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Rewari News: जगमग योजना की चमक फीकी, खंभों पर लगे मीटर बने खतरनाक
Wed, 03 Jun 2026 06:25 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 03 Jun 2026 06:25 PM IST
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नवीन कुमार
जगदीश यादव
कोसली। बिजली आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और लाइन लॉस कम करने के उद्देश्य से दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम द्वारा करोड़ों रुपये खर्च कर लागू की गई जगमग योजना अब कई क्षेत्रों में दम तोड़ती नजर आ रही है।
योजना के तहत घरों के अंदर लगे बिजली मीटरों को निकालकर बिजली के खंभों पर स्थापित किया गया था लेकिन चार वर्ष बाद ही इन मीटरों और बॉक्सों की स्थिति चिंताजनक हो गई है। जगह-जगह टूटे मीटर बॉक्स, खुले तार, खस्ताहाल खंभे और बार-बार आने वाले फाल्ट उपभोक्ताओं के लिए परेशानी और खतरे का कारण बन रहे हैं।
गलियों में बिजली के खंभों पर लगे मीटर बॉक्स क्षतिग्रस्त हैं। कई बॉक्सों का अगला हिस्सा टूट चुका है जबकि कुछ की प्लास्टिक बॉडी वाहन या आवारा पशुओं की टक्कर से क्षतिग्रस्त हो गई है। कई स्थानों पर बॉक्स खंभों से लटकते हैं जिससे किसी भी समय गंभीर दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि मीटर बॉक्सों की खराब स्थिति के कारण करंट फैलने का खतरा हमेशा बना रहता है। विशेष रूप से संकरी गलियों में रहने वाले लोगों को खंभों के पास से गुजरते समय डर सताता है। बच्चों के लिए यह स्थिति और भी खतरनाक है क्योंकि खेलते समय उनका संपर्क खुले तारों या क्षतिग्रस्त मीटर बॉक्सों से हो सकता है।
बिजली निगम ने मीटरों को खंभों पर तो लगा दिया लेकिन उनकी नियमित देखरेख और मरम्मत की ओर ध्यान नहीं दिया गया। शिकायतों के बावजूद कई स्थानों पर महीनों तक समस्याओं का समाधान नहीं हो पाता।
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फाल्ट और बिजली कटौती से बढ़ी परेशानी
क्षेत्र में जगह-जगह केबल फाल्ट की घटनाएं भी आम हो गई है। लोगों का कहना है कि बिजली सप्लाई में बार-बार बाधा आती है और फाल्ट ठीक होने में काफी समय लग जाता है। कई बार कर्मचारियों के पास पर्याप्त उपकरण तक उपलब्ध नहीं होते। आज भी कई स्थानों पर बिजली कर्मियों को काम के लिए लोगों से ही सीढ़ी मांगनी पड़ती है, जो व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
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24 घंटे बिजली के दावों पर सवाल
बिजली निगम भले ही 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने का दावा करता हो लेकिन उपभोक्ताओं का कहना है कि दिन और रात दोनों समय लंबे बिजली कट लग रहे हैं। विशेष रूप से गर्मी के मौसम में घंटों तक बिजली गुल रहने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भी गंभीर बताई जा रही है।
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मीटर बॉक्स अब जर्जर हो चुके हैं। कई बॉक्स टूटे हैं और उनमें से तार बाहर निकले हुए हैं। बच्चों और राहगीरों के लिए यह बड़ा खतरा है। निगम को समय रहते इनकी मरम्मत करनी चाहिए।-नवीन कुमार
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बिजली के खंभों पर लगे मीटर बॉक्सों की हालत बेहद खराब है। कई जगह बॉक्स लटक रहे हैं और बारिश के दिनों में करंट लगने का डर बना रहता है। निगम को नियमित निरीक्षण कर खराब बॉक्स बदलने चाहिए।-दीपक कुमार
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बच्चों को बाहर खेलने भेजते समय हमेशा चिंता रहती है कि कहीं उन्हें करंट न लग जाए। कई बार बिजली कटौती भी लंबे समय तक रहती है। लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए।-राजकुमार
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मीटर बॉक्स और बिजली के खंभे बदहाल स्थिति में हैं। जगह-जगह फाल्ट होने से बिजली आपूर्ति प्रभावित रहती है। खेतों और घरों के काम प्रभावित होते हैं।-खेमचंद
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कोसली। बिजली आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और लाइन लॉस कम करने के उद्देश्य से दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम द्वारा करोड़ों रुपये खर्च कर लागू की गई जगमग योजना अब कई क्षेत्रों में दम तोड़ती नजर आ रही है।
योजना के तहत घरों के अंदर लगे बिजली मीटरों को निकालकर बिजली के खंभों पर स्थापित किया गया था लेकिन चार वर्ष बाद ही इन मीटरों और बॉक्सों की स्थिति चिंताजनक हो गई है। जगह-जगह टूटे मीटर बॉक्स, खुले तार, खस्ताहाल खंभे और बार-बार आने वाले फाल्ट उपभोक्ताओं के लिए परेशानी और खतरे का कारण बन रहे हैं।
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गलियों में बिजली के खंभों पर लगे मीटर बॉक्स क्षतिग्रस्त हैं। कई बॉक्सों का अगला हिस्सा टूट चुका है जबकि कुछ की प्लास्टिक बॉडी वाहन या आवारा पशुओं की टक्कर से क्षतिग्रस्त हो गई है। कई स्थानों पर बॉक्स खंभों से लटकते हैं जिससे किसी भी समय गंभीर दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि मीटर बॉक्सों की खराब स्थिति के कारण करंट फैलने का खतरा हमेशा बना रहता है। विशेष रूप से संकरी गलियों में रहने वाले लोगों को खंभों के पास से गुजरते समय डर सताता है। बच्चों के लिए यह स्थिति और भी खतरनाक है क्योंकि खेलते समय उनका संपर्क खुले तारों या क्षतिग्रस्त मीटर बॉक्सों से हो सकता है।
बिजली निगम ने मीटरों को खंभों पर तो लगा दिया लेकिन उनकी नियमित देखरेख और मरम्मत की ओर ध्यान नहीं दिया गया। शिकायतों के बावजूद कई स्थानों पर महीनों तक समस्याओं का समाधान नहीं हो पाता।
फाल्ट और बिजली कटौती से बढ़ी परेशानी
क्षेत्र में जगह-जगह केबल फाल्ट की घटनाएं भी आम हो गई है। लोगों का कहना है कि बिजली सप्लाई में बार-बार बाधा आती है और फाल्ट ठीक होने में काफी समय लग जाता है। कई बार कर्मचारियों के पास पर्याप्त उपकरण तक उपलब्ध नहीं होते। आज भी कई स्थानों पर बिजली कर्मियों को काम के लिए लोगों से ही सीढ़ी मांगनी पड़ती है, जो व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
24 घंटे बिजली के दावों पर सवाल
बिजली निगम भले ही 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने का दावा करता हो लेकिन उपभोक्ताओं का कहना है कि दिन और रात दोनों समय लंबे बिजली कट लग रहे हैं। विशेष रूप से गर्मी के मौसम में घंटों तक बिजली गुल रहने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भी गंभीर बताई जा रही है।
मीटर बॉक्स अब जर्जर हो चुके हैं। कई बॉक्स टूटे हैं और उनमें से तार बाहर निकले हुए हैं। बच्चों और राहगीरों के लिए यह बड़ा खतरा है। निगम को समय रहते इनकी मरम्मत करनी चाहिए।-नवीन कुमार
बिजली के खंभों पर लगे मीटर बॉक्सों की हालत बेहद खराब है। कई जगह बॉक्स लटक रहे हैं और बारिश के दिनों में करंट लगने का डर बना रहता है। निगम को नियमित निरीक्षण कर खराब बॉक्स बदलने चाहिए।-दीपक कुमार
बच्चों को बाहर खेलने भेजते समय हमेशा चिंता रहती है कि कहीं उन्हें करंट न लग जाए। कई बार बिजली कटौती भी लंबे समय तक रहती है। लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए।-राजकुमार
मीटर बॉक्स और बिजली के खंभे बदहाल स्थिति में हैं। जगह-जगह फाल्ट होने से बिजली आपूर्ति प्रभावित रहती है। खेतों और घरों के काम प्रभावित होते हैं।-खेमचंद

नवीन कुमार

नवीन कुमार

नवीन कुमार

नवीन कुमार