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Rewari News: बारिश में सिग्नल उपकरणों की सुरक्षा व्यवस्था करने के निर्देश
Wed, 02 Jul 2025 12:49 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 02 Jul 2025 12:49 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। रेल ट्रैक पर जलभराव या सिग्नल उपकरण भवन में पानी के रिसाव के कारण सिग्नल या ट्रैक सर्किट फेल होने से रेल संचालन बाधित होता है। इसको गंभीरता से लेते हुए रेल महाप्रबंधक अमिताभ ने सिग्नल उपकरणों की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।
रेल ट्रेक पर जल भराव के कारण ट्रैक सर्किट, पॉइंट्स मशीन, केबल आदि क्षतिग्रस्त होने की आशंका होती है। रिले रूम, केबिन इत्यादि में पानी के रिसाव से सिग्नल फैलियर होने से रेल यातायात प्रभावित होता है।
उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक अमिताभ के निर्देश पर ट्रैक सर्किट और अन्य सिग्नलिंग उपकरणों के नजदीक जल भराव और उपकरण कक्षों में पानी के रिसाव को रोकने के लिए नालियों की सफाई का कार्य किया गया है।
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46 स्टेशनों के यार्ड में एमएसडीएसी (मल्टी सेक्शन डिजिटल एक्सेल काउंटर) उपकरण को ट्रैक सर्किटों के समानांतर लगाया गया है, जिसके कारण बारिश का पानी ट्रैक में भरने पर ट्रैक सर्किट फेल्योर के कारण भी ट्रेनें लेट नहीं होंगी।
10 अन्य स्टेशनों पर भी लगाने की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। ये एक सिग्नलिंग उपकरण है, जो किसी स्टेशन या यार्ड में पॉइंट ज़ोन सेक्शन सहित कई लाइनों के लिए ट्रैक खाली होने का एक साथ पता लगाने के लिए डिजाइन किया गया है । एमएसडीएसी उपकरण डबल डिटेक्शन सुविधाएं प्रदान करता है। इस उपकरण को लगाने से यार्ड में पानी भरने के कारण ट्रैक सर्किट फेल होने के बावजूद ट्रेनों का संचालन संभव हो पाता है।
इसके अतिरिक्त उपकरणों के सभी तरह के इंसुलेशन को जांच कर आवश्यकतानुसार बदला गया है। संवेदनशील स्थानों पर पूर्व के जलभराव के आंकड़ों के आधार पर जंक्शन बॉक्स के स्तर को ऊंचा किया गया है। साथ ही ट्रैक फीड चार्जर फैलियर अलार्म लगाए गए हैं। बहाल होने वाले पीपीटीसी फ्यूज लगाए गए हैं। पॉइंट्स मोटर्स की सही सीलिंग की जांच, सही ग्रीसिंग और ऑयलिंग की जांच की गई है।
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रेवाड़ी। रेल ट्रैक पर जलभराव या सिग्नल उपकरण भवन में पानी के रिसाव के कारण सिग्नल या ट्रैक सर्किट फेल होने से रेल संचालन बाधित होता है। इसको गंभीरता से लेते हुए रेल महाप्रबंधक अमिताभ ने सिग्नल उपकरणों की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।
रेल ट्रेक पर जल भराव के कारण ट्रैक सर्किट, पॉइंट्स मशीन, केबल आदि क्षतिग्रस्त होने की आशंका होती है। रिले रूम, केबिन इत्यादि में पानी के रिसाव से सिग्नल फैलियर होने से रेल यातायात प्रभावित होता है।
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उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक अमिताभ के निर्देश पर ट्रैक सर्किट और अन्य सिग्नलिंग उपकरणों के नजदीक जल भराव और उपकरण कक्षों में पानी के रिसाव को रोकने के लिए नालियों की सफाई का कार्य किया गया है।
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46 स्टेशनों के यार्ड में एमएसडीएसी (मल्टी सेक्शन डिजिटल एक्सेल काउंटर) उपकरण को ट्रैक सर्किटों के समानांतर लगाया गया है, जिसके कारण बारिश का पानी ट्रैक में भरने पर ट्रैक सर्किट फेल्योर के कारण भी ट्रेनें लेट नहीं होंगी।
10 अन्य स्टेशनों पर भी लगाने की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। ये एक सिग्नलिंग उपकरण है, जो किसी स्टेशन या यार्ड में पॉइंट ज़ोन सेक्शन सहित कई लाइनों के लिए ट्रैक खाली होने का एक साथ पता लगाने के लिए डिजाइन किया गया है । एमएसडीएसी उपकरण डबल डिटेक्शन सुविधाएं प्रदान करता है। इस उपकरण को लगाने से यार्ड में पानी भरने के कारण ट्रैक सर्किट फेल होने के बावजूद ट्रेनों का संचालन संभव हो पाता है।
इसके अतिरिक्त उपकरणों के सभी तरह के इंसुलेशन को जांच कर आवश्यकतानुसार बदला गया है। संवेदनशील स्थानों पर पूर्व के जलभराव के आंकड़ों के आधार पर जंक्शन बॉक्स के स्तर को ऊंचा किया गया है। साथ ही ट्रैक फीड चार्जर फैलियर अलार्म लगाए गए हैं। बहाल होने वाले पीपीटीसी फ्यूज लगाए गए हैं। पॉइंट्स मोटर्स की सही सीलिंग की जांच, सही ग्रीसिंग और ऑयलिंग की जांच की गई है।