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Rewari News: 6 साल पहले जिस मैदान से फेंसिंग शुरू की, अब वहीं जूनियर कोच बन ट्रेनिंग दे रही ईशा
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कोच, ईशा
विशाल जैमिनी
रेवाड़ी। गांव तिहाड़ा निवासी ईशा ने अपने खेल के दम पर जिला व राज्य का नाम रोशन किया है। छह साल पहले नवंबर 2019 में ईशा ने राव तुलाराम स्टेडियम से फेंसिंग की शुरुआत की थी। अब उन्हें इसी स्टेडियम में जूनियर फेंसिंग कोच के रूप में नियुक्त किया गया है और उन्होंने कार्यभार भी संभाल लिया है।
अब वह बावल में खिलाड़ियों को ट्रेनिंग दे रही हैं। ईशा को यह नियुक्ति हरियाणा सरकार की खेल नीति के तहत आउटस्टैंडिंग स्पोर्ट्स पर्सन (ओएसपी) श्रेणी में दी गई थी। उनकी उपलब्धियों को देखते हुए उन्हें बिना किसी लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के सीधी सरकारी नौकरी प्रदान की गई। संवाद
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राष्ट्रीय स्तर पर सफलता
ईशा ने अब तक कुल पांच राष्ट्रीय पदक जीते हैं। इनमें जूनियर राष्ट्रीय, नेशनल गेम्स और सीनियर राष्ट्रीय पदक शामिल हैं। उनके प्रदर्शन ने उन्हें देश के प्रमुख खिलाड़ियों की सूची में शामिल किया है।
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अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी
ईशा ने छह साल में चार प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। उन्होंने रूस में हुए ब्रिक्स गेम्स में कांस्य पदक जीता। वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स (चीन), एशियन चैंपियनशिप और फॉयल ग्रांड प्रिक्स (साउथ कोरिया) में भी हिस्सा लिया। ईशा ने इटली में एक महीने की विशेष ट्रेनिंग भी प्राप्त की है।
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व्यक्तिगत खेल जारी रखेंगी
कोच बनने के बावजूद ईशा ने कहा कि वे अपनी व्यक्तिगत प्रैक्टिस भी जारी रखेंगी। आने वाले समय में कई महत्वपूर्ण प्रतियोगिताएं होने वाली हैं जिनकी तैयारी वे नियमित रूप से करती रहेंगी। साथ ही वे युवा खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देकर उन्हें भी बेहतर प्रदर्शन के लिए तैयार करेंगी। ईशा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने दादा-दादी, माता-पिता और कोच राजपाल यादव को दिया है। राव तुलाराम स्टेडियम का फेंसिंग सेंटर 2019 में शुरू हुआ था जो अब फेंसिंग अकादमी में बदल चुका है। यहां के खिलाड़ी लगातार विभिन्न प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर जिले का नाम रोशन कर रहे हैं।
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रेवाड़ी। गांव तिहाड़ा निवासी ईशा ने अपने खेल के दम पर जिला व राज्य का नाम रोशन किया है। छह साल पहले नवंबर 2019 में ईशा ने राव तुलाराम स्टेडियम से फेंसिंग की शुरुआत की थी। अब उन्हें इसी स्टेडियम में जूनियर फेंसिंग कोच के रूप में नियुक्त किया गया है और उन्होंने कार्यभार भी संभाल लिया है।
अब वह बावल में खिलाड़ियों को ट्रेनिंग दे रही हैं। ईशा को यह नियुक्ति हरियाणा सरकार की खेल नीति के तहत आउटस्टैंडिंग स्पोर्ट्स पर्सन (ओएसपी) श्रेणी में दी गई थी। उनकी उपलब्धियों को देखते हुए उन्हें बिना किसी लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के सीधी सरकारी नौकरी प्रदान की गई। संवाद
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राष्ट्रीय स्तर पर सफलता
ईशा ने अब तक कुल पांच राष्ट्रीय पदक जीते हैं। इनमें जूनियर राष्ट्रीय, नेशनल गेम्स और सीनियर राष्ट्रीय पदक शामिल हैं। उनके प्रदर्शन ने उन्हें देश के प्रमुख खिलाड़ियों की सूची में शामिल किया है।
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अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी
ईशा ने छह साल में चार प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। उन्होंने रूस में हुए ब्रिक्स गेम्स में कांस्य पदक जीता। वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स (चीन), एशियन चैंपियनशिप और फॉयल ग्रांड प्रिक्स (साउथ कोरिया) में भी हिस्सा लिया। ईशा ने इटली में एक महीने की विशेष ट्रेनिंग भी प्राप्त की है।
व्यक्तिगत खेल जारी रखेंगी
कोच बनने के बावजूद ईशा ने कहा कि वे अपनी व्यक्तिगत प्रैक्टिस भी जारी रखेंगी। आने वाले समय में कई महत्वपूर्ण प्रतियोगिताएं होने वाली हैं जिनकी तैयारी वे नियमित रूप से करती रहेंगी। साथ ही वे युवा खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देकर उन्हें भी बेहतर प्रदर्शन के लिए तैयार करेंगी। ईशा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने दादा-दादी, माता-पिता और कोच राजपाल यादव को दिया है। राव तुलाराम स्टेडियम का फेंसिंग सेंटर 2019 में शुरू हुआ था जो अब फेंसिंग अकादमी में बदल चुका है। यहां के खिलाड़ी लगातार विभिन्न प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर जिले का नाम रोशन कर रहे हैं।