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Rewari News: कोसली में जरूरत से 73 सहायक लाइनमैन ज्यादा, धारूहेड़ा में 106 लाइन स्टाफ कम
Sun, 12 Jul 2026 12:08 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 12 Jul 2026 12:08 AM IST
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धारूहेड़ा। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) के रेवाड़ी सर्किल में कर्मचारियों की तैनाती में भारी असंतुलन है। कम राजस्व वाले कोसली मंडल में जरूरत से 73 सहायक लाइनमैन (एएलएम) अधिक तैनात हैं। वहीं, सबसे अधिक राजस्व देने वाले धारूहेड़ा मंडल में लाइनमैन और सहायक लाइनमैन के 106 पद खाली पड़े हैं।
इस स्थिति से निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। रिकॉर्ड के अनुसार, कोसली मंडल में सहायक लाइनमैन के 142 स्वीकृत पदों के मुकाबले 215 कर्मचारी कार्यरत हैं। इसके विपरीत धारूहेड़ा मंडल में लाइनमैन और सहायक लाइनमैन के कुल 172 स्वीकृत पदों में से 106 पद रिक्त हैं।
कर्मचारियों की इस कमी से बिजली व्यवस्था पर सीधा असर पड़ रहा है। फाल्ट ठीक करने, लाइनों के रखरखाव और आपूर्ति बहाल करने में लगातार देरी हो रही है।
धारूहेड़ा मंडल रेवाड़ी सर्किल का सबसे महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्र है। यहां बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाइयां, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और घनी आबादी है। इस कारण बिजली की मांग लगातार अधिक रहती है।
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निगम को इस मंडल से सबसे अधिक राजस्व भी मिलता है। इसके बाद भी यहां पर्याप्त लाइन स्टाफ उपलब्ध नहीं है। उपभोक्ताओं को बार-बार बिजली कटौती और लंबे समय तक फाल्ट की समस्या झेलनी पड़ रही है।
स्थानांतरण के बाद भी कार्यभार नहीं
अधिकांश कर्मचारी सिफारिश के आधार पर कोसली में तैनाती चाहते हैं, क्योंकि वहां कार्यभार कम है। धारूहेड़ा जैसे व्यस्त क्षेत्र में काम का दबाव अधिक होने के कारण कर्मचारी वहां जाने से बचते हैं। पिछले वर्ष करीब 10 लाइनमैनों का स्थानांतरण कोसली से धारूहेड़ा और जोनावास उपमंडलों में किया गया था। हालांकि, किसी भी कर्मचारी ने वहां कार्यभार ग्रहण नहीं किया। रेवाड़ी सर्किल के अधीक्षण अभियंता ने मुख्यालय को पत्र भेजकर धारूहेड़ा मंडल में लाइन स्टाफ की कमी स्वीकार की है। उन्होंने अतिरिक्त लाइनमैन और सहायक लाइनमैन की शीघ्र तैनाती की आवश्यकता जताई है। धारूहेड़ा मंडल के कार्यकारी अभियंता धर्मेंद्र रूहिल ने बताया कि उच्च अधिकारियों को प्रस्ताव भेजा जा चुका है।
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इस स्थिति से निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। रिकॉर्ड के अनुसार, कोसली मंडल में सहायक लाइनमैन के 142 स्वीकृत पदों के मुकाबले 215 कर्मचारी कार्यरत हैं। इसके विपरीत धारूहेड़ा मंडल में लाइनमैन और सहायक लाइनमैन के कुल 172 स्वीकृत पदों में से 106 पद रिक्त हैं।
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कर्मचारियों की इस कमी से बिजली व्यवस्था पर सीधा असर पड़ रहा है। फाल्ट ठीक करने, लाइनों के रखरखाव और आपूर्ति बहाल करने में लगातार देरी हो रही है।
धारूहेड़ा मंडल रेवाड़ी सर्किल का सबसे महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्र है। यहां बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाइयां, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और घनी आबादी है। इस कारण बिजली की मांग लगातार अधिक रहती है।
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निगम को इस मंडल से सबसे अधिक राजस्व भी मिलता है। इसके बाद भी यहां पर्याप्त लाइन स्टाफ उपलब्ध नहीं है। उपभोक्ताओं को बार-बार बिजली कटौती और लंबे समय तक फाल्ट की समस्या झेलनी पड़ रही है।
स्थानांतरण के बाद भी कार्यभार नहीं
अधिकांश कर्मचारी सिफारिश के आधार पर कोसली में तैनाती चाहते हैं, क्योंकि वहां कार्यभार कम है। धारूहेड़ा जैसे व्यस्त क्षेत्र में काम का दबाव अधिक होने के कारण कर्मचारी वहां जाने से बचते हैं। पिछले वर्ष करीब 10 लाइनमैनों का स्थानांतरण कोसली से धारूहेड़ा और जोनावास उपमंडलों में किया गया था। हालांकि, किसी भी कर्मचारी ने वहां कार्यभार ग्रहण नहीं किया। रेवाड़ी सर्किल के अधीक्षण अभियंता ने मुख्यालय को पत्र भेजकर धारूहेड़ा मंडल में लाइन स्टाफ की कमी स्वीकार की है। उन्होंने अतिरिक्त लाइनमैन और सहायक लाइनमैन की शीघ्र तैनाती की आवश्यकता जताई है। धारूहेड़ा मंडल के कार्यकारी अभियंता धर्मेंद्र रूहिल ने बताया कि उच्च अधिकारियों को प्रस्ताव भेजा जा चुका है।