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चौसर की चाल के साथ जाटों का प्राणपुरा में धरना शुरू

Mon, 06 Jun 2016 01:32 AM IST
ब्यूरो /अमर उजाला
ब्यूरो /अमर उजाला Updated Mon, 06 Jun 2016 01:32 AM IST
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jat strike begin in pranpura with game of chousar
आरक्षण के लिए आंदोलन - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
चौसर की चालें, हुक्के की गुड़गुड़ाहट और ताश के पत्तों के बीच बावल क्षेत्र के प्राणपुरा में जाट समुदाय के लोगों का आरक्षण के लिए आंदोलन रविवार से शुरू हो गया। आंदोलन में सुबह करीब डेढ़ सौ लोग जिले के अलग-अलग स्थानों से पहुंचे और शाम तक करीब पचास जाट समुदाय के लोग प्राणपुरा बस स्टैंड के पास बरगद और पीपल के नीचे अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिला बैनर तले धरना दिये बैठे थे।
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खास बात यह रही कि पिछली बार जहां जाट आरक्षण आंदोलन के अगुवा युवा थे, वहीं इस बार उनकी जगह बुजुर्ग ही आंदोलन को चला रहे हैं। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश प्रवक्ता जीतराम झाबुआ ने साफतौर पर कहा है कि आरक्षण संबंधी बातचीत पर सरकार के साथ सहमति न बनने तक धरना जारी रहेगा। उधर पुलिस प्रशासन की ओर से एडीसी कैप्टन मनोज कुमार, बावल एसडीएम अमरदीप कुमार, डीएसपी सतपाल, डीएसपी मो.जमाल के अलावा तीन थानाध्यक्ष और 100 के करीब पुलिसकर्मी व अन्य सुरक्षा जवान मौजूद थे।
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कौन-कौन रहे आंदोलन के अगुवा
समिति के प्रदेश प्रवक्ता जीतराम झाबुआ ने बताया कि प्राणपुरा-राणौली में धरने की अगुवाई करने वालों में संरक्षक माड़ाराम, बावल हल्का अध्यक्ष रामकृष्ण छिल्लर, सुरजीत सिंह पहलवान, जैतड़ावास से नरेश सरपंच, टीकला से हरि सिंह कप्तान, बनीपुर से महेंद्र थानेदार, हरचंदपुर से शेर सिंह कटारिया, किशनपुरा से रामजीलाल, राणौली से बस्तीराम, पनवाड़ से किशनलाल आदि हैं। वहीं आरक्षण समिति का युवा जिलाध्यक्ष नवीन सहलोत ने बताया कि फिलहाल युवा आंदोलन से दूर हैं, लेकिन जरूरत पड़ी तो युवा भी आरक्षण के मुद्दे पर जमीन पर उतरेंगे।
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-रेलवे ट्रैक के पास जाट भवन में पुलिस है मुस्तैद
प्राणपुरा-
सुरक्षा के लिये तैनात पुलिसकर्मियों का बुरा हाल

43 डिग्री से ऊपर के पारा और ऊपर से राजस्थान का बॉर्डर होने के चलते रेगिस्तान की ओर से आने वाली लू ने पुलिसकर्मियों का बुरा हाल कर रखा था। बावजूद इसके पुलिसकर्मी सुरक्षा के लिहाज से पूरी तरह तैनात नजर आए। जाट भवन के अलावा पुलिसकर्मी सूरज की तपिश से बचने के लिए पेड़ या मकानों की दीवारों की छांव तलाशते रहे।

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अपनी बात कहने का सबको अधिकार है। बावजूद इसके सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस-प्रशासन मौजूद है। सुरक्षा में कहीं सेंध लगाने की कोशिश हुई तो सख्त कार्रवाई होगी।
-अमरदीप कुमार, एसडीएम, बावल

 
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