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श्रम विरोधी नीतियों के विरोध में सड़कों पर उतरे कर्मचारी संगठन
ब्यूरो /अमर उजाला
Updated Sat, 03 Sep 2016 12:39 AM IST
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श्रम नीतियों के विरोध में हड़ताल
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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श्रम विरोधी नीतियों के विरोध में शुक्रवार को मजदूर संगठनों की हड़ताल का जिले में मिलाजुला असर देखने को मिला। बिजली, बैंक, पीएचई के अलावा अन्य विभागों के कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में हड़ताल में भाग लिया। कर्मचारी संगठनों ने अपने कार्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शन किया।
कर्मचारियों की हड़ताल के कारण जहां बिजली का फाल्ट ठीक नहीं हुआ वहीं पानी नहीं आने से लोगों को परेशानी हुई। रोडवेज की बसें जिले में सुचारु रूप से चली। इस दौरान प्रशासन द्वारा लगाई धारा-144 की धज्जियां उड़ती नजर आई। 10 मजदूर संगठनों की हड़ताल के कारण वीरवार रात 12 बजे से शुक्रवार शाम पांच बजे तक पेयजल आपूर्ति ठप रहने से लोगों को पानी खरीदकर पानी पड़ा।
वहीं बावल और धारूहेड़ा औद्योगिक क्षेत्र से भी कंपनी कर्मचारियों ने श्रम विरोधी नीतियों के विरोध में नारेबाजी की। भारी संख्या में कंपनी कर्मचारियों ने देश व्यापी हड़ताल में हिस्सा लिया। सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान चंद्रभान यादव ने बताया कि कर्मचारियों में सरकार की दमनकारी नीतियों और मजदूर विरोधी कानून को लेकर रोष है। कर्मचारियों की 12 सूत्रीय मांगों को केंद्र सरकार तुरंत प्रभाव से पूरा करे।
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रोडवेज व्यवस्था रही सुचारु
भारतीय मजदूर संघ के संबद्ध रोडवेज स्टाफ संगठन, रोडवेज एससी कर्मचारी यूनियन के कर्मचारियों ने हड़ताल में हिस्सा नहीं लिया। रोडवेज में इन संगठनों के कर्मचारियों की संख्या अधिक है, इस कारण रोडवेज बस सेवा बाधित नहीं हुई। रोडवेज के 604 कर्मचारियों से केवल 17 कर्मचारी ही हड़ताल पर बैठे थे। झज्जर रूट पर बसों में समस्या रही। झज्जर, रोहतक डीपो में हड़ताल प्रभावी होने के कारण बसें कोलाना से आगे नहीं चल पाई। वहीं जम्मू, कटरा, जयपुर, दिल्ली, गुड़गांव सहित अन्य रूटों पर बस सेवा सुचारु रही। रोडवेज महाप्रबंधक राजीव नागपाल ने बताया कि जिले में हड़ताल होते हुए भी रोडवेज सेवा शत प्रतिशत चली।
निगम के 90 प्रतिशत कर्मचारी रहे हड़ताल पर
बिजली निगम में डीएचबीवीएन और एचबीवीपीएन के कुल 630 के करीब कर्मचारियों ने राष्ट्रव्यापी हड़ताल में हिस्सा लिया। बिजली कर्मियों ने सरकारी की कर्मचारी विरोधी और निजीकरण के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं सब स्टेशनों में दिनभर पावर कट, बिजली समस्या को लेकर फोन बजते रहे।
पेयजल सप्लाई रही बाधित
जनस्वास्थ्य विभाग के 70 से अधिक कर्मचारी धारूहेड़ा चुंगी स्थित बूस्टिंग स्टेशन परिसर में धरने पर बैठे। गुरुवार रात्रि 12 बजे के बाद पेयजल आपूर्ति ठप हो गई थी। इससे लोगों को पेयजल के अभाव में खरीदकर पानी पीया। शुक्रवार शाम पांच बजे के बाद वॉटर सप्लाई चालू की गई।
धारा-144 की उड़ी धज्जियां
देश व्यापी हड़ताल के लिहाज से जिला प्रशासन की तरफ से बस स्टैंड, रेलवे सहित सभी सार्वजनिक और विभाग परिसरों में धारा-144 लागू कर पांच या इससे अधिक लोगों को एकत्रित होने पर रोक लगाने के निर्देश थे, लेकिन शुक्रवार को पुलिस प्रशासन और डीसी के आदेशों के ठेंगा दिखाते नजर आए। वहीं कर्मचारियों ने अपने कार्यालय परिसर में बैठकर प्रदर्शन किया। दूसरी तरफ पुलिस ने भी कर्मचारियों को पब्लिक प्लेस से हटाने में कोई दिलचस्पी नहीं ली।
10 सूत्रीय मांगों के समर्थन में आई एआईयूटीयूजी
केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर आल इंडिया यूटीयूजी से संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका यूनियन हरियाणा, मिड-डे-मील कार्यकर्ता यूनियन हरियाणा, आशा कार्यकर्ता यूनियन हरियाणा, संयुक्त कर्मचारी मंच हरियाणा, ग्रामीण चौकीदार, ग्रामीण सफाई कर्मचारी, आल इंडिया बैंक ए लॉइज यूनिट फार्म, हुडा कर्मचारी और जेपीए से संबंधित सभी कर्मचारियों ने अपनी 10 सूत्रीय मांगों के समर्थन में हड़ताल पर रहे। सचिव बलराम ने बताया कि आंगनबाड़ी, आशा, मिड-डे-मील का बहुत अधिक शोषण हो रहा है इनको सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लिया जाए। कम से कम 18000 रुपये मासिक मेहनताना दिया जाना चाहिए।
20 से अधिक कंपनी कर्मचारी हड़ताल में शामिल
धारूहेड़ा। शहर के औद्योगिक क्षेत्र में 20 से अधिक कंपनियों के श्रमिक संगठनों ने हड़ताल का समर्थन किया। श्रमिकों ने सड़क पर प्रदर्शन किया। सोहना रोड स्थित नगरपालिका परिसर मे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों ने शांतिपूर्वक प्रदर्शन किया। हरियाणा पर्यटन निगम के सोहना रोड स्थित जंगल बेबलर के सामने भी कर्मचारियों ने शांतिपूर्वक प्रदर्शन किया। उधर, हड़ताल को लेकर पुलिस ने भी शहर में व्यापक इंतजाम कर रखे थे।
धरने पर बैठे कर्मचारी
खोल। रेवाड़ी- महेंद्रगढ़ सड़क पर हरियाणा रोडवेज की बसें दौड़ती नजर आई। बुड़ौली सब स्टेशन प्रांगण में जेई अरुण्का और सूरजभान के नेतृत्व में धरने पर बैठे। डहीना स्थित सेंट्रल बैंक में शुक्रवार को हड़ताल के चलते कामकाज नहीं हुआ है।
बिजली-पानी पर दिखा असर
कोसली। कोसली क्षेत्र में हड़ताल के चलते विभिन्न विभागों के दफ्तरों में कुर्सियां खाली पड़ी रही और सरकारी कामकाज ठप रहा। कर्मचारियों ने अपने कार्यालयों के सामने बैठकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। हड़ताल के कारण कोसली शहर और आसपास की कॉलोनियों में पेयजल सप्लाई नही हो पाया। शहरवासी महेंद्र कुमार का कहना है कि कोसली में आज बिजली-पानी के अभाव में भटकते रहे और लोगों ने पानी खरीदकर पीया। वहीं कोसली तहसीलदार ने प्रवीण कुमार ने बताया कि कोसली शहर में जहां बिजली के कटो का कोई असर नही रहा वही ग्रामीण क्षेत्रों में भी बिजली की आपूर्ति समय के अनुसार रही। कुछ इलाकों में पीने के पानी कि सप्लाई नहीं हो पाई वहां सप्लाई का प्रबंध किया जा रहा है।
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कर्मचारियों की हड़ताल के कारण जहां बिजली का फाल्ट ठीक नहीं हुआ वहीं पानी नहीं आने से लोगों को परेशानी हुई। रोडवेज की बसें जिले में सुचारु रूप से चली। इस दौरान प्रशासन द्वारा लगाई धारा-144 की धज्जियां उड़ती नजर आई। 10 मजदूर संगठनों की हड़ताल के कारण वीरवार रात 12 बजे से शुक्रवार शाम पांच बजे तक पेयजल आपूर्ति ठप रहने से लोगों को पानी खरीदकर पानी पड़ा।
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वहीं बावल और धारूहेड़ा औद्योगिक क्षेत्र से भी कंपनी कर्मचारियों ने श्रम विरोधी नीतियों के विरोध में नारेबाजी की। भारी संख्या में कंपनी कर्मचारियों ने देश व्यापी हड़ताल में हिस्सा लिया। सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान चंद्रभान यादव ने बताया कि कर्मचारियों में सरकार की दमनकारी नीतियों और मजदूर विरोधी कानून को लेकर रोष है। कर्मचारियों की 12 सूत्रीय मांगों को केंद्र सरकार तुरंत प्रभाव से पूरा करे।
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रोडवेज व्यवस्था रही सुचारु
भारतीय मजदूर संघ के संबद्ध रोडवेज स्टाफ संगठन, रोडवेज एससी कर्मचारी यूनियन के कर्मचारियों ने हड़ताल में हिस्सा नहीं लिया। रोडवेज में इन संगठनों के कर्मचारियों की संख्या अधिक है, इस कारण रोडवेज बस सेवा बाधित नहीं हुई। रोडवेज के 604 कर्मचारियों से केवल 17 कर्मचारी ही हड़ताल पर बैठे थे। झज्जर रूट पर बसों में समस्या रही। झज्जर, रोहतक डीपो में हड़ताल प्रभावी होने के कारण बसें कोलाना से आगे नहीं चल पाई। वहीं जम्मू, कटरा, जयपुर, दिल्ली, गुड़गांव सहित अन्य रूटों पर बस सेवा सुचारु रही। रोडवेज महाप्रबंधक राजीव नागपाल ने बताया कि जिले में हड़ताल होते हुए भी रोडवेज सेवा शत प्रतिशत चली।
निगम के 90 प्रतिशत कर्मचारी रहे हड़ताल पर
बिजली निगम में डीएचबीवीएन और एचबीवीपीएन के कुल 630 के करीब कर्मचारियों ने राष्ट्रव्यापी हड़ताल में हिस्सा लिया। बिजली कर्मियों ने सरकारी की कर्मचारी विरोधी और निजीकरण के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं सब स्टेशनों में दिनभर पावर कट, बिजली समस्या को लेकर फोन बजते रहे।
पेयजल सप्लाई रही बाधित
जनस्वास्थ्य विभाग के 70 से अधिक कर्मचारी धारूहेड़ा चुंगी स्थित बूस्टिंग स्टेशन परिसर में धरने पर बैठे। गुरुवार रात्रि 12 बजे के बाद पेयजल आपूर्ति ठप हो गई थी। इससे लोगों को पेयजल के अभाव में खरीदकर पानी पीया। शुक्रवार शाम पांच बजे के बाद वॉटर सप्लाई चालू की गई।
धारा-144 की उड़ी धज्जियां
देश व्यापी हड़ताल के लिहाज से जिला प्रशासन की तरफ से बस स्टैंड, रेलवे सहित सभी सार्वजनिक और विभाग परिसरों में धारा-144 लागू कर पांच या इससे अधिक लोगों को एकत्रित होने पर रोक लगाने के निर्देश थे, लेकिन शुक्रवार को पुलिस प्रशासन और डीसी के आदेशों के ठेंगा दिखाते नजर आए। वहीं कर्मचारियों ने अपने कार्यालय परिसर में बैठकर प्रदर्शन किया। दूसरी तरफ पुलिस ने भी कर्मचारियों को पब्लिक प्लेस से हटाने में कोई दिलचस्पी नहीं ली।
10 सूत्रीय मांगों के समर्थन में आई एआईयूटीयूजी
केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर आल इंडिया यूटीयूजी से संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका यूनियन हरियाणा, मिड-डे-मील कार्यकर्ता यूनियन हरियाणा, आशा कार्यकर्ता यूनियन हरियाणा, संयुक्त कर्मचारी मंच हरियाणा, ग्रामीण चौकीदार, ग्रामीण सफाई कर्मचारी, आल इंडिया बैंक ए लॉइज यूनिट फार्म, हुडा कर्मचारी और जेपीए से संबंधित सभी कर्मचारियों ने अपनी 10 सूत्रीय मांगों के समर्थन में हड़ताल पर रहे। सचिव बलराम ने बताया कि आंगनबाड़ी, आशा, मिड-डे-मील का बहुत अधिक शोषण हो रहा है इनको सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लिया जाए। कम से कम 18000 रुपये मासिक मेहनताना दिया जाना चाहिए।
20 से अधिक कंपनी कर्मचारी हड़ताल में शामिल
धारूहेड़ा। शहर के औद्योगिक क्षेत्र में 20 से अधिक कंपनियों के श्रमिक संगठनों ने हड़ताल का समर्थन किया। श्रमिकों ने सड़क पर प्रदर्शन किया। सोहना रोड स्थित नगरपालिका परिसर मे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों ने शांतिपूर्वक प्रदर्शन किया। हरियाणा पर्यटन निगम के सोहना रोड स्थित जंगल बेबलर के सामने भी कर्मचारियों ने शांतिपूर्वक प्रदर्शन किया। उधर, हड़ताल को लेकर पुलिस ने भी शहर में व्यापक इंतजाम कर रखे थे।
धरने पर बैठे कर्मचारी
खोल। रेवाड़ी- महेंद्रगढ़ सड़क पर हरियाणा रोडवेज की बसें दौड़ती नजर आई। बुड़ौली सब स्टेशन प्रांगण में जेई अरुण्का और सूरजभान के नेतृत्व में धरने पर बैठे। डहीना स्थित सेंट्रल बैंक में शुक्रवार को हड़ताल के चलते कामकाज नहीं हुआ है।
बिजली-पानी पर दिखा असर
कोसली। कोसली क्षेत्र में हड़ताल के चलते विभिन्न विभागों के दफ्तरों में कुर्सियां खाली पड़ी रही और सरकारी कामकाज ठप रहा। कर्मचारियों ने अपने कार्यालयों के सामने बैठकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। हड़ताल के कारण कोसली शहर और आसपास की कॉलोनियों में पेयजल सप्लाई नही हो पाया। शहरवासी महेंद्र कुमार का कहना है कि कोसली में आज बिजली-पानी के अभाव में भटकते रहे और लोगों ने पानी खरीदकर पीया। वहीं कोसली तहसीलदार ने प्रवीण कुमार ने बताया कि कोसली शहर में जहां बिजली के कटो का कोई असर नही रहा वही ग्रामीण क्षेत्रों में भी बिजली की आपूर्ति समय के अनुसार रही। कुछ इलाकों में पीने के पानी कि सप्लाई नहीं हो पाई वहां सप्लाई का प्रबंध किया जा रहा है।