का सबसे बड़ा गांव है। इसमें तहसील ब्लॉक ऑफिस, बीईओ ऑफिस, बीआरसी ऑफिस, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पशु चिकित्सालय पुलिस चौकी बैंक बिजली कार्यालय वन विभाग पटवार घर सीडीपीओ ऑफिस स्कूल पोस्ट आफिस आदि कार्यालय हैं। जहां सैकड़ों कर्मचारियों को ड्यूटी के लिए और विद्यार्थियों को पढ़ने के लिए आना जाना पड़ता है।
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ग्रामीणों के अनुसार पहले नाहड़ से रोहतक, झज्जर, चण्डीगढ़, दादरी, भिवानी, गुरुग्राम, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, नारनौल आदि शहरों के लिए सीधी बस सेवा थी, जिसका कर्मचारी तथा विद्यार्थी लाभ उठा रहे थे। फिलहाल एक दो बसों को छोड़कर सभी रूटों की बसों को बंद कर दिया गया है। इसके चलते ग्रामीणों खासकर महिलाओं और छात्राओं को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
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बावल जाने वालों की संख्या अधिक
बावल से रेवाड़ी, कोसली व डहीना जाने वालों की संख्या काफी अधिक होती है, क्योंकि बाबल औद्योगिक क्षेत्र है। यहां पर बड़ी संख्या में लोग कामकाज करते हैं। शाम के समय पर्याप्त बसें न होने की वजह से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अगर बसें चलती भी हैं तो उसका समय लोगों के हिसाब से सही नहीं होता है। कई बार तो बस भी लोगों को समय पर नहीं मिल पाती है। इससे आने-जाने में काफी परेशानी होती है।
30 बसों के लिए भेजा गया है पत्र
रोडवेज को 30 नई बसें मिलेंगी। इसके लिए रोडवेज ने मुख्यालय डिमांड भेजी है। यह बसें जल्द ही मिलने की संभावना है। रोडवेज को 30 नई बसें मिलने के बाद बसों का बेड़ा पूरा हो जाएगा। रोडवेज को करीब 177 बसों की जरूरत है। मौजूदा समय में 148 बसें रोडवेज के पास हैं। नई बसें मिलने के बाद बसों को उन रूटों पर उतारा जाएगा, जहां पर इस वक्त सबसे ज्यादा जरूरत है। कई रूट ऐसे हैं जहां एक या दो बस ही पूरे दिन में जा पाती हैं। अभी पलवल से 10 बसें मिलने वाली हैं।
वर्जन
रोडवेज की ओर से 30 बसों के लिए पत्र भेजा गया है। अभी 10 बसें जल्द मिलने वाली हैं। इन बसों को उन रूटों पर उतारा जाएगा जहां पर सबसे अधिक जरूरत है। इसके लिए प्रक्रिया अमल में लाई जा रही है।- देवदत्त, महाप्रबंधक रेवाड़ी।